राजस्थान में 577 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, CCTV-जैमर और 300 मीटर तक सख्त प्रतिबंध लागू

जयपुर. देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET (नैशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) का आज देश भर सहित राजस्थान में ‘री-एग्जाम’ (पुनः परीक्षा) आयोजित किया जा रहा है. पेपर लीक और नकल जैसी पुरानी कमियों से सबक लेते हुए इस बार राजस्थान प्रशासन ने सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं. पूरे राज्य में परीक्षा को निष्पक्ष के साथ संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि इसे ‘चुनावी मोड’ पर संचालित किया जा रहा है.
आज दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए राज्य के सभी केंद्रों पर सुबह 11:00 बजे से ही कड़े सुरक्षा घेरे के बीच परीक्षार्थियों को प्रवेश देना शुरू कर दिया गया है. प्रवेश का यह सिलसिला दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा.
सीकर में री-नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्थासीकर में री-नीट परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जिले के 12 बैंकों के स्ट्रांग रूम में प्रश्नपत्र सुरक्षित रखे गए थे, जिन्हें आज बीएसएफ जवानों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दो बीएसएफ जवान प्रश्नपत्र लेकर पहुंचे हैं. जिलेभर में कुल 182 बीएसएफ जवान और 800 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं और अन्य सामग्री छह निर्धारित कलेक्शन सेंटरों पर जमा कराई जाएंगी. सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा की जा रही है. अभ्यर्थियों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है. परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को मूल एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और आधार या अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है.
करौली में 11 परीक्षा केंद्रों पर 4,486 अभ्यर्थीकरौली जिले में आज री-नीट परीक्षा का आयोजन कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच किया जा रहा है. जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें करौली शहर में 6 और हिंडौन में 5 केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर कुल 4,486 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी, जबकि अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं और प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. प्रशासन और पुलिस विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और नकलमुक्त तरीके से संपन्न हो सके. परीक्षा केंद्रों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है.
अलवर में 27 केंद्रों पर 10 हजार परीक्षार्थीअलवर जिले में री-नीट परीक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गई है. जिले के 27 परीक्षा केंद्रों पर करीब 10 हजार परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं. परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू की गई, जबकि दोपहर 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया. पहली बार परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर घड़ियां लगाई गई हैं ताकि अभ्यर्थी निर्धारित समय का सही पालन कर सकें. सभी केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मुख्य गेट से लेकर परीक्षा हॉल तक सख्त निगरानी रखी जा रही है. अभ्यर्थियों को केवल पारदर्शी पानी की बोतल, एडमिट कार्ड, फोटो और आधार कार्ड ले जाने की अनुमति दी गई है. परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों से शुरुआत और अंत में दो बार हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे. प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त बनाए रखना है.
जयपुर और कोटा में सबसे ज्यादा सेंटरराजस्थान के 27 जिलों में कुल 577 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इस बार भी राजधानी जयपुर और कोचिंग सिटी कोटा में परीक्षार्थियों की संख्या सर्वाधिक है. इसके अलावा अजमेर में 15 केंद्रों पर 6,000 से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं. भरतपुर में 17, दौसा में 12 और धौलपुर में 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2,082 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. वहीं पाली के 5 परीक्षा केंद्रों पर 2,079 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठ रहे हैं. परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा की गई है. पुलिस, प्रशासन और मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं. सीसीटीवी कैमरों, मेटल डिटेक्टरों और अन्य सुरक्षा उपायों के बीच प्रदेशभर में लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है.
त्रिस्तरीय जांच और ‘थ्री-लेयर’ सुरक्षा चक्रइस बार परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के नियम बहुत सख्त किए हैं. परीक्षार्थियों को त्रिस्तरीय (Three-Layer) जांच से गुजरना पड़ रहा है. मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर से सघन चेकिंग की जा रही है. किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेल्ट, या गाइडलाइन के विपरीत कपड़ों में एंट्री पूरी तरह बैन है. दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी सूरत में केंद्र का गेट नहीं खुलेगा.
लीक और नकल रोकने के लिए हाई-टेक इंतजामपेपर लीक के कलंक को धोने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है. सभी परीक्षा केंद्रों पर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जबकि मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार को रोकने के लिए सिग्नल जैमर सक्रिय किए गए हैं. परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम से प्रश्नपत्र निकालने, उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा हॉल में वितरित करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है. प्रशासन, पुलिस और मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे किसी भी प्रकार की पेपर लीक की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके. इन सख्त इंतजामों के बीच परीक्षा का आयोजन पारदर्शी माहौल में किया जा रहा है.
ग्राउंड पर उतरे IAS-IPS, धारा 163 लागूपरीक्षा को शांतिपूर्ण कराने के लिए जिलों के आला अधिकारी खुद सुबह से ही सड़कों और केंद्रों पर तैनात हैं. दौसा में कलेक्टर सौम्या झा व एसपी पीयूष दीक्षित, तथा भरतपुर में कलेक्टर कमर चौधरी व एसपी राजेश मीणा खुद सेंटरों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं. परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में सभी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियां रोकने के लिए इंटरनेट कैफे, ई-मित्र और फोटोकॉपी की दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. दौसा जैसे संवेदनशील जिलों में परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 163 लागू की गई है ताकि भीड़ न हो.
अर्धसैनिक बलों और पुलिस का कड़ा पहरासुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है. उदाहरण के तौर पर अजमेर में जिला पुलिस के 300 जवानों के साथ-साथ बीएसएफ (BSF) और सीआरपीएफ (CRPF) के अधिकारियों को केंद्रों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है. इसके अलावा, चुनाव की तर्ज पर ‘ड्यूटी मजिस्ट्रेट’ और उड़नदस्ते लगातार हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं.



