‘राजस्थान के चीफ जस्टिस को दूसरी जगह भेज दें’, जस्टिस मेहता के आरोपों से पहले वकीलों ने CJI को लिखी थी चिट्ठी

नई दिल्ली. राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता की ओर से लगाए गए आरोप सार्वजनिक होने से काफी पहले ही विवाद के संकेत सामने आने लगे थे. जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने इस मामले में सीधे भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखकर शर्मा को राजस्थान से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की थी.
एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत जोशी ने 25 अप्रैल को सीजेआई सूर्यकांत को पत्र भेजा था. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग के साथ कहा गया था कि मौजूदा परिस्थितियों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को राजस्थान से बाहर भेजना जरूरी है, ताकि बार और बेंच के बीच सौहार्द और बेहतर समन्वय बना रहे.
जोशी ने लिखा, “मौजूदा हालात में बार और बेंच के बीच अच्छे संबंध नहीं बन पा रहे हैं. बातचीत की कमी और वकीलों के साथ बर्ताव की वजह से अक्सर मतभेद और झगड़े हो रहे हैं. इसके अलावा, वकीलों की बुनियादी जरूरतों, जैसे छोटे चैंबर/मीटिंग की जगह (उदाहरण के लिए, 10×10 फ़ीट के टिन शेड) देने को लेकर भी समस्याएं हैं. इसके लिए जरूरी सहयोग नहीं मिल रहा है, जिससे वकीलों में नाराजगी है.”
जोशी ने लिखा, “ऐसे हालात में, कोर्ट की गरिमा, न्यायिक कामकाज की निरंतरता और अच्छे माहौल को बनाए रखने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में जल्द से जल्द एक स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करना बहुत ज़रूरी हो गया है. मौजूदा प्रशासनिक हालात को देखते हुए, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का राजस्थान राज्य से बाहर तबादला करने पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि बार और बेंच के बीच फिर से अच्छा माहौल बन सके.”
उन्होंने लिखा, “इसलिए, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर आपसे विनम्र अनुरोध करती है कि ऊपर बताई गई बातों पर गंभीरता से विचार करें और राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, माननीय श्री एस.पी. शर्मा का राजस्थान राज्य से बाहर किसी दूसरे राज्य में तबादला करें, ताकि बार और बेंच के बीच तालमेल बना रहे.”
जस्टिस मेहता ने हाल ही में CJI को पत्र लिखकर जस्टिस शर्मा का किसी दूसरे हाईकोर्ट में तबादला करने और किसी दूसरे हाईकोर्ट से नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करने का अनुरोध किया था. इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के अन्य सदस्यों को भेजे गए तीन पत्रों में, राजस्थान से ही ताल्लुक रखने वाले जस्टिस मेहता ने जस्टिस शर्मा पर ‘शक्तियों के दुरुपयोग’ का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें ‘कई शिकायतें’ मिली हैं, जो जस्टिस शर्मा की ‘ईमानदारी’ पर ‘सवाल उठाती हैं’.
यह पत्र उस समय सामने आया है जब बाद में जस्टिस संदीप मेहता द्वारा कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर लगाए गए आरोपों ने न्यायिक हलकों में चर्चा तेज कर दी. यानी विवाद सार्वजनिक होने से पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन ने शीर्ष न्यायिक नेतृत्व के सामने एक्टिंग चीफ जस्टिस को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर दी थी. एसोसिएशन की मांग का मुख्य आधार हाईकोर्ट में बार और बेंच के बीच सामंजस्य बनाए रखना था. अब जस्टिस मेहता के आरोपों के संदर्भ में अप्रैल में भेजे गए इस पत्र को महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है.



