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भरतपुर में मिला 1000 साल पुराना खजाना! मूर्तियां देख लोग रह गए हैरान, हर पत्थर में छिपी है कहानी और कला

Last Updated:April 18, 2026, 12:52 IST

Bharatpur Museum Ancient Sculptures : भरतपुर का राजकीय संग्रहालय इन दिनों 10वीं शताब्दी की दुर्लभ मूर्तियों के कारण चर्चा में है. कामा क्षेत्र से मिली ये प्राचीन प्रतिमाएं न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि उस दौर की बेहतरीन शिल्पकला और सांस्कृतिक समृद्धि को भी दर्शाती हैं. यहां आने वाले लोग इतिहास को करीब से महसूस कर रहे हैं.

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भरतपुर : भरतपुर के राजकीय संग्रहालय में इतिहास और कला का अद्भुत संगम रखा हुआ है. यहां 10वीं शताब्दी की दुर्लभ और प्राचीन मूर्तियां संरक्षित हैं. जो कामा क्षेत्र से प्राप्त हुई थीं ये मूर्तियां न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं. बल्कि उस समय की उच्च स्तरीय शिल्पकला और सांस्कृतिक समृद्धि को भी दर्शाती हैं. संग्रहालय में रखी गई इन मूर्तियों में हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं का अत्यंत आकर्षक और जीवंत स्वरूप देखने को मिलता है.

ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव की प्रतिमाएं विशेष रूप से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती हैं. इन मूर्तियों में देवताओं के भाव, मुद्राएं और अलंकरण इतने सूक्ष्म और सजीव हैं कि मानो वे आज भी जीवंत हों भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा में पारिवारिक भाव और आध्यात्मिक गहराई का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है. संग्रहालय अधिकारी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि इनके अलावा भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियां भी इस संग्रह का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

कामा की 1000 साल पुरानी मूर्तियां चौंकाएंगीगणेश जी की प्रतिमा में उनकी पारंपरिक आकृति के साथ-साथ कलात्मक नक्काशी की बारीकी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. वहीं कार्तिकेय की प्रतिमा उस समय की युद्धक और वीरता की भावना को दर्शाती है. इन सभी मूर्तियों को देखकर उस युग के कलाकारों की अद्भुत कल्पनाशीलता और कौशल का अंदाजा लगाया जा सकता है. संग्रहालय अधिकारी के अनुसार ये मूर्तियां करीब एक हजार वर्ष पुरानी हैं. और कामा क्षेत्र में खुदाई या अन्य कार्यों के दौरान प्राप्त हुई थीं

भरतपुर संग्रहालय में इतिहास की जीवंत झलकइसके बाद इन्हें सुरक्षित रखने और आमजन को दिखाने के उद्देश्य से भरतपुर के राजकीय संग्रहालय में संरक्षित किया गया आज ये मूर्तियां न केवल शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं. बल्कि आम दर्शकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. संग्रहालय में आने वाले लोग इन प्रतिमाओं को देखकर प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति की भव्यता को करीब से महसूस करते हैं. कामा से प्राप्त ये 10वीं शताब्दी की मूर्तियां भरतपुर की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर का अहम हिस्सा हैं.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

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Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

April 18, 2026, 12:52 IST

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