Rajasthan

आरक्षण लॉटरी से जयपुर की सियासत में बड़ा उलटफेर, 17 नेताओं का पत्ता कटा, नए चेहरों की एंट्री

जयपुर. जयपुर नगर निगम चुनाव से पहले आरक्षण की लॉटरी ने शहर का राजनीतिक गणित काफी हद तक बदल दिया है. सोमवार को निकाली गई वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद कई ऐसे वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए हैं, जहां पिछले चुनाव में पुरुष पार्षद चुने गए थे. वहीं कुछ वार्डों के आरक्षण में बदलाव से पुराने दावेदारों की उम्मीदों को झटका लगा है. करीब 250 से घटकर 150 वार्ड होने और आरक्षण व्यवस्था बदलने का असर सीधे तौर पर स्थानीय नेताओं पर पड़ा है.

कई पूर्व पार्षद अब अपने पुराने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे और उन्हें नए वार्ड की तलाश करनी होगी. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक आरक्षण में बदलाव से करीब 17 नेताओं की राजनीतिक जमीन प्रभावित हुई है. दूसरी ओर, महिला आरक्षण बढ़ने से बड़ी संख्या में महिला दावेदारों के लिए चुनावी मैदान खुल गया है. अब राजनीतिक दलों के सामने भी पुराने समीकरणों को छोड़कर नए चेहरों को तैयार करने की चुनौती होगी.

किशनपोल में बदल गया समीकरण

किशनपोल क्षेत्र में वार्ड-110 सामान्य महिला होने से यहां पहले से दावेदारी कर रहे कई पुरुष नेताओं की उम्मीदों को झटका लगा है. आरक्षण लॉटरी  के बाद भाजपा नेता राजू मंगोलियावाला की दावेदारी भी इससे प्रभावित हुई है. वहीं वार्ड-112 सामान्य रहने से यहां पुरुष दावेदारों के लिए रास्ता खुला है. वार्ड-113 भी महिला श्रेणी में आने से पुराने समीकरण बदल गए हैं.

मालवीय नगर में दिखा महिला आरक्षण का असर

मालवीय नगर में भी आरक्षण बदलने से स्थानीय राजनीति पर असर पड़ा है. पूर्व चेयरमैन जितेंद्र श्रीमाली को वार्ड महिला होने से नई रणनीति बनानी होगी. चुनावी मैदान में बने रहने के लिए अब दूसरे वार्ड की तलाश करनी पड़ सकती है. इसी तरह अन्य इलाकों में भी पुरुष दावेदारों को आरक्षण के अनुसार अपनी रणनीति बदलनी होगी.

आदर्श नगर में तीन वार्ड महिला श्रेणी में चले गए

आदर्श नगर क्षेत्र में आरक्षण के बदलाव का असर और ज्यादा दिखाई दिया है. यहां पुराने इलाके के तीन वार्ड महिला श्रेणी में चले गए हैं. इसके चलते कई पुराने दावेदारों के सामने नया वार्ड तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है. वार्डों के पुनर्गठन और आरक्षण के बाद स्थानीय नेताओं को नए मतदाताओं और नए राजनीतिक समीकरणों के साथ काम करना पड़ेगा.

विद्याधर नगर और हवामहल में भी बदलाव का मंजर

विद्याधर नगर में वार्ड-16 सामान्य रहने के साथ वार्ड-20 महिला होने से समीकरण बदले हैं. वहीं हवामहल क्षेत्र में वार्ड-147 के कांग्रेस से जुड़े चार पुराने वार्डों के समीकरण बदल गए हैं. कुछ वार्ड महिला आरक्षित होने से यहां भी पुराने पुरुष दावेदारों को अपनी रणनीति बदलनी होगी.

कई नेताओं को अब नए वार्ड की तलाश

आरक्षण लॉटरी का सबसे बड़ा असर उन नेताओं पर पड़ा है, जो लंबे समय से अपने वार्ड में सक्रिय थे. रिपोर्ट के अनुसार 250 से 150 वार्ड होने और आरक्षण में बदलाव के बाद करीब 100 पूर्व पार्षद भी अपने पुराने वार्ड से चुनावी मैदान में नहीं उतर पाएंगे. ऐसे में अब राजनीतिक दलों में नए चेहरों को लेकर मंथन शुरू होगा. महिला आरक्षण बढ़ने से महिला नेताओं और उनके परिवारों से जुड़े नए दावेदारों को भी मौका मिल सकता है. जयपुर नगर निगम चुनाव में अब टिकट वितरण से पहले वार्ड स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.

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