Rajasthan

लोग पुराने किराए में ही सफर करना चाहते हैं… पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर टैक्सी चालकों का छलका दर्द!

Last Updated:May 15, 2026, 11:11 IST

Petrol-Diesel Price In Rajasthan: राजस्थान में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. पेट्रोल पंपों पर भीड़ दिखाई देने लगी है और लोग मान रहे हैं कि ईंधन महंगा होने का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी और घरेलू बजट पर भी साफ दिखाई देगा.

पाली. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है. कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील की थी. वहीं अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बाद आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली. लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं. लोकल 18 की टीम ने जब पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर लोगों से बात की तो कुछ लोगों ने इसे जरूरी फैसला बताया, जबकि कई लोगों ने इसे बढ़ती महंगाई की शुरुआत माना.

राजस्थान में पेट्रोल की कीमतों में करीब 3.25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. इसके बाद राजधानी जयपुर में पेट्रोल 107.97 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है. वहीं डीजल के दाम में भी करीब 3.02 रुपये का इजाफा हुआ है और इसकी कीमत 93.23 रुपये प्रति लीटर हो गई है. श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में पेट्रोल के दाम 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुके हैं.

पर्यावरण और बचत के नजरिए से भी देख रहे लोगकॉलेज स्टूडेंट अमित का कहना है कि सरकार के इस फैसले को कुछ लोग सकारात्मक नजरिए से भी देख रहे हैं. उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के पीछे यह सोच हो सकती है कि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट या साइकिल को अपनाएं. इससे पेट्रोल की खपत कम होगी, विदेशी मुद्रा पर दबाव घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आ सकती है. उनका कहना है कि यह फैसला भले अभी लोगों को कठिन लग रहा हो, लेकिन भविष्य के लिहाज से जरूरी माना जा सकता है.

आम जनता बोली, बढ़ती महंगाई से बिगड़ रहा बजटपेट्रोल भरवाने आए फिटनेस एक्सपर्ट नौशाद अंसारी ने कहा कि आम आदमी के लिए यह बढ़ोतरी बड़ी परेशानी बनती जा रही है. उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल महंगे होने का असर सीधे रसोई के बजट पर पड़ता है. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से दूध, सब्जी, राशन और दूसरी जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ जाते हैं. मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए महीने का खर्च चलाना पहले ही मुश्किल हो रहा था और अब तेल की कीमतों ने परेशानी और बढ़ा दी है.

टैक्सी चालकों की बढ़ी चिंताटैक्सी चालक नरेंद्र ने बताया कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर टैक्सी और ऑटो चालकों पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पहले ही सवारियां कम मिल रही हैं और लोग पुराने किराए में ही सफर करना चाहते हैं. वहीं ऐप आधारित कंपनियां अपना कमीशन भी कम नहीं कर रही हैं. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से बचत लगभग खत्म हो गई है. उनका कहना है कि गाड़ी की किस्त, घर का खर्च और ईंधन का खर्च संभालना अब मुश्किल होता जा रहा है.

आर्थिक जानकारों ने बताई वजहआर्थिक जानकारों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई पर पड़ रहा है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा है. जानकारों का मानना है कि तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव के कारण सरकार के पास कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं थे. उनका कहना है कि यदि कीमतों को लंबे समय तक नियंत्रित रखा जाता, तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और राजकोषीय घाटे पर भी पड़ सकता था.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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