Nag Panchami 2026 Sawan Somwar | नाग पंचमी 2026 सावन सोमवार

Last Updated:August 09, 2026, 14:16 IST
Nag Panchami 2026: इस बार सावन मास के दूसरे सोमवार को ही नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग बन रहा है. करौली के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष उपाध्याय के अनुसार 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन है. इस शुभ दिन भगवान शिव का अभिषेक, पार्थेश्वर पूजन और वेदपाठी ब्राह्मण से पाठ करवाने से राहु-केतु दोष और कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं. कुंडली के क्रूर ग्रहों की शांति के लिए इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करने की सलाह दी गई है.
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Nag Panchami 2026: हिंदू धर्म में नाग देवता को पूजनीय माना गया है. हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस बार का सावन मास धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है. इस साल सावन महीने में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं और खास बात यह है कि सावन के दूसरे सोमवार के दिन ही नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा.
करौली के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित मनीष उपाध्याय के अनुसार, इस वर्ष 17 अगस्त 2026 को सावन का दूसरा सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन पड़ रहे हैं. ऐसा दुर्लभ संयोग वर्षों बाद बनता है, जब भगवान भोलेनाथ और नाग देवता की पूजा का फल एक साथ प्राप्त होता है. इस दिन किए गए विशेष पूजन और उपायों से न केवल भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, बल्कि साधक को नाग देवता का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है.
राहु-केतु की महादशा और कालसर्प दोष मिटाने के लिए करें ये उपायज्योतिषाचार्य पंडित मनीष उपाध्याय का कहना है कि जिन जातकों की जन्म कुंडली में राहु-केतु ग्रह की अशुभ दशा या महादशा चल रही है, या फिर कुंडली में कालसर्प दोष बना हुआ है, उनके लिए यह दिन वरदान के समान है. इस दुर्लभ संयोग पर कुछ विशेष धार्मिक उपाय करके इन दोषों के नकारात्मक प्रभाव को जड़ से समाप्त किया जा सकता है.
पार्थेश्वर पूजन और अभिषेक: नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव का जलाभिषेक या दुग्धाभिषेक करें. इस दिन मिट्टी के शिवलिंग बनाकर पार्थेश्वर पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है.
वेदपाठी ब्राह्मण से अभिषेक: इस शुभ दिन पर वेदपाठी ब्राह्मण के माध्यम से वेदोक्त मंत्रों का पाठ करवाते हुए भोलेनाथ का रुद्राभिषेक अवश्य करवाएं. यह उपाय मानसिक शांति और पारिवारिक समृद्धि प्रदान करता है.
कुंडली के क्रूर ग्रहों के प्रभाव को शांत करने का तरीकाज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म कुंडली के 12 भावों का अपना विशेष महत्व होता है. यदि किसी जातक की कुंडली के किसी भी घर में कोई क्रूर या पापी ग्रह (जैसे राहु, केतु या शनि) बैठा है, तो नाग पंचमी के दिन भगवान शंकर का अभिषेक करने के साथ-साथ राहु-केतु शांति मंत्रों का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से कुंडली के दोष शांत होते हैं और जीवन में आ रही रुकावटें दूर होकर सफलता के मार्ग खुलते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Karauli,Karauli,Rajasthan
First Published :
August 09, 2026, 14:16 IST



