खैरथल-तिजारा में कांग्रेस के 11 पार्षद BJP में शामिल, एक झटके में बदल गया सियासी समीकरण

Last Updated:September 15, 2026, 23:33 IST
Congress Councilors Join BJP In Khairthal Tijara: खैरथल नगर परिषद में कांग्रेस के 11 पार्षद भाजपा में शामिल हुए, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल गए. कांग्रेस को झटका लगा, भाजपा बोर्ड गठन में मजबूत हुई. बोर्ड गठन की औपचारिक प्रक्रिया अभी बाकी है. ऐसे में आने वाले दिनों में खैरथल की राजनीति में और भी हलचल देखने को मिल सकती है. चुनाव के दौरान जिस कांग्रेस ने बोर्ड बनाने के लिए बढ़त हासिल की थी.
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खैरथल-तिजारा में एक झटके में बदल गया सियासी समीकरण
खैरथल-तिजारा. राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद खैरथल नगर परिषद में राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए हैं. कांग्रेस के विक्रम चौधरी अपने 11 समर्थक पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं. विक्रम चौधरी अपने समर्थक पार्षदों के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा का दामन थामा. इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.
खैरथल नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं. चुनाव परिणाम में कांग्रेस 20 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा के खाते में 8 और निर्दलीयों के खाते में 17 वार्ड आए थे. ऐसे में किसी भी दल के लिए बोर्ड बनाने का गणित आसान नहीं था. अब कांग्रेस के 11 पार्षदों के भाजपा के साथ आने से नगर परिषद का सियासी गणित पूरी तरह बदल गया है. भाजपा के 8 पार्षदों के साथ इन 11 पार्षदों का समर्थन जुड़ने से भाजपा खेमे की संख्या 19 हो जाती है. ऐसे में बोर्ड गठन को लेकर भाजपा की स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत हो गई है.
कांग्रेस को लगा बड़ा झटकाचुनाव के दौरान कांग्रेस ने खैरथल में जीत के लिए पूरी ताकत लगाई थी और 20 वार्डों में जीत हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. लेकिन चुनाव परिणाम के ठीक बाद 11 पार्षदों का एक साथ पाला बदलना कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. वहीं भाजपा के लिए यह घटनाक्रम चुनावी नतीजों के बाद बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. चुनाव में कम सीटें जीतने के बावजूद अब पार्टी बोर्ड गठन की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है.
कुर्सी के लिए शुरू हुई जोड़-तोड़निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब खैरथल में अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सियासी बिसात बिछ गई है. पार्षदों की निष्ठा, संख्या बल और बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो गई है. 11 पार्षदों के भाजपा के साथ आने के बाद अब अध्यक्ष पद की तस्वीर भी काफी हद तक भाजपा के पक्ष में जाती दिखाई दे रही है. बोर्ड गठन की औपचारिक प्रक्रिया अभी बाकी है. ऐसे में आने वाले दिनों में खैरथल की राजनीति में और भी हलचल देखने को मिल सकती है. चुनाव के दौरान जिस कांग्रेस ने बोर्ड बनाने के लिए बढ़त हासिल की थी, चुनाव के बाद उसी खेमे में हुई इस बड़ी सेंध ने पूरे सियासी समीकरण को बदल दिया है.
निकाय चुनाव की लड़ाई अब बोर्ड की कुर्सी तकखैरथल में हुए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि निकाय चुनाव की लड़ाई सिर्फ वोटों की गिनती तक सीमित नहीं रहती. चुनाव परिणाम के बाद बोर्ड गठन के लिए पार्षदों को साधने की राजनीति भी शुरू हो जाती है. अब खैरथल में नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा इस बदले हुए संख्या बल के आधार पर बोर्ड का गठन कैसे करती है और अध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से में जाती है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
September 15, 2026, 23:33 IST



