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9.4 ओवर में खेल खत्म, इंग्लैंड ने बटलर-ब्रुक के तूफान से छीना भारत से नंबर-1 का ताज

नई दिल्ली. श्रीलंका की टीम ने इस दौरे पर अपने निराशाजनक प्रदर्शन का सबसे खराब रूप सीरीज के आखिरी टी20 मैच के लिए बचाकर रखा था. पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और महज 124 रनों पर ढेर हो गई. इंग्लैंड के सामने 125 रनों का एक बेहद आसान लक्ष्य था, जिसे मेजबान टीम ने बिना किसी परेशानी के केवल 9.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. इस धमाकेदार जीत के साथ इंग्लैंड ने न केवल श्रीलंका का 3-0 से सूपड़ा साफ किया, बल्कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ लगातार 15वीं जीत दर्ज करने का अनोखा रिकॉर्ड भी बना दिया. इस एकतरफा जीत की बदौलत इंग्लैंड ने भारत से आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 का ताज भी छीन लिया.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत तूफानी रही. एक बार फिर हैरी ब्रुक (Harry Brook) और जोस बटलर (Jos Buttler) ने श्रीलंका के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया. दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर मैदान के हर कोने में चौके और छक्कों की बरसात कर दी. ब्रुक और बटलर के बीच महज 39 गेंदों पर 85 रनों की आक्रामक और ताबड़तोड़ साझेदारी हुई. इस आंधी का नतीजा यह रहा कि पावरप्ले खत्म होने तक इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 82 रन बना लिए थे और मैच पूरी तरह श्रीलंका की पकड़ से बाहर हो चुका था. आठवें ओवर की समाप्ति तक इंग्लैंड का स्कोर 100 रन के पार पहुंच गया था और इसके बाद जीत की औपचारिकता पूरी होने में ज्यादा समय नहीं लगा.

बटलर का धमाकेदार फिनिशइंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रहे थे. पिछले मैच में ही टी20 करियर में 15,000 रन पूरे करने वाले बटलर ने इस मुकाबले में 32 गेंदों पर नाबाद 62 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने एक हाथ से डीप स्क्वायर लेग के ऊपर से एक दर्शनीय छक्का जड़कर मैच का अंत किया. यह शॉट इस पूरी सीरीज में इंग्लैंड के दबदबे को दर्शाने के लिए काफी था. दूसरी ओर, पूरे मैच में श्रीलंका के पास मुस्कुराने के बेहद कम मौके आए. श्रीलंका के लिए राहत के पल केवल तब आए जब थरिंडु रत्नायके की गेंद पर एन्यूरिन डोनाल्ड स्टंप आउट हुए और बाद में एक बेहतरीन डायरेक्ट हिट के जरिए हैरी ब्रुक को रन आउट किया गया.

पिटता श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमणश्रीलंका ने इस मुकाबले में अपने गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करते हुए दुष्मंथा चमीरा की जगह लसिथ मलिंगा जैसे एक्शन वाले नुवान तुषारा को टीम में शामिल किया था. हालांकि, इतने छोटे स्कोर की रक्षा करते हुए इस बदलाव से कोई फर्क नहीं पड़ा. तुषारा ने अपने 2 ओवर के स्पैल में बिना कोई सफलता हासिल किए 29 रन लुटा दिए. उनके बाकी तेज गेंदबाज साथियों का हाल भी कुछ अलग नहीं रहा. ईशान मलिंगा ने अपने 1.4 ओवरों में 34 रन दिए, जबकि दिलशान मदुशंका ने अपने 2 ओवरों में 23 रन खर्च कर डाले.

पिच का मिजाज और श्रीलंकाई बल्लेबाजी की नाकामीओल्ड ट्रैफर्ड की जिस पिच पर पिछले साल इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए 304 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, उसी पिच पर श्रीलंका की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई. श्रीलंका का यह स्कोर 2018 के बाद से ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर पहली पारी का सबसे कम टी20 इंटरनेशनल का स्कोर बन गया.

निसांका और मेंडिस का अकेला संघर्षश्रीलंकाई पारी की बात करें तो केवल पथुम निसांका और कामिंदु मेंडिस ही इंग्लैंड के गेंदबाजों का कुछ हद तक मुकाबला कर सके. निसांका ने शुरुआत में आक्रामक रुख अपनाते हुए 24 गेंदों में 36 रनों की तेजतर्रार पारी खेली. जब दूसरे छोर से लगातार विकेट गिर रहे थे, तब कामिंदु मेंडिस ने 28 गेंदों पर 35 रन बनाकर संघर्ष करने का प्रयास किया. लेकिन इन दोनों के अलावा श्रीलंका का कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका और पवेलियन लौटने की होड़ सी लग गई. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने रन गति पर पूरी तरह अंकुश लगाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते रहे.

हवा का रुख और बाउंड्री लगाने की बेबसीमैच के दौरान मैदान पर तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे मैदान के एक तरफ बड़े शॉट खेलने का मौका था. श्रीलंका के बल्लेबाजों ने इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश तो की, लेकिन वे इसमें निरंतरता नहीं रख सके. पूरी पारी में श्रीलंका की ओर से सात छक्के लगे, लेकिन वे इसका फायदा उठाने में नाकाम रहे. सात में से केवल एक ही मौका ऐसा था जब एक ओवर में छक्के के अलावा कोई और बाउंड्री आई. वहीं दो मौकों पर छक्का लगाने के तुरंत बाद श्रीलंका ने अपना विकेट गंवा दिया. जिन सात ओवरों में श्रीलंका ने छक्के जड़े, उनमें से केवल तीन ओवर ही ऐसे रहे जहां टीम दहाई के आंकड़े में रन बना सकी.

शुरुआती रफ्तार के बाद थमा रनों का प्रवाहनिसांका की शुरुआती आक्रामकता के बावजूद श्रीलंका की पारी कभी भी जरूरी गति नहीं पकड़ सकी. श्रीलंकाई पारी का सबसे बड़ा ओवर दूसरा ओवर रहा, जिसमें उन्होंने 15 रन बटोरे थे. इसके बाद पूरी पारी के दौरान टीम इस आंकड़े के आसपास भी नहीं पहुंच सकी.

इंग्लैंड के गेंदबाजों का संतुलित प्रदर्शनइंग्लैंड की ओर से सभी गेंदबाजों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया. जॉनी बेकर, जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए. वहीं लियम डॉसन और जेमी ओवरटन को 1-1 सफलता मिली. इंग्लैंड के स्टार स्पिनर आदिल राशिद ही एकमात्र ऐसे गेंदबाज रहे जिन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने अपने 2 ओवरों में 21 रन दिए.

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