जोधपुर में बदल रहा इलाज का ट्रेंड, होम्योपैथी पर बढ़ा भरोसा, सरकारी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

Last Updated:August 07, 2026, 11:16 IST
जोधपुर में इलाज का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. कम दुष्प्रभाव, मुफ्त परामर्श और सरकारी स्तर पर दवा उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में मरीज होम्योपैथी की ओर रुख कर रहे हैं. मरीजों के सकारात्मक अनुभव और बढ़ती जागरूकता के चलते सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सालयों में रोजाना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
जोधपुर. जिले में इलाज का ट्रेंड तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है, पहले जहां अधिकांश लोग छोटी-बड़ी हर बीमारी में सीधे एलोपैथी का सहारा लेते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में मरीज होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की ओर भी रुख कर रहे हैं. सरकारी होम्योपैथिक चिकित्सालयों में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या इस बदलाव की तस्वीर पेश कर रही है.कम दुष्प्रभाव, आसान उपलब्धता और सरकारी स्तर पर निशुल्क परामर्श व दवा वितरण जैसी सुविधाओं ने लोगों का भरोसा मजबूत किया है. यही वजह है कि अब आमजन के साथ-साथ आयुष के विद्यार्थी भी इस चिकित्सा पद्धति को नजदीक से समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं.
इस बढ़ते विश्वास के पीछे मरीजों के अनुभव भी बड़ी वजह बन रहे है, एक छात्र ने बताया कि वह लंबे समय से मुंह के छालों की समस्या से परेशान था. कई बार अन्य उपचार लेने के बाद भी कुछ दिनों में परेशानी दोबारा लौट आती थी, लेकिन होम्योपैथी उपचार शुरू करने के बाद उसे काफी राहत मिली और अब जरूरत पड़ने पर कम समय में आराम मिल जाता है. वहीं छात्र विकास का कहना है कि होम्योपैथी की दवाएं लेना आसान होता है और अपेक्षाकृत कम दुष्प्रभाव होने के कारण लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे अनुभव दूसरे मरीजों को भी इस चिकित्सा पद्धति की ओर आकर्षित कर रहे हैं.
सरकारी सुविधाओं से बढ़ी पहुंचमंडोर ब्लॉक स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रियंका नरूका बताती हैं कि सरकार द्वारा होम्योपैथी सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है. उनके अनुसार छात्र-छात्राएं विशेष रूप से सिरदर्द, उल्टी-दस्त, महिलाओं की सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य रोजमर्रा की तकलीफों के लिए बड़ी संख्या में चिकित्सालय पहुंच रहे हैं. उनका कहना है कि बढ़ती जागरूकता और बेहतर सरकारी सुविधाओं के कारण होम्योपैथी के प्रति लोगों का विश्वास पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुआ है.
विशेषज्ञों की सलाह भी जरूरीकिसी भी चिकित्सा पद्धति को चमत्कारी समाधान मानना उचित नहीं है.हर बीमारी की प्रकृति अलग होती है और उपचार का निर्णय योग्य चिकित्सक की सलाह के आधार पर ही लिया जाना चाहिए.मरीजों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी दवा या उपचार पद्धति को शुरू या बंद नहीं करना चाहिए। लेकिन इतना जरूर है कि सरकारी प्रयासों, बढ़ती जागरूकता और मरीजों के सकारात्मक अनुभवों के चलते जोधपुर सहित राजस्थान में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ता नजर आ रहा है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 07, 2026, 11:16 IST



