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पश्चिम बंगाल में UCC पर विपक्ष का हमला! शिवसेना-TMC-कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

Last Updated:June 29, 2026, 21:13 IST

पश्चिम बंगाल की राजनीति में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता का मुद्दा एक बार फिर कड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है. जहां सरकार की ओर से पूरे देश और राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने को लेकर जोर दिया जा रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे पूरी तरह से जनता के वास्तविक और जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक कूटनीतिक कोशिश करार दिया है.

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UCC पर विपक्ष का हमला! शिवसेना-टीएमसी-कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवालZoomसुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि वह पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करेंगे. (फाइल फोटो)

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है. जहां सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता को लेकर जोर दिया जा रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है. शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस नेताओं ने सोमवार को यूसीसी को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

शिवसेना (यूबीटी) नेता आनंद दुबे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “विपक्ष देश से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक पर सकारात्मक चर्चा का समर्थन करता है, लेकिन सरकार की नीतियों और कामकाज में खामियां होने पर उसका विरोध भी किया जाएगा.”

आनंद दुबे ने कहा, “यूसीसी बिल हो या देश से जुड़ा कोई भी बिल, विपक्ष हमेशा देश के साथ खड़ा रहता है. आप बेईमानी करेंगे तो हम उसके खिलाफ भी खड़े होंगे. बिल लाइए, उस पर सकारात्मक ढंग से चर्चा करते हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने और आलोचनाओं से बचने के लिए बड़े मुद्दे सामने लाती है. उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी भी बड़े विधेयक पर चर्चा से पीछे नहीं हटता.

वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन ने यूसीसी को लेकर संविधान और देश की विविधता का हवाला दिया. उन्होंने कहा, “किसी भी सुधार की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए.” उन्होंने सवाल किया कि क्या यूसीसी की बात करने वाले लोग अपनी पार्टी और संगठनों में जेंडर, धर्म और जाति के आधार पर समानता लागू करते हैं.

डोला सेन ने कहा कि भारत का संविधान ‘विविधता में एकता’ के सिद्धांत पर आधारित है. उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में अलग-अलग भाषाएं, विचार और परंपराएं हैं, जिन्हें साथ लेकर चलना ही देश की ताकत है. उन्होंने दावा किया कि ऊपर से किसी एक व्यवस्था को लागू करने की कोशिश देश की विविधता के खिलाफ हो सकती है.

उन्होंने कहा कि संविधान में भारत को कई राज्यों का संघ बताया गया है, जहां सभी समुदायों और क्षेत्रों को साथ लेकर चलने की व्यवस्था है. डोला सेन ने यूसीसी को लेकर सरकार पर आरोप लगाया कि इससे संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर सवाल खड़े होते हैं.

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने भी यूसीसी को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया, “यह मुद्दा जनता का ध्यान अन्य मामलों से हटाने के लिए उठाया जा रहा है. सरकार केवल सुर्खियां बदलने की कोशिश कर रही है और वास्तविक मुद्दों पर चर्चा से बच रही है.”

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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