UP IAS Transfer: आईआईटी की डिग्री, UPSC में 53वीं रैंक, आगरा के नए डीएम बने मनीष बंसल, पत्नी संभाल रही हैं नोएडा की कमान

Last Updated:April 20, 2026, 09:08 IST
Manish Bansal IAS Transfer: उत्तर प्रदेश में देर रात 40 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर किया गया. इस लिस्ट में नोएडा की डीएम मेधा रूपम के पति आईएएस मनीष बंसल का नाम भी शामिल है. जानिए आईआईटी दिल्ली से पासआउट इस चर्चित आईएएस अफसर को अब किस जिले की कमान सौंपी गई है.
Manish Bansal IAS Transfer: आईएएस मनीष बंसल नोएडा डीएम मेधा रूपम के पति हैंनई दिल्ली (Manish Bansal IAS Transfer). उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में देर रात उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब शासन ने बड़े स्तर पर आईएएस अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की. इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नाम मनीष बंसल का रहा, जिन्हें अब ताजनगरी आगरा का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है. सहारनपुर में अपनी कार्यकुशलता की धाक जमाने के बाद आईएएस मनीष बंसल को आगरा जैसे हाई-प्रोफाइल जिले की जिम्मेदारी मिली है.
आईआईटी दिल्ली के गलियारों से निकलकर यूपीएससी के शिखर तक पहुंचने वाले मनीष बंसल की कहानी शानदार है. वह जहां भी रहे, वहां उन्होंने कुछ ऐसा किया जो मिसाल बन गया- चाहे वह लुप्त हो चुकी नदियों को जीवनदान देना हो या जन-शिकायतों का तुरंत निस्तारण. अब जब वे आगरा की कमान संभालने जा रहे हैं तो ताजनगरी के लोगों को उनसे काफी उम्मीदें रहेंगी. जानिए आगरा के नए कप्तान का सफर, उनकी काबिलियत और उनके उस पावरफुल परिवार के बारे में, जो खुद भारतीय प्रशासन का बड़ा स्तंभ है.
आईएएस मनीष बंसल: आगरा के नए ‘बॉस’ की पूरी कहानी
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक सर्जरी करते हुए सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा का नया जिलाधिकारी बनाया है. आगरा न केवल एक ऐतिहासिक शहर है, बल्कि पर्यटन और राजनीति के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील जिला है. आईएएस मनीष बंसल की छवि सुलझे हुए और टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर समस्याओं को हल करने वाले अधिकारी की है. शायद यही वजह है कि शासन ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुना है.
आईआईटी दिल्ली से पासआउट है यूपी कैडर का अफसर
आईएएस मनीष बंसल का शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी गजब रहा है. उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT दिल्ली से बीटेक और एमटेक (इंटीग्रेटेड) की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने समाज सेवा की राह चुनी और यूपीएससी की तैयारी शुरू की. साल 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और पूरे देश में 53वीं रैंक हासिल की. वे 2014 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं.
संभल की ‘सोत नदी’ के बने भागीरथ
आईएएस मनीष बंसल के करियर का सबसे सुनहरा अध्याय यूपी के संभल जिले में लिखा गया. वहां उन्होंने सोत नदी के पुनरुद्धार का बीड़ा उठाया. यह नदी लगभग 110 किलोमीटर के दायरे में अतिक्रमण और गंदगी की वजह से नाला बन चुकी थी. मनीष ने जन-भागीदारी और सरकारी मशीनरी को इस तरह जोड़ा कि यह नदी फिर से कल-कल बहने लगी. उनके इस मॉडल की सराहना प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और नीति आयोग तक ने भी की.
पत्नी भी हैं यूपी की चर्चित आईएएस अधिकारी
आईएएस मनीष बंसल का परिवार प्रशासनिक जगत में काफी रसूख रखता है. उनकी पत्नी मेधा रूपम भी बेहद तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं. मेधा रूपम ने 2014 की यूपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10वीं रैंक हासिल की थी, वर्तमान में मेधा रूपम नोएडा की जिलाधिकारी हैं. यह जोड़ा यूपी कैडर के सबसे चर्चित जोड़ों में से एक माना जाता है. आईएएस मेधा रूपम ने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन कॉलेज से पूरी की है.
ससुर ज्ञानेश कुमार का संवैधानिक रसूख
मनीष बंसल का पारिवारिक कनेक्शन देश के सर्वोच्च पदों से जुड़ा है. उनके ससुर यानी पत्नी मेधा रूपम के पिता ज्ञानेश कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के पूर्व अधिकारी हैं. ज्ञानेश कुमार ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव जैसे अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं. वर्तमान में वे भारत के चुनाव आयुक्त के संवैधानिक पद पर हैं.
About the AuthorDeepali Porwal
With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें
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First Published :
April 20, 2026, 09:08 IST



