Entertainment

बॉलीवुड की सबसे डिमांडिंग बहू, लाइन लगाकर आते थे रिश्ते, बुआ की वजह से 15 की उम्र में हुई शादी, 17 में बनीं मां

Last Updated:May 13, 2026, 08:41 IST


वो दौर ऐसा था जब उसकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहते थे. पहली ही फिल्म से मिली शोहरत ने उसे हर घर की पसंदीदा बहू बना दिया था. रिश्तों की इतनी भरमार थी कि परिवार तक परेशान हो गया था. लेकिन जिंदगी ने अचानक ऐसा मोड़ लिया कि स्कूल यूनिफॉर्म पहनने वाली लड़की दुल्हन बन गई. वजह बनी परिवार की एक भावुक इच्छा, जिसे टाला नहीं जा सका. 15 साल की उम्र में शादी और 17 की उम्र में मां बनने के बाद भी उसने हार नहीं मानी. आगे चलकर वही लड़की हिंदी सिनेमा की सबसे चमकदार अभिनेत्रियों में शामिल हुई और कई सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन पर राज किया.

नई दिल्ली. सिर्फ एक फिल्म ने उसकी जिंदगी बदल दी थी. मासूम चेहरा, बड़ी-बड़ी आंखें और पर्दे पर ऐसी लोकप्रियता कि हर बड़ा परिवार उसे अपनी बहू बनाना चाहता था. घर के बाहर सुबह से शाम तक रिश्तों की कतार लगती थी. लेकिन किस्मत ने उसके लिए कुछ और ही तय कर रखा था. 10वीं क्लास में पढ़ रही उस लड़की की जिंदगी अचानक तब बदल गई, जब परिवार में एक बीमार बुआ की आखिरी इच्छा सामने आई. बुआ कैंसर से जूझ रही थीं और मरने से पहले उसकी शादी देखना चाहती थीं. फिर क्या था, महज 15 साल की उम्र में शादी हो गई. गुड़ियों से खेलने वाली वह लड़की 17 की होते-होते मां भी बन गई. हैरानी की बात ये रही कि इतनी कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद उसने आगे चलकर बॉलीवुड पर राज किया और बड़े-बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम कर इतिहास रच दिया.

ये एक्ट्रेस और कोई नहीं बल्कि बॉलीवुड और बंगाल सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस मौसमी चटर्जी हैं. 70 के दशक में उन्होंने एक से बड़कर एक फिल्मों में काम किया और सिनेमाई पर्दे पर छाई रहीं. मौसमी चटर्जी ने कई स्टार्स के साथ काम किया लेकिन अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी हिट रही. 1967 में आई फिल्म ‘बालिका बधू’ से रातोंरात स्टार बनने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया.

मौसमी चटर्जी सिर्फ 15 साल की थी, जब वह शादी के बंधन में बंधीं. हाल ही में हाल ही में एनडीटीवी से बातचीत में मौसमी चटर्जी ने अपने शुरुआती दिनों, जल्दी शादी और उस दौर की भीड़-भाड़ वाली मांग को खुलकर याद किया. मौसमी चटर्जी ने बताया कि वे 10वीं कक्षा में पढ़ रही थीं जब उनकी सगाई हो गई. उन्होंने कहा, ‘सब कुछ एक वजह से होता है. ‘बालिका बधू’ फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर हेमंत मुखर्जी मेरे ससुर थे. इसी वजह से दोनों परिवारों के बीच रिश्ता बन गया. उस समय हर कोई मुझे अपनी बहू बनाना चाहता था. सब चाहते थे कि मैं उनकी पत्नी बनूं.’

Add as Preferred Source on Google

उन्होंने आगे बताया, कैसे उनके फैंस उनके लिए दीवाने थे. उन्होंने कहा- ‘पागलपन की हद तक भीड़ होती थी. सुबह से शाम तक लाइन लगी रहती थी. इसी वजह से मैं पूरी तरह से स्पॉइल्ड हो गई’. मौसमी की बड़ी बुआ अंतिम स्टेज के कैंसर से जूझ रही थीं. उन्होंने हेमंत मुखर्जी का हाथ पकड़कर कहा, ‘हेमंत बाबू, क्या मैं इनकी शादी देख सकती हूं?’ मौसमी उस समय अपने परिवार की आखिरी लड़की थीं.ससुर ने तुरंत हामी भरी और महज एक महीने के अंदर शादी हो गई.

शादी के बाद मौसमी मुंबई आ गईं. उनके ससुर हेमंत मुखर्जी ने पूरा ध्यान रखा कि वे अकेला महसूस न करें. मौसमी ने याद करते हुए कहा, ‘मैंने अपना डॉलहाउस और छोटा डॉगी खरीदा. एक दोस्त भी मेरे साथ थी. मैं पूरे दिन डॉलहाउस के साथ खेलती रहती थी. मेरे पिता (ससुर) यहां मुंबई में मां और बाप दोनों बने रहे. वे बहुत प्रोटेक्टिव थे.’

मौसमी चटर्जी ने अपनी शुरुआती जिंदगी में कई बड़े बदलाव देखे. 17 साल की उम्र में वह मां बन गईं. लेहरेन को दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ’17 साल की उम्र में मैं मां बन गई. मुझे अपनी खुद की मर्सिडीज मिली. उस समय मैं सफलता का मतलब भी नहीं समझ पाई. मुझे बस बड़े पर्दे पर अपना चेहरा देखकर खुशी होती थी.’हालांकि, इस दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई भी पूरी की. एक साल की छूट के बाद उन्होंने अपनी 10वीं की परीक्षा दी.

कम उम्र में शादी और मां बनने के बावजूद मौसमी चटर्जी ने अपने करियर को शानदार तरीके से संभाला. उन्होंने 70 और 80 के दशक में कई बड़ी फिल्मों में काम किया. राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार्स के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. रोटी कपड़ा और मकान और कच्चे धागे जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की बड़ी एक्ट्रेस की सूची में शामिल कर दिया.

मौसमी चटर्जी और उनके पति जयन्त मुखर्जी की दो बेटियां हुईं मेघा और पायल. उनकी बेटी पायल लंबे समय तक डायबिटीज से जूझती रहीं और साल 2019 में 45 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था. इस दुखद घटना ने मौसमी और उनके परिवार को गहरा झटका दिया था.

आज भी मौसमी चटर्जी की कहानी लोगों को हैरान करती है. एक तरफ बेहद कम उम्र में शादी और परिवार की जिम्मेदारी, दूसरी तरफ हिंदी सिनेमा में बड़ी सफलता उनकी जिंदगी उस दौर की महिलाओं के संघर्ष और मजबूती दोनों की मिसाल मानी जाती है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj