छोटे कमरे में शुरू करें मशरूम फार्मिंग, बाजार में बढ़ रही मांग, 20 हजार लगाकर लाखों कमा रहे सीकर के किसान

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छोटे कमरे में शुरू करें मशरूम फार्मिंग, सीकर के किसान लाखों में कमा रहे मुनाफा
Last Updated:May 17, 2026, 16:50 IST
Oyster Mushroom Farming Tips: सीकर में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ कम लागत और ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. मशरूम की खेती इनमें सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरी है. किसान पवन बराला के अनुसार व्हाइट पलोरिडा ऑयस्टर मशरूम की खेती मात्र 19 से 20 हजार रुपए में शुरू की जा सकती है. एक छोटे कमरे या शेड में 100 बैग तैयार कर अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है. ऑयस्टर मशरूम की बाजार में 150 से 200 रुपए किलो तक कीमत मिलती है. मशरूम की बढ़ती मांग के कारण किसानों को बेहतर मुनाफा मिल रहा है. होटल और रेस्टोरेंट में इसकी खपत लगातार बढ़ रही है.
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सीकर: आज के समय में पारंपरिक खेती के साथ किसान ऐसी फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं, जिनमें कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल सके. इन्हीं में मशरूम की खेती किसानों के लिए तेजी से फायदे का सौदा साबित हो रही है. खास बात यह है कि इस खेती को शुरू करने के लिए बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती. सही तकनीक और थोड़ी समझ के साथ किसान मात्र 19 से 20 हजार रुपए में इसकी शुरुआत कर सकते हैं और अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं.
सीकर में मशरूम की सफल खेती कर लाखों रुपए की कमाई करने वाले किसान पवन बराला बताते हैं कि शुरुआत में लोगों को लगता है कि मशरूम की खेती के लिए बड़े कमरे, महंगे उपकरण और भारी खर्च की जरूरत होगी, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है. उन्होंने बताया कि यदि किसान व्हाइट पलोरिडा ऑयस्टर मशरूम की खेती से शुरुआत करें तो कम लागत में बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है. यह मशरूम तेजी से तैयार होता है और बाजार में इसकी अच्छी मांग भी रहती है.
कम खर्च में ऐसे करें खेती
पवन बराला के अनुसार, शुरुआती स्तर पर एक छोटे कमरे या शेड में खेती शुरू की जा सकती है. इसमें भूसा, प्लास्टिक बैग, बीज और हल्के ढांचे की जरूरत होती है. लगभग 19 से 20 हजार रुपए की लागत में किसान करीब 100 बैग तैयार कर सकते हैं. एक बैग से औसतन डेढ़ से दो किलो तक मशरूम उत्पादन लिया जा सकता है. यदि बाजार में मशरूम 150 से 200 रुपए किलो तक बिके तो किसान कुछ ही महीनों में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
तापमान और नमी का संतुलन बनाए रखना जरूरी
उन्होंने बताया कि मशरूम की खेती में सबसे जरूरी चीज तापमान और नमी का संतुलन बनाए रखना होता है. ऑयस्टर मशरूम के लिए 20 से 28 डिग्री तापमान सही माना जाता है. इसके अलावा कमरे में हल्की नमी और साफ-सफाई बनाए रखने से उत्पादन बेहतर मिलता है. खास बात यह है कि इस खेती में जमीन की ज्यादा जरूरत नहीं होती, इसलिए छोटे किसान और युवा भी इसे आसानी से अपना सकते हैं.
होटल, रेस्टोरेंट और बड़े शहरों में अधिक मांग
पवन बराला ने बताया कि मशरूम की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं. इसमें प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि होटल, रेस्टोरेंट और बड़े शहरों में इसकी अच्छी खपत हो रही है. किसानों के लिए मशरूम की खेती स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है. कम समय, कम जगह और कम लागत में शुरू होने वाली यह खेती ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद कर रही है. सही प्रशिक्षण और बाजार की जानकारी के साथ किसान इस खेती से हर महीने अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Sikar,Rajasthan



