गर्मी बढ़ते ही कोटा में तरबूज का क्रेज, 20 रुपए किलो में मिल रहा ठंडक का खजाना, हर कोई खरीद रहा

कोटा. तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच इन दिनों तरबूज व्यापारियों की बल्ले-बल्ले हो रही है. कोटा संभाग की सबसे बड़ी फल थोक मंडी में “लाल तरबूज, मीठा गट्ट” की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है. यहां करीब 20 रुपए किलो की कीमत पर रिकॉर्ड बिक्री दर्ज हो रही है. सस्ती दर और ठंडक देने वाले इस फल के कारण बड़ी संख्या में लोग तरबूज खरीद रहे हैं, जिससे रोजाना मंडी में आने वाला लगभग पूरा माल हाथों-हाथ बिक जाता है.
भीषण गर्मी के बीच राहत का सबसे सस्ता और असरदार जरिया बना यह मीठा गट्ट यानी लाल तरबूज हर वर्ग की पहली पसंद बन गया है. तेज धूप में ठंडक पाने के लिए लोग बड़ी मात्रा में तरबूज खरीद रहे हैं, जिससे मंडी में रोजाना भारी खपत दर्ज की जा रही है.
मंडी में रोजाना बिक रहा पूरा मालव्यापारियों के अनुसार इन दिनों रोजाना करीब 10 से 15 गाड़ियां तरबूज की मंडी में पहुंच रही हैं और लगभग पूरा माल बिक जा रहा है. कई बार तो शाम तक स्टॉक खत्म हो जाता है. सुबह से ही मंडी में खरीदारों की भीड़ लगने लगती है, जहां फुटकर विक्रेता, ठेला संचालक और आम लोग बड़ी मात्रा में तरबूज खरीदते नजर आते हैं.
इस समय बाजार में तरबूज करीब 20 रुपए किलो बिक रहा है, जो आम आदमी के बजट में आसानी से फिट बैठता है. सस्ती कीमत और ज्यादा फायदे के कारण यह हर वर्ग की पहली पसंद बना हुआ है. मंडी से लेकर शहर की गलियों तक जगह-जगह ठेलों पर ‘लाल तरबूज, मीठा गट्ट’ की आवाजें सुनाई देती हैं, जो ग्राहकों को अपनी ओर खींचती हैं.
गर्मी में ठंडक और सेहत का सहारागर्मी के मौसम में तरबूज को प्राकृतिक ठंडक देने वाला फल माना जाता है. इसमें मौजूद भरपूर पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है. साथ ही इसमें प्राकृतिक शुगर होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है. इस वजह से इसे एक तरह से नेचुरल ग्लूकोज भी माना जाता है. डॉक्टर भी गर्मी के दिनों में तरबूज खाने की सलाह देते हैं.
मंडी में आने वाला तरबूज मुख्य रूप से राजस्थान के आसपास के इलाकों और मध्य प्रदेश से आ रहा है. लगातार सप्लाई बने रहने के कारण कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हो रहा है. व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा, जिससे तरबूज की मांग में और तेजी आ सकती है.
आने वाले दिनों में बढ़ेगी मांगशहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क किनारे लगे ठेलों पर कटे हुए लाल तरबूज लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं. खासकर दोपहर के समय, जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब इनकी बिक्री सबसे ज्यादा होती है. ठेला संचालकों का कहना है कि लोग बार-बार तरबूज खरीद रहे हैं, क्योंकि यह सस्ता होने के साथ तुरंत ठंडक भी देता है.
व्यापारियों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है. जैसे-जैसे गर्मी तेज होगी, वैसे-वैसे तरबूज की मांग भी बढ़ेगी. अभी से मंडी में रोजाना अच्छी खपत हो रही है और मौसम इसी तरह गर्म बना रहा तो आने वाले समय में बिक्री और तेज हो सकती है. उनका कहना है कि यदि सप्लाई इसी तरह बनी रही, तो लोगों को उचित दाम पर तरबूज मिलता रहेगा और बाजार में इसकी बिक्री का दायरा भी बढ़ता जाएगा.



