क्रिकेट की दुनिया के 4 बड़े क्रिकेटर्स, जिनका करियर शराब और नशे की भेंट चढ़ गया, एक तो सचिन से भी ज्यादा टैलेंटेड था

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दुनिया के 4 बड़े क्रिकेटर्स, जिनका करियर शराब और नशे की भेंट चढ़ गया
Last Updated:August 05, 2026, 15:38 IST
4 famous cricketers whose career ruined by bad habits: क्रिकेट को जेंटलमैन का खेल माना जाता है. जहां टैलेंट के साथ अनुशासन काफी मायने रखता है. हालांकि, विनोद कांबली, एंड्रयू साइमंड्स, जेसी राइडर और जेम्स फॉकनर जैसे कई सुपरस्टार खिलाड़ियों का करियर शराब की लत और अनुशासनहीनता की भेंट चढ़ गया. रातों-रात मिली शोहरत और ग्लैमर को न संभाल पाने के कारण ये खिलाड़ी नशे के अंधकार में भटक गए. मैदान पर रिकॉर्ड बनाने की क्षमता रखने वाले ये दिग्गज अपनी गलत आदतों के कारण समय से पहले ही नेशनल टीमों से बाहर हो गए. दुनिया के 4 धाकड़ क्रिकेटर जिन्हें नशे की लत ने बर्बाद कर दिया.
नई दिल्ली. क्रिकेट को अक्सर ‘जेंटलमेंस गेम’ गेम कहा जाता है. इसमें मैदान के भीतर और बाहर खिलाड़ियों से न सिर्फ बेहतरीन खेल, बल्कि एक उच्च स्तर के आचरण और अनुशासन की उम्मीद भी की जाती है. हालांकि, क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा से दुनिया को हैरान किया, लेकिन खेल की चकाचौंध और ग्लैमर के पीछे छिपे नशे और अनुशासनहीनता के अंधेरे में खुद को गुम कर दिया. इनमें से एक को तो दिग्गज सचिन तेंदुलकर से भी टैलेंटेंड माना जा रहा था.आइए जानते हैं ऐसे ही चार धाकड़ खिलाड़ियों के बारे में, जिनका करियर शराब और बुरी आदतों की भेंट चढ़ गया.
21वीं सदी की शुरुआत में विश्व क्रिकेट पर एकतरफा राज करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक थे एंड्रयू साइमंड्स (Andrew Symonds) . बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों डिपार्टमेंट में वे एक दुर्लभ प्रतिभा के धनी थे. अगर वे लंबे समय तक खेल पाते, तो उनका नाम दुनिया के सर्वकालिक महान ऑलराउंडरों की पहली कतार में शामिल होता. लेकिन साइमंड्स को शराब की भयंकर लत लग गई थी. वे खुद स्वीकार चुके थे कि वे एक बार में पूरी शराब की बोतल खाली करने की क्षमता रखते थे. साल 2009 के बाद उनकी यह लत और अनुशासनहीनता ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड की सहनशक्ति से बाहर हो गई, जिसके चलते उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. क्रिकेट के बाद वे ग्लैमर से दूर लंबे समय तक गुमनामी की जिंदगी जी रहे थे. मई 2022 में एक दुखद सड़क हादसे में उनका निधन हो गया.
जेसी राइडर की कोमा से लौटकर भी न छूटी लतन्यूजीलैंड के विस्फोटक बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज जेसी राइडर (Jesse Ryder) जब क्रीज पर उतरते थे, तो दुनिया के बड़े से बड़े गेंदबाज खौफ खाते थे. साल 2009-10 के भारत दौरे के दौरान उन्होंने इंटरनेशनल स्टेज पर अपनी अमिट छाप छोड़ी. हालांकि, राइडर का करियर जितनी तेजी से चमका, उतनी ही तेजी से शराब की लत के कारण नीचे आ गिरा. मार्च 2013 में क्राइस्टचर्च के एक बार के बाहर उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसके बाद वे कई दिनों तक कोमा में रहे. सिर में गंभीर चोट लगने के बावजूद उन्होंने चमत्कारिक वापसी की और शतक भी जड़ा, लेकिन वे शराब की अपनी लत से पीछा नहीं छुड़ा सके. इस वजह से उनका बेहतरीन करियर असमय ही खत्म हो गया.
जेम्स फॉकनर के लिए मैनचेस्टर की एक रात जिसने करियर बदल दियाऑस्ट्रेलियाई टीम को 2015 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले जेम्स फॉकनर (James Faulkner) के पास एक महान ऑलराउंडर बनने की पूरी क्षमता थी. आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपनी डेथ-ओवर गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था. लेकिन 2015 में इंग्लैंड के मैनचेस्टर शहर में शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस घटना ने उनकी राष्ट्रीय छवि को गहरा धक्का पहुंचाया. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन पर कड़ा रुख अपनाया और निलंबन लगाया. इस विवाद के बाद वे कभी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके और राष्ट्रीय टीम से हमेशा के लिए बाहर हो गए.
सचिन तेंदुलकर से भी ज्यादा टैलेंटेड थे विनोद कांबलीभारतीय क्रिकेट इतिहास में विनोद कांबली (Vinod Kambli) का नाम उस प्रतिभा के रूप में दर्ज है, जो आते ही छा गई थी. महज 21 साल की उम्र में साल 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में दोहरा शतक जड़कर उन्होंने हलचल मचा दी थी. वे भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने. शुरुआती 17 टेस्ट मैचों में ही दो दोहरे शतक ठोकने वाले कांबली के बारे में एक समय यह कहा जाने लगा था कि वे तकनीक के मामले में अपने प्रिय मित्र सचिन तेंदुलकर से भी आगे हैं. हालांकि, रातों-रात मिली इस शोहरत को वे संभाल नहीं पाए. शराब की लत, देर रात तक पार्टियां और अनुशासनहीनता उनके जीवन का हिस्सा बन गईं. धीरे-धीरे उनके खेल की धार कुंद होती गई और वे टीम से बाहर हो गए. खेल से दूर होने के बाद भी उनका जीवन विवादों से घिरा रहा और घरेलू हिंसा जैसे मामलों ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया.
नशे के जाल में खोते करियरक्रिकेट में ऐसे कई और उदाहरण भी हैं जहां खिलाड़ियों ने नशे की वजह से अपनी राह खो दी. कुछ खिलाड़ी नशे की लत से बाहर आने में सफल रहे, लेकिन कई का करियर हमेशा के लिए तबाह हो गया. यह कहानी सिर्फ चार खिलाड़ियों की नहीं है, बल्कि यह खेल जगत के लिए एक सीख है कि प्रतिभा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अनुशासन के बिना उसका कोई मोल नहीं रह जाता.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 05, 2026, 15:38 IST



