Agriculture: मूंगफली के खेत में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान, मानसून में ऐसे करें फसल की देखभाल

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मूंगफली के खेत में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान, ऐसे करें फसल की देखभाल
Last Updated:August 13, 2026, 06:58 IST
Peanut Crop Management Tips: मूंगफली की फसल के लिए बारिश का मौसम कभी-कभी खतरनाक साबित होने लगता है. लगातार बारिश, बादल और खेतों में ज्यादा नमी के कारण सफेद लट और पत्ती धब्बा रोग का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञ बजरंग सिंह ने किसानों को फिलहाल बारिश की संभावना के दौरान किसी भी दवा का अनावश्यक छिड़काव नहीं करने की सलाह दी है. मौसम साफ होने के बाद ही जरूरत के मुताबिक फसल पर दवा का छिड़काव करें. मूंगफली में पंग बनने से पहले निराई-गुड़ाई करें, लेकिन खेत में अत्यधिक नमी होने पर इससे बचें. सफेद लट से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 200 एसएल को मिट्टी में मिलाने की सलाह दी गई है, जबकि पत्ती धब्बा रोग के लिए बाविस्टिन का छिड़काव किया जा सकता है. इसके अलावा खेत में जलभराव रोकना और रोजाना फसल की निगरानी करना बेहद जरूरी है.
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नागौर: मानसून के मौसम में मूंगफली की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है. लगातार बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति में खेतों में नमी बढ़ने से फसल में कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है. ऐसे में किसानों को मौसम को देखते हुए फसल प्रबंधन करने की जरूरत है. अगर सही समय पर किसान ध्यान नहीं देते हैं तो इसका प्रभाव फसल के उत्पादन पर भी पड़ सकता है. खासतौर पर इस मौसम में मूंगफली में सफेद लट और पत्ती धब्बा रोग का प्रकोप सबसे अधिक रहता है. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने बताया कि बारिश की संभावना को देखते हुए किसान फिलहाल किसी भी तरह की दवा का अनावश्यक छिड़काव नहीं करें.
बारिश होने पर दवा पत्तियों से धुल सकती है और उसका असर कम हो जाता है. ऐसे में मौसम साफ होने और खेत की स्थिति सामान्य होने के बाद ही जरूरत के अनुसार फसल दवा का छिड़काव करें. उन्होंने बताया कि मूंगफली की फसल में पंग यानी सूंडया बनने से पहले निराई-गुड़ाई का काम बहुत जरूरी होता है. खेत में खरपतवार रहने से फसल को पोषक तत्व, पानी और धूप के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसलिए किसान सही समय पर निराई-गुड़ाई करके खेत को खरपतवार हटा दे. हालांकि मिट्टी में अधिक नमी होने पर किसान तुरंत गुड़ाई करने से बचें, क्योंकि इससे मिट्टी की संरचना खराब हो सकती है और पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है.
सफेद लट से बचाने के लिए अपनाएं यह तरीका
मूंगफली में सफेद लट यानी सफेद सूंडी जड़ों को नुकसान पहुंचाकर पौधों को कमजोर कर सकती है. ऐसे में इसके उपाय के लिए किसान इमिडाक्लोप्रिड 200 एसएल की 300 मिलीलीटर मात्रा को 80-100 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर खेत में बारिश के दिनों में फसल की पंक्तियों के बीच डाले. इससे खेत में सफेद लट की समस्या दूर हो जाएगी.
लगातार बादल छाए तो पत्ती धब्बा रोग से रहें सावधान
मूंगफली में लगातार बादल छाए रहने और वातावरण में नमी अधिक रहने पर पत्ती धब्बा रोग का खतरा बढ़ जाता है. इसकी शुरुआत पत्तियों पर छोटे-छोटे भूरे या गहरे धब्बों के रूप में दिखाई दे सकती है. इसके बचाव के लिए किसान 0.5 ग्राम बाविस्टिन प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करें. इसके अलावा किसान इस बात का भी ध्यान रखें कि वे छिड़काव हमेशा मौसम साफ रहने पर करें और बारिश की संभावना होने पर स्प्रे करने से बचें.
खेत में जलभराव बिल्कुल न होने दें
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह ने बताया कि मूंगफली की अच्छी पैदावार के लिए खेत में उचित जल निकास बेहद जरूरी है. लगातार बारिश के बाद खेत में पानी जमा रहने से जड़ों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और पौधे पीले पड़ने लगते हैं. ऐसे में किसान खेत की मेड़ और नालियों की जांच करें और जहां पानी जमा हो रहा है, वहां निकासी की व्यवस्था करें. खास रूप से भारी मिट्टी वाले खेतों में जल निकासी पर अधिक ध्यान देना चाहिए.
फसल की निगरानी बढ़ाने के साथ लक्षण दिखने पर तुरंत लें सलाह
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार किसान बारिश के मौसम में किसान रोजाना खेत का निरीक्षण करें. पौधों की पत्तियों, जड़ों और तने की स्थिति देखें. कहीं पौधे अचानक मुरझा रहे हों, पत्तियों पर धब्बे दिखाई दे रहे हों या जड़ों के पास कीट का प्रकोप नजर आए तो तुरंत इसका उपचार करे. बारिश के दौरान खेत में अतिरिक्त नमी होने पर सिंचाई की जरूरत नहीं होती। किसान मिट्टी में नमी की स्थिति देखकर ही पानी देने का निर्णय लें. भारी बारिश के बाद तुरंत अतिरिक्त उर्वरक डालने के बजाय खेत की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करें.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Nagaur,Rajasthan
First Published :
August 13, 2026, 06:58 IST



