नोएडा-दिल्ली के सबसे बिजी पॉइंट पर जाम की छुट्टी होगी, 500 मीटर लंबा अंडरपास बना सकती है दिल्ली सरकार

दिल्ली-यूपी बॉर्ड पर बने चौराहे पर घंटों जाम में फंसे रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. दफ्तर आते-जाते समय अब उन्हें रोजाना इस चौराहे के जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. जल्द ही दिल्ली सरकार यहां एक 500 मीटर लंबा अंडरपास बना सकती है. इसके बनने से इस चौराहे से गुजरने वाले लाखों लोगों को बड़ा फायदा मिल सकता है.
बता दें कि दिल्ली-यूपी रोड पर नोएडा-दिल्ली के बीच में मयूर विहार फेज-1 में क्राउन प्लाजा सिग्नल के पास रोजाना भारी-भरकम जाम लगता है. यहां वाहन घंटों तक रेंगते रहते हैं. बारिश के मौसम में यहां से गुजरना लोगों के लिए किसी सजा से कम नहीं होता. हालांकि अब खबर आ रही है कि दिल्ली सरकार इस चौराहे को क्रॉस करने के लिए करीब 500 मीटर लंबा अंडरपास बनाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है. अगर यह बन गया तो इस व्यस्त चौराहे पर जाम के झाम से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है.
क्यों जरूरी है यह अंडरपास?क्राउन प्लाजा चौराहा दिल्ली-यूपी रोड के सबसे व्यस्त पॉइंट्स में से एक है. यहां डीएनडी की तरफ से आने वाले वाहन, चिल्ला-त्रिलोकपुरी की तरफ जाने वाले और इलाके का स्थानीय ट्रैफिक सब एक साथ मिल जाते हैं. पीक आवर्स में यहां हालात बेहद ही संजीदा हो जाते हैं. हालत इतनी खराब होती है कि लोगों का यहां से पैदल रोड क्रॉस करना या पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. नतीजा यह होता है कि सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और भीषण जाम लग जाता है.
प्रस्तावित अंडरपास का मकसद यही है कि डीएनडी साइड से चिल्ला और त्रिलोकपुरी की तरफ जाने वाले वाहन सीधे नीचे से निकल जाएं, या लंबी दूरी के वाहन जिन्हें बस यहां से क्रॉस करना है वे सभी अंडरपास से ही सीधे पार कर जाएं और जाम में न फंसे. इससे दो फायदे होंगे एक तो लंबी दूरी के वाहनों को सिग्नल क्रॉस नहीं करना पड़ेगा. दूसरा ऊपर वाली सड़क पर लोकल ट्रैफिक और मुड़ने वाले वाहन चलते रहेंगे. सरकार सतह पर एक रोटरी बनाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है, जिससे ट्रैफिक का प्रबंधन और बेहतर हो सके.
अभी कहां तक पहुंची है योजना?अभी इस प्रोजेक्ट की फीजिबिलिटी चेक की जा रही है. एक सरकारी सूत्र ने बताय कि अंडरपास के निर्माण का कोई फैसला अभी नहीं हुआ है. पीडब्ल्यूडी विभाग अंडरपास की अलाइनमेंट, एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और ऊपर की सड़क पर ट्रैफिक कैसे चलेगा, इन सब बातों का अध्ययन कर रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि सबसे पहले भूमिगत सुविधाओं का पूरा सर्वे किया जाएगा. पानी की पाइपलाइन, बिजली के केबल, गैस लाइन और टेलीकॉम नेटवर्क आदि को मैप किया जाएगा. जहां टकराव होगा, वहां शिफ्टिंग या सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे. साथ ही पेड़ों का भी सर्वे होगा. कोशिश की जाएगी कि जितने संभव हों, पेड़ बचाए जाएं.
आसपास और क्या बदलाव आ रहे हैं?मयूर विहार इलाके में कनेक्टिविटी सुधारने के कई काम चल रहे हैं. बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर भी जल्द खुलने वाला है. यह 3.5 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री रोड है, जो मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खान और एम्स से जोड़ेगा. अगले महीने तक इसके खुलने की संभावना है. इससे काफी हद तक ट्रैफिक के दबाव पर नियंत्रण होगा. अंडरपास अगर बनता है तो इन दोनों प्रोजेक्ट्स से इलाके का ट्रैफिक काफी हद तक सुधरने के आसार हैं.
फिलहाल प्रस्ताव जांच के चरण में है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.



