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पर्दे पर सगी बहनें, रियल लाइफ में ‘जानी दुश्मन’ थीं ये 2 टॉप एक्ट्रेस, दोनों ने शादीशुदा मर्द से रचाया विवाह

Last Updated:May 06, 2026, 17:20 IST

80 के दशक में हिंदी सिनेमा साउथ की दो एक्ट्रेस ने रातोंरात बॉलीवुड में जगह बनाई. दोनों ने अपनी एक्टिंग से सबको दीवाना बना लिया. दोनों एक्ट्रेस की किस्मत का सितारा ऐसा बुलंद हुआ कि बॉलीवुड में पूरे एक दशक राज किया. दोनों एक्ट्रेस ने कई बार पर्दे पर सगी बहनों का भी रोल निभाया. दोनों एक्ट्रेस ने त्याग की मूरत बनकर दर्शकों का खूब दिल जीता. रियल लाइफ की हकीकत चौंकाने वाली है. दोनों एक्ट्रेस एकदूसरे की शक्ल भी देखना पसंद नहीं करती थीं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने शादीशुदा मर्द को दिल दिया. खुशी-खुशी दूसरी बीवी बन गईं. ये दोनों एक्ट्रेस कौन थीं, आइये जानते हैं…….

बॉलीवुड के इतिहास पर गौर से नजर डाले तो साफ पता चलता है कि साउथ से आने वाली एक्ट्रेस का 60 के दशक से ही दबदबा रहा है. पहले वैजयंती माला, फिर हेमा मालिनी और रेखा ने बॉलीवुड में दशकों राज किया. रेखा 1970 के आसपास बॉलीवुड में आई थीं. इसके बाद दो और एक्ट्रेस ने बॉलीवुड में एंट्री ली. इन दोनों को बॉलीवुड इंडस्ट्री में लाने का श्रेय जीतेंद्र को जाता है. दोनों ने एक दशक तक राज किया. हम जया प्रदा और श्रीदेवी की बात कर रहे हैं. दोनों एक्ट्रेस ने साथ में कई फिल्में कीं. यहां तक कि फिल्मों में सगी बहनों का रोल निभाया लेकिन रियल लाइफ में एकदूसरे से बात नहीं की. आइये जानते हैं दोनों एक्ट्रेस की जिंदगी से जुड़े किस्से….

जया प्रदा और श्रीदेवी के साथ में फोटो देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता कि दोनों अभिनेत्रियों के बीच किसी तरह का ‘कोल्ड वॉर’ रहा होगा. दोनों ही एक्ट्रेस फोटो में खुश नजर आ रही हैं लेकिन असल जिंदगी की सच्चाई बेहद चौंकाने वाली है. दोनों एक्ट्रेस ने सिल्वर स्क्रीन पर सगी बहनों का रोल भी किया. दोनों ने साउथ इंडस्ट्री में नाम कमाने के बाद हिंदी सिनेमा में नाम कमाया. जीतेंद्र ही दोनों को लेकर बॉलीवुड में आए थे. खुद जया प्रदा ने अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि श्रीदेवी की उनसे कोई बातचीत नहीं होती थी. दोनों के बीच ईगो की लड़ाई थी.

दोनों ने 1980 के दशक की शुरुआत में तेलुगू सिनेमा में काम किया. बॉलीवुड में जया प्रदा-श्रीदेवी ने 8 फिल्मों में एकसाथ काम किया है. ये फिल्में थीं : मवाली (1983), तोहफा (1984), मकसद (1984), नया कदम (1984) आखिरी रास्ता (1986), औलाद (1987), मजाल (1987), मैं तेरी दुश्मन (1989) और फरिश्ते (1991). मवाली और तोहफा फिल्म से ही दोनों की जोड़ी हिट हो गई. दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर फिल्मों में दोनों एक्ट्रेस ने बहनों का किरदार निभाया. सिल्वर स्क्रीन पर एकदूसरे पर प्यार लुटाया और दर्शकों का दिल लूट लिया मगर सच्चाई यह है कि दोनों एक्ट्रेस सेट पर दूर-दूर बैठती थीं.

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एक बार राजेश खन्ना और जीतेंद्र ने श्रीदेवी-जयाप्रदा के बीच दोस्ती कराने की ठानी. दोनों को एक कमरे में बंद कर दिया. जयाप्रदा ने दिलचस्प किस्सा शेयर करते हुए बताया था कि राजेश खन्ना और जीतेंद्र ने हम दोनों को लंच टाइम पर एक कमरे में एक घंटे के लिए बंद कर दिया था. उनका मानना था कि एकदूसरे के पास बैठने से हमारी बातचीत शुरू हो जाएगी. आपस में बातचीत का माहौल बनेगा लेकिन जब उन्होंने दरवाजा खोला और पूछा कि बताओ क्या हुआ? मैंने कहा कुछ नहीं. श्रीदेवी हंसकर चली गईं और मैं भी चली गई. हम दोनों अलग-अलग दिशा में मुंह करके बैठे रहे थे. कोई बातचीत ही नहीं हुई. यह किस्सा ‘मकसद’ फिल्म की शूटिंग के दौरान का है. 

