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किसान भाई ध्यान दें… खेत की खाली मेढ़ पर लगा दें ये 5 पेड़, फसल के साथ हर साल होगी लाखों की एक्स्ट्रा इनकम!

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किसान खेत की खाली मेढ पर लगा दें यें 5 फलदार पेड़, होंगी दोहरी इनकम

Last Updated:May 17, 2026, 12:39 IST

Farm Boundary Fruits Tree Plantation Income: खेती विशेषज्ञों के अनुसार, किसान खेत की खाली मेढ़ों पर बेर, आम, आंवला, नींबू और अमरूद जैसे 5 फलदार पेड़ लगाकर अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं. इस मॉडल से मुख्य फसल के साथ-साथ हर साल अतिरिक्त कमाई होती है और पेड़ों की मजबूत जड़ों से खेत की मिट्टी का कटाव भी रुकता है. ये पेड़ कम पानी और कम देखभाल में आसानी से तैयार हो जाते हैं, जिससे राजस्थान जैसे सूखे इलाकों में भी किसानों को हर साल हजारों रुपये का एक्स्ट्रा मुनाफा मिलता है.

खेती के साथ-साथ अगर किसान थोड़ी समझदारी दिखाकर अपने खेत की खाली मेढ़ों (Boundaries) का सही उपयोग करें, तो यह उनकी अतिरिक्त कमाई का एक बड़ा और मजबूत जरिया बन सकती है. आजकल राजस्थान सहित देश के कई अन्य राज्यों में भी किसान इस आधुनिक और स्मार्ट खेती के तरीके को अपना रहे हैं. वे अपने खेत की मेढ़ों पर विभिन्न प्रकार के फलदार पेड़ लगाकर न केवल फसल की सुरक्षा कर रहे हैं, बल्कि हर साल बाजार में फल बेचकर पारंपरिक खेती के अलावा एक बड़ा और शानदार मुनाफा भी कमा रहे हैं.

ये फलदार पेड़ न सिर्फ हर साल बंपर पैदावार देकर किसानों की आमदनी बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण और खेत की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होते हैं. मेढ़ों पर लगे ये पेड़ मिट्टी के कटाव को रोककर उसे मजबूत बनाते हैं, खेत को सुरक्षात्मक छाया प्रदान करते हैं और आसपास के वातावरण को बेहतर करते हैं. सबसे खास बात यह है कि इन पेड़ों को किसी विशेष रखरखाव या ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती, जिससे किसानों की लागत और मेहनत दोनों बचती है. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 बेहतरीन फलदार पेड़ों के बारे में, जिन्हें किसान भाई अपने खेत की मेढ़ पर लगाकर अपनी कमाई दोगुनी कर सकते हैं.

बेर का पेड़ राजस्थान जैसे शुष्क और गर्म क्षेत्रों की जलवायु के लिए सबसे उत्तम और बेहद उपयुक्त माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद कम पानी और न्यूनतम देखभाल में भी आसानी से पनप जाता है. इसके फल स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण स्थानीय और बड़े बाजारों में हमेशा अच्छे दामों पर बिकते हैं. आजकल बाजार में उपलब्ध बेर की उन्नत और हाइब्रिड किस्में (जैसे थाई एप्पल बेर) किसानों को बहुत ही कम समय में पारंपरिक फसलों से कहीं बेहतर और मोटा मुनाफा दे रही हैं.

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आम को फलों का राजा माना जाता है, जिसकी बाजार में हमेशा भारी मांग रहती है. अगर किसान अपने खेत की मेढ़ों पर आम के पेड़ लगाते हैं, तो कुछ ही वर्षों में यह अतिरिक्त कमाई का एक शानदार जरिया बन जाते हैं. विशेष रूप से देसी आम की मार्केट में बहुत अच्छी खपत होती है. आम के पेड़ों की उम्र काफी लंबी होती है, जिससे एक बार तैयार होने के बाद ये हर साल बिना किसी अतिरिक्त झंझट के लगातार अच्छा उत्पादन और मुनाफा देते रहते हैं.

आंवला विटामिन-सी और बेहतरीन औषधीय गुणों से भरपूर होता है, जिसके कारण आयुर्वेदिक दवाइयों, चूर्ण, मुरब्बा, केंडी और जूस बनाने वाली कंपनियों में इसकी मांग सालभर बनी रहती है. खेती के लिहाज से यह किसानों के लिए एक बेहद सुरक्षित सौदा है क्योंकि आंवले का पेड़ कम पानी और न्यूनतम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है. यहाँ तक कि देश के सूखे और कम उपजाऊ इलाकों में भी इसकी बागवानी बेहद सफल मानी जाती है. खेत की मेढ़ पर इसे लगाकर किसान भाई हर सीजन में इससे बंपर और सुनिश्चित मुनाफा कमा सकते हैं.

नींबू की खेती आजकल किसानों के लिए कम लागत में मोटी कमाई का एक बेहतरीन जरिया बन चुकी है. खासकर गर्मी के मौसम में बाजार में नींबू की मांग और कीमतें आसमान छूने लगती हैं. अपने झाड़ीदार और सीमित फैलाव वाले आकार के कारण, खेत की मेढ़ पर नींबू के पौधे लगाने से मुख्य फसल की खेती या धूप पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता. इसके साथ ही, किसानों को बिना किसी अतिरिक्त जमीन के एक रेगुलर एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) मिलने लगती है. नींबू का पेड़ बेहद टिकाऊ होता है और एक बार सही से स्थापित होने के बाद कई सालों तक लगातार फल देता रहता है.

अमरूद का पेड़ किसानों के लिए कम समय में मुनाफ़ा देने वाला एक बेहद फ़ायदेमंद विकल्प माना जाता है. स्वाद और सेहत से भरपूर होने के कारण बाज़ार में इसकी डिमांड बारह महीने बनी रहती है. अमरूद के पौधे की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि यह बहुत जल्दी (महज एक से दो साल में) फल देना शुरू कर देता है और कम पानी में भी इसकी पैदावार शानदार होती है. खेत की मेढ़ पर इसे लगाने से यह मुख्य खेत की ज़्यादा जगह नहीं घेरता, जिससे आपकी पारंपरिक फ़सल पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता. एक बार इसके पेड़ पूरी तरह तैयार हो जाएं, तो किसान हर साल सिर्फ़ मेढ़ों से ही हज़ारों रुपये की अतिरिक्त कमाई आसानी से कर सकते हैं.

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