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Jaipur News: 41.70 लाख की ATM लूट का खुलासा, 1000 CCTV से मिला सुराग, बॉयफ्रेंड संग युवती ने रची थी साजिश

जयपुर. रामनगरिया थाना क्षेत्र में अक्षयपात्र मंदिर के पास बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से कैश निकालकर ले जा रहे कर्मचारियों से हथियार की नोक पर हुई करीब 41.70 लाख रुपए की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस ने मामले में 22 वर्षीय युवती अशु कुमारी जाटव को गिरफ्तार किया है. उसके किराए के कमरे से लूटी गई रकम में से 26.80 लाख रुपए बरामद किए गए हैं. पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने एटीएम पर कैश आने और कर्मचारियों के वहां पहुंचने की जानकारी जुटाई थी. जांच में एक बैंक कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध सामने आई है. पुलिस का दावा है कि बैंक कर्मचारी से मिली कैश से जुड़ी जानकारी के आधार पर लूट की साजिश रची गई.

वारदात वाले दिन युवती एटीएम के आसपास मौजूद रही और बैंक कर्मचारियों के कैश लेकर बाहर निकलते ही उसने अपने साथियों को सूचना दी. इसके बाद बाइक सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर कैश से भरा बैग लूट लिया. पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से लेकर उनके संभावित भागने के रास्ते तक करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज के आधार पर रूट मैप तैयार किया गया. इसी दौरान पुलिस को एक युवती की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं. निगरानी और पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. अब पुलिस फरार तीन आरोपियों और बैंक कर्मचारी की भूमिका की जांच कर रही है.

करीब 1000 CCTV कैमरों से तैयार किया रूट मैप

जयपुर पूर्व के पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि 14 सितंबर को बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से कैश निकालकर बाहर आ रहे कर्मचारियों को दो बाइक सवार बदमाशों ने हथियार दिखाकर रोक लिया था. बदमाश कैश से भरा बैग लूटकर मौके से फरार हो गए. बैग में करीब 41.70 लाख रुपए बताए गए थे. वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाकर जांच शुरू की. पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के कैमरों के साथ बदमाशों के संभावित भागने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी भी खंगाले.

करीब 1000 कैमरों की फुटेज की जांच के बाद बदमाशों के आने-जाने का रूट मैप तैयार किया गया. उन्हाेंने बताया कि पुलिस ने घटना के समय घटनास्थल के आसपास मौजूद वाहनों और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों का भी मिलान किया. जांच के दौरान एक युवती की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं. इसके बाद डीएसटी टीम ने युवती पर निगरानी रखी और उसके बारे में जानकारी जुटाई. पूछताछ के बाद पुलिस के सामने लूट की साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं.

बॉयफ्रेंड और दो साथियों के साथ रची थी साजिश

पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि अशु कुमारी जाटव ने अपने बॉयफ्रेंड मस्तराम मीणा और उसके साथियों पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी और सुमित जंगम के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी. पुलिस का दावा है कि आरोपियों को पता था कि अक्षयपात्र स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में नियमित रूप से कैश डाला जाता है. जांच में सामने आया कि युवती को एक बैंक कर्मचारी ने एटीएम में कैश डाले जाने और कैश लेने के लिए कर्मचारियों के आने की जानकारी दी थी. पुलिस के अनुसार वारदात से एक दिन पहले युवती को एटीएम की स्थिति और आसपास के इलाके की जानकारी लेने के लिए भेजा गया था. उसने मौके पर जाकर रेकी की.

बाइक से लूटा कैश और कार में किया शिफ्ट

उन्होंने बताया कि 14 सितंबर को वारदात वाले दिन भी युवती एटीएम के पास मौजूद थी. जैसे ही बैंक कर्मचारी कैश लेकर बाहर आए, युवती ने अपने साथियों को इसकी सूचना दे दी. इसके बाद दो बाइक सवार आरोपी मौके पर पहुंचे और हथियार के बल पर कर्मचारियों से कैश से भरा बैग लूट लिया. पुलिस के अनुसार लूट के बाद युवती मौके से निकल गई. वारदात में दो आरोपियों ने बाइक का इस्तेमाल किया था. वहीं एक अन्य आरोपी कार लेकर कुछ दूरी पर खड़ा था. लूट के बाद आरोपियों ने बाइक से कैश को कार में शिफ्ट कर दिया. पुलिस को शक है कि ऐसा नाकाबंदी और पीछा करने वाली पुलिस टीम से बचने के लिए किया गया था. इसके बाद लूटी गई रकम को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया. रकम का एक हिस्सा अशु कुमारी के किराए के कमरे में रखा गया था. बाकी रकम लेकर अन्य आरोपी फरार हो गए.

सूटकेस में रखे थे 26.80 लाख रुपए

पुलिस ने युवती को गिरफ्तार करने के बाद उसके किराए के कमरे की तलाशी ली. यहां एक सूटकेस से 26.80 लाख रुपए बरामद किए गए. पुलिस अब बरामद रकम के अलावा बाकी राशि की तलाश कर रही है. फरार आरोपी मस्तराम मीणा, पुष्पेंद्र मीणा उर्फ पुस्सी और सुमित जंगम करौली जिले के रहने वाले बताए गए हैं. तीनों की तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.

कर्ज चुकाने के लिए बनाई थी लूट की योजना

पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों पर कर्ज था. इसी कर्ज को चुकाने के लिए उन्होंने कथित तौर पर लूट की योजना बनाई थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के बीच रकम का बंटवारा किस तरह होना था और लूट के बाद वे कहां जाने की तैयारी में थे. मामले में पुलिस बैंक कर्मचारी की भूमिका की भी जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैश की जानकारी आरोपियों तक किस तरह पहुंची और बैंक कर्मचारी की भूमिका केवल जानकारी देने तक सीमित थी या वह साजिश में किसी अन्य तरीके से भी शामिल था.  फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लूट की पूरी साजिश और रकम के बंटवारे से जुड़ी तस्वीर और साफ हो सकेगी.

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