10 में से 10 अंक… 8 गेंदबाज भी श्रीलंका को नहीं कर सके ऑलआउट, फिर भी कप्तान ने खिलाड़ियों की थपथपाई पीठ

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मुकाबले के बाद खुलकर अपनी बात रखी है. मैच में जीत हासिल न कर पाने को लेकर उन्होंने निराशा जरूर जताई, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने मैदान पर अपने खिलाड़ियों के बेजोड़ जज्बे, शानदार प्रयास और मजबूत इरादों की जमकर सराहना की. कप्तान गिल ने अपनी टीम के खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन को ’10 में से 10′ अंक दिए हैं.
भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया यह दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा. भारतीय टीम ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत बनाते हुए चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका के 6 विकेट मात्र 229 रन पर गिरा दिए थे. ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम पांचवें दिन आसानी से मैच अपने नाम कर लेगी.लेकिन, श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी. मेजबान टीम ने अनुशासित और संयम भरी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए पूरा पांचवां दिन क्रीज पर बिता दिया. श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा ने बेहद जिम्मेदारी से खेलते हुए नाबाद 133 रन की शानदार शतकीय पारी खेली और अकेले दम पर मैच को ड्रॉ कराने में सफल रहे.
कप्तान गिल का विश्लेषण और रक्षात्मक रवैये पर बातमैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) ने पिच के मिजाज और श्रीलंकाई बल्लेबाजों की रणनीति पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने कहा कि खेल के शुरुआती दौर में भारतीय गेंदबाजों ने काफी आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच काफी धीमी होती चली गई. गिल ने स्पष्ट किया कि पिच पर थोड़ी बहुत गेंद मूव जरूर हो रही थी, लेकिन जब गेंद घूम रही थी, तब विकेट लेने के वास्तविक मौके नहीं बन पा रहे थे. इसके अलावा, पिच पूरी तरह सपाट भी नहीं थी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों का पूरी तरह से रक्षात्मक रवैया अपनाना भारतीय गेंदबाजों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा था.
कप्तान का बयान और खिलाड़ियों का प्रयासगिल ने कहा कि जब तक आप शॉट खेलने और रन बनाने की कोशिश नहीं करते, तब तक विकेट लेना मुश्किल होता है. हमने हर संभव कोशिश की और मुझे नहीं लगता कि हमारे प्रयास में कोई कमी थी. हमारे स्पिनरों ने तीन दिनों तक लगातार 50-60 ओवर गेंदबाजी की. गिल ने आगे कहा कि इन परिस्थितियों में लगातार तीन दिन तक मैदान पर फील्डिंग करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान काम नहीं होता. उन्होंने दोहराया कि वे अपने खिलाड़ियों के प्रयास और इरादे से पूरी तरह संतुष्ट हैं और इसके लिए उन्हें पूरे 10 में से 10 अंक देते हैं. उन्होंने विरोधी टीम की भी तारीफ करते हुए कहा कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भी बहुत अच्छी और जुझारू बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया.
मोहम्मद सिराज की फिटनेस और लय पर स्पष्टीकरणइस टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी की गति और उनकी फिटनेस को लेकर कई सवाल उठाए गए थे. सिराज इस मुकाबले में अपेक्षाकृत धीमी गति से गेंदबाजी करते दिखे और कई बार छोटे रन-अप के साथ रन-अप लेते नजर आए. इसके अलावा, पहली पारी में एक कैच लेने की कोशिश के दौरान वह जोर से जमीन पर गिर गए थे, जिससे उनकी चोट को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं. इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कप्तान गिल ने साफ किया कि सिराज पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है. गिल ने बताया कि सिराज लगभग दो महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे थे, क्योंकि उन्होंने आखिरी बार जून में अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेला था. किसी भी गेंदबाज को अपनी पुरानी लय में वापस लौटने के लिए थोड़ा समय चाहिए होता है.
फिटनेस पर पूर्ण स्पष्टीकरणकप्तान ने कहा कि गॉल में हुए पहले टेस्ट मैच के दौरान भी उनकी तबीयत थोड़ी नासाज थी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सिराज की फिटनेस को लेकर टीम प्रबंधन के मन में किसी भी प्रकार की चिंता नहीं है. जब मोहम्मद सिराज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय तलाश रहे थे, तब साथी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर संभाली. कप्तान गिल ने प्रसिद्ध कृष्णा की निरंतरता और उनकी शानदार प्रगति की जमकर प्रशंसा की.
भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में उभरनागिल ने कहा कि इस पूरे सत्र के दौरान जब भी चीजें टीम के अनुकूल नहीं हो रही थीं, तब प्रसिद्ध कृष्णा सबसे भरोसेमंद गेंदबाज साबित हुए हैं. उन्होंने लगातार मौके बनाए और कप्तान के तौर पर उन्हें एक कप्तान को जिस तरह के गेंदबाज की जरूरत होती है, उन्होंने वह भूमिका पूरी शिद्धत से निभाई है. जब विकेट मिलने की गारंटी नहीं होती, तब ऐसे गेंदबाज पर भरोसा करना आसान हो जाता है, और कृष्णा ने यह काम बहुत ही शानदार तरीके से किया है.
शुभमन गिल ने अपने खिलाड़ियों की जमकर प्रशंसा की.
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की उम्मीदेंमैच भले ही ड्रॉ पर छूटा हो, लेकिन कप्तान गिल का आत्मविश्वास अभी भी पूरी तरह से ऊंचा है. उन्हें पूरा विश्वास है कि उनकी टीम आने वाले मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करके विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल का टिकट पक्का कर लेगी. कप्तान ने अंत में विश्वास जताते हुए कहा कि अगर भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करती है और फिर ऑस्ट्रेलिया सीरीज तक खुद को ऐसी स्थिति में ले आती है जहां उसे सिर्फ सीरीज जीतनी हो, तो वे डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की बेहद मजबूत स्थिति में होंगे.



