उत्तर पश्चिम रेलवे का पहला MEMU मेंटेनेंस हब बनेगा मेड़ता रोड, 370 मीटर पिट लाइन भी तैयार होगी

Last Updated:August 07, 2026, 10:02 IST
Merta Road Nagaur MEMU Maintenance Hub: उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड स्थित डेमू शेड को ₹75.18 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मेमू मेंटेनेंस हब के रूप में विकसित कर रहा है. इसके पूरा होने पर यह NWR का पहला आधुनिक मेमू अनुरक्षण केंद्र बनेगा. परियोजना में 370 मीटर लंबी पिट लाइन, 3 स्टेबलिंग लाइनें और लोको पायलटों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र तैयार किया जा रहा है. इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी और रेल संचालन अधिक सुरक्षित व तेज होगा.
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Merta Road Nagaur NWR MEMU Maintenance Hub: मेड़ता रोड में ₹75.18 करोड़ से बन रहा NWR का पहला मेमू मेंटेनेंस हब
Merta Road: राजस्थान के नागौर जिले में स्थित मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन जल्द ही रेलवे के बुनियादी ढांचे में एक नया इतिहास रचने जा रहा है. उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) का जोधपुर मंडल अपने यात्री परिचालन को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह से विद्युत आधारित बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड स्थित डेमू (DEMU) शेड को ₹75.18 करोड़ की भारी-भरकम लागत से अत्याधुनिक मेमू (MEMU) अनुरक्षण हब (Maintenance Hub) के रूप में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है. इस परियोजना के पूरा होते ही मेड़ता रोड उत्तर पश्चिम रेलवे का पहला ऐसा आधुनिक केंद्र बन जाएगा, जहां इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट रेकों का अत्याधुनिक तकनीकों से रखरखाव किया जा सकेगा.
परियोजना के तहत मेड़ता रोड यार्ड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य किए जा रहे हैं. स्टेशन यार्ड से शेड को जोड़ने का विद्युतीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा, मेमू रेकों की जांच और धुलाई-सफाई के लिए 370 मीटर लंबी एक नई आधुनिक पिट लाइन का निर्माण किया जा रहा है. साथ ही, ट्रेनों के ठहराव और पार्क करने के लिए तीन नई स्टेबलिंग लाइनें और अन्य आधुनिक रखरखाव सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
लोको पायलटों को मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, 48 नई मेमू रेकों की मांगइस परियोजना के अंतर्गत लोको पायलटों (ट्रेन चालकों) के लिए उच्च स्तरीय एवं अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं. इससे रेलवे का चालक दल नई इलेक्ट्रिक तकनीकों के अनुरूप पूरी तरह से दक्ष होगा, जिससे रेल संचालन की संरक्षा, समयबद्धता और गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार आएगा. वर्तमान में मेड़ता रोड में उत्तर पश्चिम रेलवे की 46 डेमू रेकों का नियमित रखरखाव किया जाता है और प्रत्येक सप्ताह औसतन 16 रेकों का अनुरक्षण होता है. आगामी दिनों की जरूरतों को देखते हुए जोधपुर मंडल ने रेलवे बोर्ड से 48 नई मेमू रेकों की मांग भी भेजी है.
डीजल पर निर्भरता होगी कम, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बलमेड़ता रोड में बनने वाले इस अत्याधुनिक मेमू मेंटेनेंस हब से रेलवे के परिचालन व्यय में भारी कमी आएगी. डेमू (डीजल) से मेमू (इलेक्ट्रिक) ट्रेनों की ओर बढ़ने से डीजल ईंधन पर रेलवे की निर्भरता काफी हद तक घट जाएगी. इससे न केवल ट्रेनों की गति में इजाफा होगा बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम होने से पर्यावरण संरक्षण को भी काफी बल मिलेगा. स्थानीय यात्रियों को भी भविष्य में तेज़, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल रेल सेवाओं का लाभ मिल सकेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Merta Road,Nagaur,Rajasthan
First Published :
August 07, 2026, 10:02 IST



