राजस्थान सरकार की मुफ्त पशु बीमा योजना, जानें किन पशुओं का होगा निःशुल्क बीमा और कैसे करें आवेदन

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राजस्थान में पशुपालकों को फ्री पशु बीमा, जानें पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया
Last Updated:August 07, 2026, 11:09 IST
Mukhyamantri Mangla Pashu Bima Yojana: राजस्थान सरकार की ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत पशुपालक अपने दुधारू व अन्य पशुओं का पूर्णतः निःशुल्क बीमा करा सकते हैं. इसमें प्रीमियम का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. योजना में 2 गाय/भैंस, 10 भेड़/बकरी या 10 ऊंटों का बीमा कराया जा सकता है. पशु के कान में आधिकारिक ईयर टैग होना अनिवार्य है. जन आधार कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते के विवरण के साथ ई-मित्र या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन किया जा सकता है.
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Mukhyamantri Mangla Pashu Bima Yojana Details: राजस्थान में कृषि के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत रीढ़ माना जाता है. प्रदेश विशेषकर मारवाड़ क्षेत्र के लाखों परिवारों की आजीविका और रोजी-रोटी गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और ऊंट जैसे दुधारू तथा भारवाहक पशुओं के पालन-पोषण पर टिकी हुई है. हालांकि, अचानक किसी बीमारी, दुर्घटना, सर्पदंश या प्राकृतिक आपदा के कारण दुधारू पशु की मृत्यु हो जाने पर पशुपालकों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है. कई बार परिवार की आय का एकमात्र जरिया खत्म होने से दोबारा पशु खरीदना भी नामुमकिन हो जाता है. ऐसे संकट के समय राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ (Mukhyamantri Mangla Pashu Bima Yojana) पशुपालकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है.
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना, पशुपालन व्यवसाय को जोखिम मुक्त बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व देना है. योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह राज्य के पात्र पशुपालकों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क है. पशुपालकों को अपने पशुओं का बीमा (Livestock Insurance) कराने के लिए किसी भी प्रकार की प्रीमियम राशि नहीं देनी होगी; बीमा का पूरा खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी. यदि बीमित पशु की योजना की निर्धारित शर्तों के अंतर्गत अकाल मृत्यु हो जाती है, तो पशुपालक को निर्धारित आर्थिक मुआवजा दिया जाता है, जिससे वह नया पशु खरीदकर अपनी आजीविका को फिर से पटरी पर ला सकता है.
गाय, भैंस, भेड़-बकरी और ऊंट शामिल; जन आधार से मिलेगी प्राथमिकतापशुपालक अपने जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card) के माध्यम से बिना किसी जटिल कागजी प्रक्रिया के आसानी से इस योजना का लाभ ले सकते हैं. इसमें ‘गोपाल क्रेडिट कार्ड’ (Gopal Credit Card) धारकों और ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) योजना से जुड़ी महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है. योजना के तहत एक पशुपालक परिवार अधिकतम 2 गाय, 2 भैंस (या 1 गाय और 1 भैंस), अथवा 10 बकरियां, 10 भेड़ें या 10 ऊंटों का निःशुल्क बीमा करवा सकता है. इससे छोटे, सीमांत और पारंपरिक पशुपालकों को सीधा संबल मिलेगा.
ईयर टैगिंग (Ear Tagging) अनिवार्य शर्त, बिना टैग के नहीं होगा पंजीकरणयोजना में पारदर्शिता बनाए रखने और बीमित पशु की सटीक पहचान के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण शर्त लागू की है. केवल उन्हीं पशुओं का बीमा स्वीकार किया जाएगा जिनके कान में आधिकारिक 12-अंकों वाला ईयर टैग (Ear Tag) लगा होगा. यदि पशुपालक के पशु में टैग नहीं लगा है, तो पहले पशुचिकित्सक से उसकी टैगिंग करानी होगी. बिना टैग वाले पशुओं का आवेदन खारिज कर दिया जाएगा.
ऑनलाइन पोर्टल, ई-मित्र और मोबाइल ऐप से कर सकते हैं आवेदनपशुपालन विशेषज्ञ डॉ. विशाल प्रजापति के अनुसार, आर्थिक सुरक्षा मिलने से ग्रामीण पशुपालक उन्नत और उच्च नस्ल के मवेशी खरीदने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे. योजना में आवेदन की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है. पात्र पशुपालक खुद आधिकारिक पोर्टल, मोबाइल ऐप या नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं. आवेदन के समय जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, मोबाइल नंबर और पशु का टैग नंबर व संबंधित विवरण देना अनिवार्य होगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
August 07, 2026, 11:09 IST



