Rajasthan

अपना भवन खंडहर, किराये का ठिकाना भी छिना! पाली की आंगनबाड़ी केन्द्र पर दोहरी मार

Last Updated:August 06, 2026, 12:30 IST

Pali Anganwadi Centre Dilapidated Building: पाली जिले की रोहट पंचायत समिति के राण गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम बदहाल व्यवस्था का उदाहरण बन गया है. केंद्र का सरकारी भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, इसलिए पिछले करीब एक साल से इसे किराये के भवन में संचालित किया जा रहा था. अब उस भवन मालिक ने भी परिसर खाली करने का नोटिस दे दिया है. ऐसे में केंद्र के सामने संचालन का संकट खड़ा हो गया है. इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं पर पड़ेगा, जिन्हें यहीं पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. मानसून के दौरान जर्जर भवन के कारण हादसे का खतरा भी बढ़ गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित वैकल्पिक भवन की व्यवस्था और नए भवन के निर्माण की मांग की है.

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पाली. सोचिए… अगर किसी का अपना खुद का भवन हो, लेकिन फिर भी उसे मजबूरी में किराये के भवन में रहना पड़े और हद तो तब हो जाए जब उस किराये के मकान को भी खाली करने का अल्टीमेटम मिल जाए! ऐसी ही अजीब और बदहाल स्थिति से जूझ रहा है पाली जिले की रोहट पंचायत समिति का राणा आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम. सरकारी उपेक्षा की इंतहा देखिए कि इस केंद्र का अपना खुद का भवन जर्जर पड़ा है, जिससे हादसों का डर बना रहता है. इस वजह से इसे एक किराये के मकान में अस्थायी रूप से चलाया जा रहा था. लेकिन अब उस किराये के मकान को भी खाली करने का नोटिस मिल चुका है.  यानी खुद की छत नसीब नहीं और किराये के ठिकाने से भी बेघर होने की नौबत आन पड़ी है. इस पूरी प्रशासनिक नाकामी की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं मासूम बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाएं, जिनकी पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप्प होने के कगार पर पहुंच गई हैं.

मानसून के इस मौसम में ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है कि आखिर उनके नौहाल जाएं तो जाएं कहां? आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम की स्थिति बेहद बदहाल हो चुकी है. केंद्र का मूल सरकारी भवन पूरी तरह से जर्जर अवस्था में पहुंच गया है. दीवारों का प्लास्टर उधड़ चुका है, जगह-जगह गहरी दरारें आ गई हैं और छत में सीलन के कारण हर समय सीमेंट व कंक्रीट गिरने का खतरा बना रहता है. मानसून के इस मौसम में भवन की हालत और भी ज्यादा भयावह हो गई है, जिससे यहां आने वाले मासूम बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं चरम पर हैं.

किराये के ठिकाने से भी मिला बेदखली का नोटिस

मूल भवन के खतरनाक स्थिति होने के कारण बीते करीब एक वर्ष से इस आंगनबाड़ी केंद्र को अस्थायी रूप से ‘कृषि सेवा केंद्र’ के एक किराये के भवन में संचालित किया जा रहा था. लेकिन अब केंद्र पर दोहरी आफत आ पड़ी है. भवन संचालक ने आंगनबाड़ी प्रशासन को परिसर खाली करने का नोटिस थमा दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब इस केंद्र का संचालन कहां किया जाएगा? यदि तुरंत प्रभाव से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो गांव के छोटे बच्चों को मिलने वाला पोषाहार, टीकाकरण और धात्री महिलाओं को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी.

अधिकारियों की अनदेखी से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश

ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि उन्होंने पिछले एक साल में कई बार महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक नुमाइंदों को इस समस्या से लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया. इसके बावजूद न तो जर्जर भवन की मरम्मत कराई गई और न ही नए भवन के निर्माण को लेकर कोई बजट स्वीकृत हुआ. शासन-प्रशासन की इस उदासीनता का खामियाजा गांव के गरीब परिवारों और मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.

नए भवन निर्माण को लेकर अभिभावकों ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्रभाव से कदम उठाए जाएं. ग्रामीणों की मांग है कि जब तक नए भवन का निर्माण या पुराने भवन की मरम्मत का काम पूरा नहीं होता, तब तक केंद्र के संचालन के लिए किसी अन्य सुरक्षित सरकारी या वैकल्पिक भवन की तत्काल व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं का भविष्य अधर में न लटके.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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August 06, 2026, 12:30 IST

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