श्रीदेवी को हिंदी सिनेमा में लाने का श्रेय जीतेंद्र को जाता है. दिलचस्प बात यह है कि रेखा ने जीतेंद्र को चिढ़ाया था. दरअसल, दोनों श्रीदेवी की तेलुगू पिक्चर देख रहे थे. इसी बीच रेखा ने कहा कि तुम अगली फिल्म इस हीरोइन के साथ कर लो. जीतेंद्र ने प्रोड्यूसर राघवेंद्र राव ने बात की. तेलुगू में हिम्मतवाला में जया प्रदा ने काम किया था. जब हिंदी में इसका रीमेक बनाया गया यह फिल्म जीतेंद्र-श्रीदेवी के साथ बनाई गई. हिम्मतवाला ने श्रीदेवी को हिंदी सिनेमा में गजब की पॉप्युलैरिटी दी. वो रातोंरात फेमस हो गईं.

स्टारडम की रेस में श्रीदेवी ने बाजी मारी. कर्मा (1986) और जाबांज (1986) के बाद 1986 की ‘नागिन’ फिल्म श्रीदेवी के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई. फिर मिस्टर इंडिया ने उनके सितारे बुलंद कर दिए. वो पहली लेडी सुपर स्टार बन गई. ‘मिस्टर इंडिया’ के लिए श्रीदेवी को 11 लाख रुपये की फीस मिली थी, जो उस समय किसी भी अभिनेत्री के लिए बहुत बड़ी रकम थी. श्रीदेवी की मां ने 10 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन बोनी कपूर ने उन्हें 11 लाख रुपये दिए थे. बाद में 1996 में श्रीदेवी ने बोनी कपूर से शादी की.

बोनी कपूर और श्रीदेवी की लव स्टोरी बहुत ही रोचक है. इसकी शुरुआत बोनी कपूर के एकतरफा प्यार से हुई थी. बोनी ने 28 साल की उम्र में पहली शादी मोना शौरी से की थी. बेटे अर्जुन कपूर और बेटी अंशुला के पिता होने होने के बावजूद वो श्रीदेवी को दिल दे बैठे थे. मोना-बोनी कपूर के बीच श्रीदेवी की एंट्री हुई तो 13 साल बाद दोनों अलग हो गए. 1996 में मोना से बोनी कपूर ने तलाक लिया और श्रीदेवी से जल्दबाजी में शादी कर ली थी. जब श्रीदेवी ने शादी की तो वो प्रेग्नेंट थीं.

फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर श्रीदेवी और मिथुन चक्रवती के अफेयर की चर्चा होती है. दोनों ने वतन के रखवाले (1987) , वक्त की आवाज (1987), जाग उठा इंसान (1984) और गुरु (1989) जैसी फिल्मों में साथ में काम किया. कहा तो यह भी जाता है कि मिथुन के दबाव में श्रीदेवी ने बोनी कपूर को राखी भी बांधी थी. मिथुन शादीशुदा थे और अपनी पत्नी योगिता बाली से तलाक नहीं लेना चाहते थे. दोनों में अलगाव हो गया. ऐसे में बोनी ने श्रीदेवी से अपनी नजदीकियां बढ़ाईं. इस कहानी में अहम मोड़ तब आया, जब श्रीदेवी की मां बहुत बीमार हुईं. अमेरिका में उनके इलाज की व्यवस्था बोनी कपूर ने करवाई. हॉस्पिटल के बिल बोनी ने चुकाए. ऐसे में श्रीदेवी उनसेबेहद प्रभावित हुईं और उन्होंने बोनी से शादी के लिए हामी भर दी.

जया प्रदा की लव लाइफ की बात करें तो ‘शराबी’ और ‘संजोग’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय की अमिट छाप दर्शकों के दिल में छोड़ी. साल 1984 में ‘तोहफा’ के बाद हिट होने के बाद जयाप्रदा रातोंरात स्टार बन गईं. उन्होंने शादीशुदा फिल्म प्रोड्यूसर श्रीकांत नाहटा से प्यार हुआ और 1986 में जया से शादी कर ली. दिलचस्प बात यह है कि श्रीकांत नाहटा ने जया प्रदा से शादी तो कर ली लेकिन अपनी पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया. ऐसे में जया प्रदा का उनसे खूब विवाद हुआ. श्रीकांत नाहटा ने पहली शादी चंद्रा से की थी. वो तीन बच्चों के पिता थे. कहा जाता है कि जया मां बनना चाहती थीं लेकिन श्रीकांत इसके लिए तैयार नहीं हुए. जया प्रदा ने श्रीकांत से शादी की. अपनी मांग में सिंदूर सजाया लेकिन पत्नी का दर्जा कभी नहीं मिल पाया.

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