Surya Grahan 2026 Live Streaming: घर से बाहर नहीं रखना होगा एक भी कदम, बिस्तर में लेटे-लेटे देखें अपने मोबाइल पर सूर्य ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंंग

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घर से बाहर नहीं रखना होगा एक भी कदम, देखें सूर्य ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग
Last Updated:August 12, 2026, 20:49 IST
आज 12 अगस्त 2026 को बड़ा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ हिस्सों में दिन के उजाले के बीच कुछ समय के लिए सूरज चांद के पीछे छिप जाएगा. ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ छोटे हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा.
आज 12 अगस्त 2026 को आसमान में एक बेहद खास खगोलीय घटना होने जा रही है. सूर्य ग्रहण के दौरान दुनिया के कुछ हिस्सों में दिन के उजाले के बीच थोड़े समय के लिए सूरज चांद के पीछे छिप जाएगा. लोगों के लिए यह नजारा खास होने वाला है. हालांकि, भारत में रहने वाले लोग इस सूर्य ग्रहण को नहीं देख पाएंगे. भारत इस ग्रहण के दिखाई देने वाले क्षेत्र से बाहर है.
यहां देखें सूर्य ग्रहण
कहां-कहां दिखेगा पूरा सूर्य ग्रहण?
नासा ने बताया है कि पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में दिखेगा. इसके अलावा यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कई हिस्सों में लोग आंशिक सूर्य ग्रहण देख सकेंगे. अमेरिका के कुछ उत्तरी हिस्सों और कनाडा में भी ग्रहण दिखाई देगा.
सूर्य ग्रहण आखिर होता कैसे है?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चांद सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच आ जाता है. चांद की छाया पृथ्वी के एक हिस्से पर पड़ती है. वहां से देखने पर सूरज का कुछ या पूरा हिस्सा ढका हुआ दिखाई देता है. पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए दिन में अंधेरे जैसा माहौल बन सकता है. तापमान में हल्की गिरावट महसूस हो सकती है.
सूरज और चांद में खास कनेक्शन?
नासा ने इसे कॉस्मिक कोइंसिडेंस बताया है. सूरज चांद से करीब 400 गुना बड़ा है. लेकिन वह पृथ्वी से चांद की तुलना में करीब 400 गुना ज्यादा दूर भी है. इसी वजह से पृथ्वी से देखने पर दोनों का आकार आसमान में लगभग बराबर दिखाई देता है. यही कारण है कि सही जगह से देखने पर चांद कुछ समय के लिए पूरे सूरज को ढक लेता है. इससे सूरज का सिर्फ बाहर का हिस्सा ही दिखाई देता है.
भारत में क्यों नहीं दिखेगा?
भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई न देने की सबसे बड़ी वजह इसकी छाया का रास्ता है. सूर्य ग्रहण सिर्फ उन्हीं इलाकों से देखा जा सकता है जहां चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है. इस बार ग्रहण की छाया उत्तरी गोलार्ध के कुछ हिस्सों से गुजर रही है, जबकि भारत इस क्षेत्र से बाहर है. इसलिए भारत में यह ग्रहण न तो पूर्ण रूप से और न ही आंशिक रूप से दिखाई देगा.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
मैं इस समय App टीम का हिस्सा हूं. App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…
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August 12, 2026, 20:46 IST



