Jagdish Dham Jaipur | Jaipur News Jagdish Dham

Last Updated:June 20, 2026, 05:49 IST
Jaipur Jagdish Dham: जयपुर के सिंवार गांव में स्थित श्री लक्ष्मीपति जगदीश मंदिर आस्था और इतिहास का अनूठा प्रतीक है. ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर 1000 साल पुराना है जिसका साल 2007 में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर जीर्णोद्धार किया गया. मान्यता है कि 500 वर्ष पूर्व पुजारी देवदास महाराज को भगवान विष्णु ने दर्शन दिए थे जिनके निर्देश पर गोनेर में खुदाई के दौरान दिव्य प्रतिमा मिली थी. सिंवार और गोनेर दोनों मंदिरों का गहरा संबंध है. यहाँ भक्तों के लिए सुगम व्यवस्था है और प्रतिदिन ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार होता है.
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जयपुर. जयपुर शहर के पश्चिमी छोर पर बसे सिंवार गांव में श्री लक्ष्मीपति जगदीश का एक बेहद चमत्कारी मंदिर मौजूद है. यह मंदिर केवल एक साधारण धार्मिक स्थल ही नहीं है, बल्कि आस्था, समृद्ध इतिहास और प्राचीन लोककथाओं का जीवंत प्रतीक माना जाता है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर लगभग एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है और सदियों से इस पूरे क्षेत्र की धार्मिक पहचान का मुख्य केंद्र बना हुआ है. मंदिर की अलौकिक भव्यता और इसके साथ जुड़ी जन-मान्यताएं के कारण ही यहाँ सालों भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
साल 2007 में स्थानीय ग्रामीणों और व्यापक जनसहयोग के माध्यम से करोड़ों रुपए की भारी-भरकम लागत से इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था. पुनर्निर्माण के दौरान इसकी स्थापत्य शैली को आधुनिक स्वरूप देते हुए बिल्कुल अयोध्या के भव्य राम मंदिर की तर्ज पर विकसित किया गया है. आज इस मंदिर की विशाल संरचना, नक्काशीदार स्तंभ और गगनचुंबी भव्य शिखर दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं का मन पूरी तरह मोह लेते हैं. मंदिर की वास्तुकला को देखने के लिए भी लोग यहाँ विशेष रूप से आते हैं.
पुजारी देवदास महाराज को भगवान विष्णु ने दिए थे दर्शनइस पावन मंदिर से जुड़ी एक बेहद रोचक और चमत्कारी कहानी भी है जो इसे अन्य मंदिरों से और भी अधिक खास बनाती है. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 500 वर्ष पूर्व सिंवार गांव में श्री लक्ष्मीपति जगदीश के परम भक्त और पुजारी देवदास महाराज को भगवान विष्णु ने साक्षात दर्शन दिए थे. साक्षात दर्शन के दौरान भगवान ने उन्हें धर्म का प्रचार करने और जनकल्याण करने का पावन संदेश दिया था. मान्यता है कि भगवान के उसी दिव्य निर्देश पर देवदास महाराज ने गोनेर क्षेत्र में एक निश्चित स्थान पर खुदाई करवाई थी, जहां से भगवान की एक अलौकिक दिव्य प्रतिमा प्रकट हुई थी.
सिंवार और गोनेर के जगदीश मंदिरों का गहरा संबंधगोनेर में खुदाई से प्रतिमा प्राप्त होने के बाद वहां भी जगदीश महाराज मंदिर की भव्य स्थापना की गई थी. इसी चमत्कारी ऐतिहासिक घटना के कारण आज गोनेर का श्री लक्ष्मीपति जगदीश मंदिर भी देश-दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है. यही बड़ी वजह है कि सिंवार और गोनेर के दोनों जगदीश मंदिरों को एक ही आध्यात्मिक स्वरूप का प्रतीक माना जाता है. इन दोनों मंदिरों के बीच गहरा धार्मिक संबंध बताया जाता है और श्रद्धालु इन दोनों धामों के दर्शन को विशेष रूप से पुण्यदायक और मनोकामना पूर्ण करने वाला मानते हैं.
रोजाना होता है भगवान का विशेष अलौकिक श्रृंगारइतिहास, अद्भुत वास्तुकला और गहरी लोकआस्था का अनूठा संगम समेटे सिंवार का श्री लक्ष्मीपति जगदीश मंदिर आज भी अपनी दिव्यता और चमत्कारिक कथाओं के कारण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां साल में कई बार बड़े धार्मिक आयोजनों और उत्सवों का कार्यक्रम भी होता है. इस मंदिर में भक्तों के सुगम दर्शनों के लिए मंदिर के पुजारियों और गांव के लोगों के द्वारा बहुत ही सुगम व्यवस्थाएं की गई है ताकि किसी को परेशानी न हो. इसके अलावा यहाँ श्री लक्ष्मीपति जगदीश की प्रतिमा का रोजाना अत्यंत सुंदर और विशेष श्रृंगार भी किया जाता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan



