Rajasthan

अब बिना बिचौलियों के बिकेगी जैविक फसल, 30 हजार किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

Last Updated:August 06, 2026, 13:44 IST

Agriculture News: राजस्थान में सहकारिता विभाग और कॉन्फेड मिलकर राज्य में पहली बार certified जैविक किसानों, FPOs और समूहों का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं. इससे किसान बिना बिचौलियों के सीधे अपनी उपज कॉन्फेड को बेच सकेंगे और उपभोक्ताओं को शुद्ध उत्पाद मिलेंगे. योजना का लाभ लेने के लिए राजस्थान राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था का वैध सर्टिफिकेट अनिवार्य है. प्रदेश के करीब 30 हजार प्रमाणित किसानों को इस सीधी खरीद व्यवस्था और बेहतर मूल्य का सीधा लाभ मिलेगा.

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Rajasthan: राजस्थान में जैविक खेती (Organic Farming) करने वाले अन्नदाताओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. प्रदेश में अब जैविक किसानों को अपनी मेहनत का फल प्राप्त करने और उपज बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. सहकारिता विभाग ने किसानों को उनकी जैविक उपज का सही और बेहतर दाम दिलाने तथा आम उपभोक्ताओं तक शुद्ध रसायन-मुक्त उत्पाद पहुंचाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है. इसके तहत ‘राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड’ (कॉन्फेड) प्रदेश भर के प्रमाणित जैविक किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), उत्पादक समूहों और फर्मों का एक वृहद राज्यस्तरीय डेटाबेस तैयार कर रहा है.

अब तक राज्य में प्रमाणित जैविक खेती करने वाले अधिकांश किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी उपज को अलग और सही बाजार दिलाने की थी. मजबूरी में किसानों को अपनी जैविक उपज सामान्य फसलों के भाव पर ही मंडी में बेचनी पड़ती थी, जिससे उनकी लागत और कड़ी मेहनत का उचित मुनाफा नहीं मिल पाता था. लेकिन नई व्यवस्था के तहत सहकारिता विभाग और कॉन्फेड सीधे प्रमाणित किसानों से जैविक उत्पाद खरीदेगा और अपने उपभोक्ता स्टोरों तथा आउटलेट्स के जरिए बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगा.

डेटाबेस के लिए विभाग ने किसानों से मांगी विस्तृत जानकारीराज्यस्तरीय सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए सहकारिता विभाग ने किसानों और एफपीओ से विस्तृत ब्योरा मांगा है. इसमें किसान का नाम, मोबाइल नंबर, गांव व जिला, प्रमाणित जैविक उत्पादों की सूची, वर्तमान स्टॉक, सालभर में संभावित आपूर्ति क्षमता, उत्पादन स्थल पर बिक्री मूल्य तथा जयपुर तक परिवहन सहित कुल लागत की जानकारी शामिल है. विभाग ने व्यवस्था की है कि जिन किसानों के पास फिलहाल स्टॉक नहीं है, वे भी आगामी 3 महीनों में होने वाली अपनी संभावित फसल का ब्योरा देकर इस डेटाबेस से जुड़ सकते हैं ताकि अग्रिम खरीद योजना तैयार की जा सके.

वैध प्रमाणीकरण अनिवार्य, करीब 30 हजार किसानों को मिलेगा लाभइस विशेष योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों और संस्थाओं को मिलेगा जिनके पास ‘राजस्थान राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था’ (RSOCA) का वैध प्रमाण पत्र होगा. वर्तमान में प्रदेश में करीब 30 हजार प्रमाणित जैविक किसान पंजीकृत हैं. कृषि विशेषज्ञ दिनेश जाखड़ का मानना है कि यह पहली बार है जब राज्य स्तर पर ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बन रही है. इस मॉडल से न केवल किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, बल्कि राज्य में ऑर्गेनिक फार्मिंग का दायरा और सप्लाई चेन नेटवर्क भी काफी मजबूत होगा.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Sikar,Sikar,Rajasthan

First Published :

August 06, 2026, 13:42 IST

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