सिया ने पकड़ा था केतन का हाथ और पहुंचे थे एयरपोर्ट, फिर ऐसा क्या हुआ कि बाली ट्रिप हो गया कैंसिल

पुणे. केतन अग्रवाल हत्याकांड में कैब ड्राइवर के बयान से एक और खुलासा हुआ है, जिसमें उसने कहा है कि सिया को उसके भाई ने जबरन कार में बिठाया था. ये ड्राइवर केतन, सिया व अन्य परिजनों को पुणे से मुंबई एयरपोर्ट छोड़ने गया था, जहां से इनको बाली प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए जाना था. ड्राइवर वैभव जाधव का दावा है कि सिया अपनी मर्जी से कार में नहीं बैठी थी, भाई ने हाथ पकड़कर बिठाया था.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार ड्राइवर ने बताया कि 6 जून को केतन अग्रवाल और सिया गोयल प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे. पुणे से रवाना होने के बाद रास्ते में सिया और उसके भाई साहिल के बीच किसी बात को लेकर बहस भी हुई थी. बाद में किवाले लोढ़ा इलाके से केतन और उसके परिवार के कुछ और सदस्य भी कार में सवार हुए और सभी मुंबई एयरपोर्ट साथ गए.
सिया ने कैसे केतन का पासपोर्ट किया गुम
वैभव जाधव ने बताया कि रास्ते में सभी लोग एक फूड कोर्ट पर चाय-नाश्ते के लिए रुके थे. इसी दौरान सिया यह कहकर अकेले कार के पास लौट गई कि वह अपना कुछ सामान लेना भूल गई है. ड्राइवर का दावा है कि उसने देखा कि सिया ने कार से कुछ सामान निकालकर अपनी जेब में रख लिया. हालांकि उस समय किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
इसलिए रद्द करनी पड़ी बाली यात्रा
मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सभी लोग अपने-अपने पासपोर्ट निकालने लगे, लेकिन केतन का पासपोर्ट नहीं मिला. इसके बाद केतन ने ड्राइवर को फोन कर पूछा कि पासपोर्ट कार में तो नहीं रह गया. काफी तलाश के बाद भी पासपोर्ट नहीं मिला और आखिरकार बाली की पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी.
एक पाउच में रखे सारे डाक्यूमेंट्स
केतन के पिता विजय अग्रवाल ने भी इस घटना को संदेहास्पद बताया है. उनका कहना है कि घर से निकलते समय कार में केवल चार लोग थे. उनका बेटा, बेटी, सिया और उसका भाई साहिल था. सभी के पासपोर्ट, विदेशी मुद्रा, क्रेडिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज एक ही पाउच में रखे गए थे. फूड मॉल पर सिया मोबाइल लेने के बहाने अकेले कार में गई थी. एयरपोर्ट पहुंचने पर सभी के पास पासपोर्ट थे, लेकिन सिर्फ केतन का पासपोर्ट गायब था.
पासपोर्ट बरामद करने जाएगी पुलिस
पुलिस जांच में भी यह बात सामने आई है कि फूड मॉल में कार से पासपोर्ट निकालने के बाद सिया ने उसे महिलाओं के वॉशरूम में फेंक दिया था. एसएसपी दिनेश तायडे ने बताया कि इस पहलू की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर जांच टीम को उस मॉल में भेजा जाएगा, जिससे पासपोर्ट बरामद किया जा सके.
238 घंटे तक बातचीत, फिर बनी हत्या की प्लानिंग
जांच में यह भी सामने आया है कि फरवरी में सगाई होने के बावजूद सिया का कारोबारी चेतन चौधरी के साथ कथित प्रेम संबंध जारी था. पुलिस के अनुसार पिछले छह महीनों में दोनों के बीच 2004 फोन कॉल हुए और उन्होंने करीब 238 घंटे तक बातचीत की. कई बार दोनों के बीच दो से तीन घंटे तक लगातार फोन पर बात हुई.



