Rajasthan

मंत्री जी के यहां VIP शादी! पंडाल में ही लग गई जन-सुनवाई, बकरियों की शिकायत लेकर पहुंचा शख्स

जयपुर. राजस्थान में इन दिनों एक शादी की चर्चा कुछ अलग ही वजहों से हो रही है. ये कोई आम शादी नहीं थी, बल्कि ऐसी शादी बन गई जिसमें शहनाई के बीच सियासत, प्रोटोकॉल और आम आदमी की परेशानी. तीनों एक साथ दिखे. नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा की बेटी की शादी श्रीमाधोपुर के उनके गांव भरनी में हुई, लेकिन ये समारोह सिर्फ रिश्तेदारी तक सीमित नहीं रहा. यहां जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने इस शादी को चर्चा का बड़ा मुद्दा बना दिया.

शादी में बड़े-बड़े नेता पहुंचे, माहौल पूरी तरह वीआईपी जैसा नजर आया. लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे पल भी दिखे जो आमतौर पर किसी शादी में देखने को नहीं मिलते. एक तरफ शाही अंदाज में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, तो दूसरी तरफ पंडाल में ही जन-सुनवाई जैसा माहौल बन गया. यही वजह है कि ये शादी अब सोशल और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.

शहनाई के बीच गार्ड ऑफ ऑनर, प्रोटोकॉल का पूरा नजाराजब राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर शादी समारोह में पहुंचे, तो माहौल अचानक बदल गया. जैसे ही उनकी गाड़ियां रुकीं, शहनाई की आवाज के साथ पुलिस बैंड बजने लगा. रेड कारपेट बिछा हुआ था और पूरे प्रोटोकॉल के साथ दोनों राज्यपालों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. पुलिस के जवान सलामी देते नजर आए.

इस दौरान खुद मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी वहां मौजूद रहे और मेहमानों के स्वागत में खड़े दिखाई दिए. शादी का माहौल कुछ देर के लिए सरकारी कार्यक्रम जैसा लगने लगा. लोग भी ये नजारा देखकर हैरान थे कि शादी में इस तरह का प्रोटोकॉल कम ही देखने को मिलता है.

पंडाल में ही लग गई ‘जन-सुनवाई’, बकरियों की शिकायत लेकर पहुंचा शख्सशादी की दूसरी तस्वीर और भी अलग थी. जब बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरियाणा के प्रभारी सतीश पूनिया पंडाल में पहुंचे, तो एक शख्स ने उन्हें बीच में ही रोक लिया. ये शख्स था सीताराम जाट, जो अपनी परेशानी लेकर वहां पहुंचा था.

सीताराम की बकरियां खो गई थीं. उसने बताया कि उसने पुलिस से भी मदद मांगी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उसे पता था कि इस शादी में बड़े नेता आएंगे, इसलिए वो सीधे पंडाल में ही अपनी शिकायत लेकर पहुंच गया. उसने सतीश पूनिया से कहा कि उसकी बकरियां ढूंढने में मदद करवाई जाए.

सतीश पूनिया ने भी उसे नजरअंदाज नहीं किया. उन्होंने वहीं से पुलिस को फोन लगाया और सीताराम की समस्या बताई. अब बकरियां मिलेंगी या नहीं, ये अलग बात है, लेकिन सीताराम इस बात से खुश दिखा कि उसकी बात सुनी गई.

राजनीति और रिश्तों का भी दिखा मेलइस शादी की एक और खास बात ये रही कि ये रिश्ता भी राजनीति से जुड़ा हुआ था. 21 अप्रैल को झाबर सिंह खर्रा की बेटी अर्चना की शादी विराट नगर से बीजेपी विधायक कुलदीप धनखड़ के बेटे अनुज के साथ हुई. यानी ये सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक जुड़ाव वाला रिश्ता भी रहा.

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