पहाड़, झरने और ऐतिहासिक सुरंगें, राजस्थान में शुरू हुआ ‘वैली क्वीन’ का जादुई सफर, जाने इसकी खासियत

पाली. अगर आप भी कुदरत के खूबसूरत नजारों, ऊंची-ऊंची पहाड़ियों, गहरी खाइयों और हरी-भरी वादियों के शौकीन हैं और राजस्थान में ‘स्विट्जरलैंड’ जैसा अहसास पाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ के बाद देशी और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बन चुकी राजस्थान की दूसरी सबसे चर्चित ‘वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन’ है जो पहाड़ों के बीच बारिश में खूबसूरत नजारा ओर इसके अंदर सफर के दौरान मिलने वाली हेरिटेज सुविधाओं के कारण यह खास है.
अरावली की हरी-भरी पर्वतमालाओं, ब्रिटिश कालीन ऐतिहासिक सुरंगों और गहरे नालों के बीच से गुजरने वाला यह जादुई सफर अब आगे भी जारी रहेगा. यानी अब आपके पास मारवाड़ के इस ‘मिनी कश्मीर’ में घूमने और विस्टाडोम कोच से प्रकृति के अद्भुत नजारों को महसूस करने का एक और शानदार मौका है.
150 साल पुराना विंटेज लुक और आधुनिक लग्जरी
यह ट्रेन आधुनिक डीजल इंजन से चलती है, लेकिन इसे 150 साल पुराने पारंपरिक स्टीम इंजन (भाप इंजन) का शाही लुक दिया गया है. डिब्बों पर उकेरी गई राजस्थानी लोक कला, हाथी और घोड़ों के चित्र इसे किसी रजवाड़ा सवारी जैसा बनाते हैं. इसका सबसे बड़ा आकर्षण ‘विस्टाडोम कोच’ है, जिसकी विशाल पारदर्शी छत और कांच की खिड़कियां यात्रियों को 360-डिग्री पैनोरमिक व्यू का अहसास कराती हैं.
172 पुल और 2 ऐतिहासिक सुरंगों का रोमांच
पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन से कामलीघाट के बीच का यह 47 किलोमीटर का रेल मार्ग ब्रिटिश काल की बेमिसाल इंजीनियरिंग का उदाहरण है. सफर के दौरान ट्रेन करीब 172 छोटे-बड़े पुलों और 2 ऐतिहासिक ठंडी सुरंगों से गुजरती है. जब ट्रेन इन सुरंगों के भीतर दाखिल होती है, तो यात्रियों का रोमांच चरम पर पहुंच जाता है.
गोरम घाट: राजस्थान का अपना ‘मिनी-कश्मीर’
यात्रा का सबसे खूबसूरत पड़ाव गोरम घाट है. मानसून और उसके बाद अरावली की चोटियां जब बादलों की सफेद चादर ओढ़ लेती हैं और चारों तरफ दूधिया झरने बहते हैं, तो यह नजारा बिल्कुल कश्मीर की वादियों जैसा लगता है. यहां ट्रेन पर्यटकों के फोटो खींचने, ताजी पहाड़ी हवा का आनंद लेने और छोटी ट्रेकिंग के लिए कुछ समय ठहरती है.
स्थानीय पर्यटन और व्यापार को मिली नई उड़ान
रेलवे के इस फैसले से न केवल घूमने के शौकीन पर्यटकों को राहत मिली है, बल्कि स्थानीय होटल व्यवसाय, गाइड और हस्तशिल्प बाजार को भी बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है. ‘वैली क्वीन’ अब देश-विदेश के सैलानियों के लिए राजस्थान का ‘मस्ट-विजिट’ डेस्टिनेशन बन चुकी है.
यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी (Travel Guide)संचालन के दिन: सप्ताह में 5 दिन (मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार)
समय सारणी: मारवाड़ जंक्शन से प्रस्थान सुबह 09:45 बजे | कामलीघाट आगमन दोपहर 12:45 बजे
ट्रेन कोच संरचना: 1 एसी एक्जीक्यूटिव कोच, 2 चेयरकार कोच और 1 पावरकार
अनुमानित किराया: ₹2,000 प्रति व्यक्ति (स्वादिष्ट रिफ्रेशमेंट/नाश्ते सहित)
बुकिंग प्रक्रिया: ट्रेन में केवल 60 सीटें उपलब्ध हैं, इसलिए IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से पहले से सीट बुक करना अनिवार्य है.



