भरतपुर के 6 खतरनाक पिकनिक स्पॉट्स पर प्रशासन अलर्ट, 21 सिविल डिफेंस वालंटियर्स तैनात

Last Updated:July 05, 2026, 09:36 IST
Bharatpur Picnic Spots: भरतपुर जिले में मानसून के दौरान संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने 21 प्रशिक्षित सिविल डिफेंस वालंटियर्स की टीम तैनात की है. इस टीम को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. जिले के 6 सबसे खतरनाक पिकनिक स्पॉट्स बांध बरेठा, दर्र भराना, इमलिया कुंड, सप्त कुंड, ग्वाल खो और काला खो पर सुरक्षा बढ़ाई गई है. उप जिला कलेक्टर राहुल सैनी के अनुसार जोखिम वाले बयाना क्षेत्र में 10 जवान तैनात रहेंगे और सभी टीमें आधुनिक उपकरणों से लैस होकर मुस्तैद रहेंगी.
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Bharatpur: राजस्थान में मानसून की दस्तक के साथ ही नदी, नालों और बांधों में पानी की आवक तेजी से बढ़ने लगती है. इस मौसम में लोग प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए पिकनिक स्पॉट्स का रुख करते हैं, लेकिन जरा सी लापरवाही बड़े हादसों का सबब बन जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए भरतपुर जिला प्रशासन ने इस बार मानसून के दौरान संभावित हादसों और आपदाओं से निपटने के लिए समय रहते बेहद पुख्ता और मजबूत तैयारी कर ली है.
प्रशासनिक स्तर पर की गई तैयारियों के तहत सिविल डिफेंस की ओर से 21 प्रशिक्षित वालंटियर्स की एक विशेष और समर्पित टीम तैयार की गई है. यह पूरी टीम मानसून के दौरान पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम करेगी. इन सभी वालंटियर्स को आपदा प्रबंधन, अत्याधुनिक रेस्क्यू ऑपरेशन और आपातकालीन प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) से जुड़ा विशेष एवं कड़ा प्रशिक्षण दिया गया है. इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिले में कहीं भी किसी भी आपात स्थिति के पैदा होने पर यह टीम तुरंत और प्रभावी ढंग से राहत कार्य शुरू कर सके.
जिले के 6 सबसे संवेदनशील और जोखिम भरे स्थान चिन्हितभरतपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से जिले के 6 सबसे संवेदनशील और खतरनाक पिकनिक स्पॉट्स की पहचान की है. इन चिन्हित स्थानों में प्रसिद्ध बांध बरेठा, दर्र भराना, इमलिया कुंड, सप्त कुंड, ग्वाल खो और काला खो मुख्य रूप से शामिल हैं. मानसून के दौरान इन पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अचानक पानी का स्तर बढ़ने, पत्थरों पर फिसलन होने और तेज बहाव के कारण हादसों की आशंका अत्यधिक बनी रहती है. पूर्व के वर्षों में भी इन स्थानों पर डूबने और फिसलने के कई दर्दनाक हादसे सामने आ चुके हैं, जिसे देखते हुए इस बार इन जगहों पर सुरक्षा इंतजामों को और अधिक चाक-चौबंद किया गया है.
बयाना क्षेत्र पर विशेष फोकस, जरूरी रेस्क्यू उपकरणों से लैस टीमेंप्रशासन द्वारा तैयार की गई 21 वालंटियर्स की इस टीम में से 10 विशेष जवानों को बयाना क्षेत्र में तैनात किया जाएगा, क्योंकि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहाँ सबसे ज्यादा जोखिम माना जाता है. इसके अतिरिक्त अन्य टीमों को अलग-अलग संवेदनशील स्पॉट्स पर रोटेशन के आधार पर तैनात कर निगरानी बढ़ाई जाएगी. इन सभी लाइफ गार्ड्स और टीमों को जरूरी आधुनिक उपकरण, लाइफ जैकेट, रस्सियां और बोट जैसे संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने में एक मिनट की भी देरी न हो.
उप जिला कलेक्टर की आम जनता से सावधानी बरतने की अपीलभरतपुर के उप जिला कलेक्टर राहुल सैनी ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि प्रशासन इस बार मानसून से पहले ही पूरी तैयारी में जुट गया है. संवेदनशील इलाकों में तैनात ये टीमें किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर सबसे पहले राहत और बचाव कार्य शुरू करेंगी. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाले हादसों को पूरी तरह से रोकना और जनहानि को शून्य पर लाना है. इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से भी पुरजोर अपील की है कि वे भारी बारिश के मौसम में इन खतरनाक जलाशयों और कुंडों के पास जाने से बचें तथा सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan



