डिंपल कपाड़िया का 33 साल पुराना गाना, लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में हुआ अमर, गुलजार के बोल से बना कालजयी

Last Updated:September 14, 2026, 20:31 IST
डिंपल कपाड़िया ने अपने करियर में कई हिट और सुपरहिट फिल्में दी हैं. लेकिन 33 साल पहले आई उनकी फिल्म ‘रुदाली’ में उनका अनोखा ही अंदाज नजर आया था. इस फिल्म के गाने तो उस दौर में काफी पसंद किए गए थे. खासतौर पर एक गाना ‘दिल हूम हूम करे’.वो गाना आज भी संगीत प्रेमियों के दिल में बसता है. लता मंगेशकर ने इस गाने को अपनी सुरीली आवाज से अमर बनाया और गुलजार के बोल ने बनाया कालजयी.
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सुपरहिट हुआ था ये गाना
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं, जिन्हें सुनने के लिए किसी खास मौके की जरूरत नहीं पड़ती. वक्त गुजरने के साथ भी उनकी पॉपुलैरिटी कुछ कम नहीं हुई है. ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला गाना है डिंपल कपाड़िया का गाना ‘दिल हुमहुम करे’. लता मंगेशकर की सुरीली आवाज, गुलजार के बेहद खूबसूरत बोल और पर्दे पर डिंपल कपाड़िया की एक्टिंग ने इस गाने को अमर बना दिया था.
डिंपल कपाड़िया अपने दौर की जानी मानी एक्ट्रेस रही हैं.उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही ब्लॉकबस्टर फिल्म से की थी. उन्होंने करियर की शुरुआत में ही अपने ग्लैमरस अंदाज से लोगों को हैरान कर दिया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. लेकिन रुदाली में उन्होंने अपने ग्लैमर से परे हटकर एक अलग रोल निभाया था. इस गाने के बाद उन्हें अलग पहचान मिली थी.
डिंपल कपाड़िया पर फिल्माया गया था गाना
‘दिल हुमहुम करे’ गाना फिल्म ‘रुदाली’ का हिस्सा था. यह फिल्म साल 1993 में रिलीज हुई थी और इसमें डिंपल कपाड़िया ने लीड रोल निभाया था. फिल्म की कहानी और किरदारों की तरह इसका संगीत भी बेहद खास था. डिंपल के किरदार की भावनाओं को पर्दे पर जिस तरह पेश किया गया, उसमें इस गीत की अहम भूमिका रही. गाने के बोल सीधे दिल को छूते हैं. इसमें प्यार, अकेलापन, इंतजार और भीतर चल रही भावनाओं को बेहद खूबसूरती से शब्द दिए गए हैं. यही वजह है कि ‘दिल हुमहुम करे’ सिर्फ एक फिल्मी गाना नहीं रहा, बल्कि संगीत प्रेमियों के लिए एक एहसास बन गया.
लता मंगेशकर ने सुरीली आवाज से बनाया अमर
डिंपल कपाड़िया पर फिल्माए गए इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी. उनकी आवाज की मिठास और दर्द ने गाने के भाव को और गहरा बना दिया. लता मंगेशकर की गायकी की खासियत रही है कि वह बेहद साधारण शब्दों को भी अपनी आवाज से खास बना देती थीं. ‘दिल हुमहुम करे’ में भी उनकी आवाज किरदार की भावनाओं को सीधे दर्शकों तक पहुंचाती है. गाने को सुनते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे पर्दे पर मौजूद किरदार के मन की बात आवाज बनकर सामने आ रही हो. यही वजह है कि इतने साल गुजरने के बाद भी यह गीत सुनने वालों को भावुक कर देता है.
बता दें कि गुलजार के बोल ने तो इस गाने को कालजयी बना दिया. इस गाने के बोल ही इस गाने की सबसे बड़ी खासियत रही, जिन्हें गुलजार ने लिखा था. गुलजार अपनी शायरी और गीतों में भावनाओं को बेहद अलग अंदाज में पेश करने के लिए जाने जाते हैं. ‘दिल हुमहुम करे’ में भी उन्होंने मन की बेचैनी और भावनाओं को ऐसे शब्द दिए, जो सुनने वाले को अपनी कहानी से जुड़े हुए लगते हैं. ‘दिल हुमहुम करे’ को रिलीज हुए तीन दशक से ज्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन इसकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है.
About the AuthorMunish KumarSenior sub editor
न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
September 14, 2026, 20:31 IST



