95 साल के दादा की ख्वाहिश पूरी, पोते की बारात हेलीकॉप्टर से निकली, गांव में उमड़ा जनसैलाब

Last Updated:April 23, 2026, 08:46 IST
Bikaner Unique Helicopter Baraat: बीकानेर में एक अनोखी शादी ने सभी का ध्यान खींच लिया, जहां 95 वर्षीय दादा की इच्छा पूरी करने के लिए पोते की बारात हेलीकॉप्टर से निकाली गई. हंसराज सिद्ध की बारात बीछवाल से सेरूणा गांव तक हेलीकॉप्टर से पहुंची. इस खास आयोजन को देखने आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचे. परिवार ने बताया कि यह आयोजन दिखावे के लिए नहीं, बल्कि दादा सूरजनाथ की इच्छा पूरी करने के लिए किया गया.
ख़बरें फटाफट
बीकानेर. शादियों के इस सीजन में जिले से एक ऐसी अनोखी और भावनात्मक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल छू लिया. यहां एक 95 वर्षीय दादा की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए पोते की बारात हेलीकॉप्टर से निकाली गई. यह दृश्य न केवल परिवार के लिए यादगार बन गया, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय भी बन गया. समाजसेवी किशननाथ सिद्ध के सुपुत्र हंसराज सिद्ध का विवाह 21 अप्रैल को बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ. बारात बीकानेर के बीछवाल क्षेत्र से सेरूणा गांव के लिए रवाना हुई.
जहां जेठनाथ की सुपुत्री पूजा के साथ विवाह समारोह आयोजित किया गया. जेठनाथ घी और तेल के व्यापारी हैं. इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि बारात पारंपरिक साधनों की बजाय हेलीकॉप्टर से निकाली गई. जानकारी के अनुसार, हंसराज के 95 वर्षीय दादा सूरजनाथ की लंबे समय से यह इच्छा थी कि उनके पोते की बारात कुछ अलग और खास अंदाज में निकले और वह भी हेलीकॉप्टर से. परिवार ने उनकी इस इच्छा को प्राथमिकता देते हुए इसे हकीकत में बदल दिया.
अनोखी बारात को देखने पास के गांव से भी पहुंचे थे लोग
जैसे ही हेलीकॉप्टर बाड़मेर के बीछवाल से उड़ान भरकर सेरूणा पहुंचा, गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया. आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी बारात को देखने पहुंचे. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने में जुटा नजर आया. कई लोग हेलीकॉप्टर के साथ सेल्फी लेते दिखे, तो कुछ लोग इसे अपने जीवन का अनोखा अनुभव बता रहे थे. करीब 20 मिनट की उड़ान में बारात बीछवाल से सेरूणा पहुंच गई. हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद दूल्हा पारंपरिक अंदाज में रथ पर सवार हुआ और बाराती ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते हुए दुल्हन के घर पहुंचे.
बुजुर्ग की इच्छा का किया गया सम्मान
पूरे रीति-रिवाज और परंपराओं के साथ विवाह समारोह संपन्न हुआ. हंसराज के पिता किशननाथ ने बताया कि वे खेतीबाड़ी के साथ-साथ एग्रो एजेंसी का कार्य करते हैं. उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि परिवार के बुजुर्ग की इच्छा को सम्मान देने के लिए किया गया था. दादा सूरजनाथ की खुशी इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य था, जो पूरी तरह सफल रहा.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
April 23, 2026, 08:46 IST



