चारभुजा मेले में उमड़ेगी भीड़, देसूरी नाल पर भारी वाहनों की एंट्री बंद, पाली-उदयपुर रूट बदला

Last Updated:September 22, 2026, 09:58 IST
Charbhuja Devjhulni Ekadashi Mela: पाली के चारभुजा में आज देवझूलनी एकादशी का विशाल मेला आयोजित होगा. मेले के साथ रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ेगी, जिसके चलते देसूरी नाल घाट सेक्शन पर पदयात्रियों और श्रद्धालुओं का दबाव रहेगा. इसे देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने देसूरी नाल मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर 25 सितंबर रात 10 बजे तक प्रतिबंध लगाया है. भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा. स्थानीय हल्के वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, सेना और आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है.
आज पाली के चारभुजा में देवझूलनी एकादशी का विशाल मेला आयोजित होगा. इसके साथ ही रामदेवरा जाने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन के लिए चारभुजा मंदिर पहुंचते हैं, जिससे इस पूरे मार्ग पर पदयात्रियों और श्रद्धालुओं का भारी दबाव रहेगा. देसूरी नाल का घाट सेक्शन अपनी भौगोलिक बनावट के कारण अत्यंत खतरनाक मोड़ों और तीव्र ढलान के लिए जाना जाता है. ऐसे में भारी वाहनों से ट्रैफिक जाम और गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है, जिसे टालने के लिए यह निर्णय लिया गया है.
चारभुजा में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवझूलनी एकादशी मेले के मद्देनजर देसूरी नाल (घाट सेक्शन) मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रशासनिक आदेश जारी किया है.
जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 25 सितंबर की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान देसूरी की ओर से आने वाले और पाली जिले से देसूरी होते हुए चारभुजा की ओर जाने वाले सभी भारी वाहनों की देसूरी नाल घाट सेक्शन से आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. भारी वाहनों को वैकल्पिक और डायवर्टेड मार्गों से निकाला जाएगा. प्रशासन ने मेले के दौरान श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की है, ताकि मार्ग पर यातायात सुचारू रहे और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके.
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आमजन की सुविधा और आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कुछ सेवाओं को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा है. स्थानीय निवासियों के हल्के वाहन, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपातकालीन सेवाएं, सेना, पुलिस, सशस्त्र बल, होमगार्ड, कानून-व्यवस्था में तैनात अधिकारियों के वाहन और रेलवे से जुड़े वाहनों पर यह आदेश लागू नहीं होगा. पाली की ओर से आने वाले वाहन सांडेराव से सिरोही-पिंडवाड़ा फोरलेन (NH-62/NH-27) पकड़ सकते हैं.
पिंडवाड़ा से गोगुंदा होते हुए सीधे उदयपुर पहुंचा जा सकता है. उदयपुर से आगे NH-48 पकड़कर आसानी से अहमदाबाद के लिए जाया जा सकता है. भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए यह फोरलेन हाईवे सबसे सुरक्षित और सुगम रास्ता है. वहीं सोजत या पाली की तरफ से आने वाले वाहन ब्यावर-भीम (NH-58) होते हुए गोमती चौराहा होकर राजसमंद और उदयपुर की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.
पाली से देसूरी नाल होकर उदयपुर जाने वाला पारंपरिक मार्ग लगभग 188 किलोमीटर का है. वहीं, यदि आप सांडेराव-पिंडवाड़ा फोरलेन (NH-62 / NH-27) होकर गोगुंदा के रास्ते उदयपुर जाते हैं, तो यह दूरी लगभग 245 किलोमीटर हो जाती है. इस प्रकार, पिंडवाड़ा वाले वैकल्पिक मार्ग से जाने पर आपको करीब 55 से 60 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी. हालांकि यह मार्ग थोड़ा लंबा जरूर है, लेकिन फोरलेन (4-Lane Highway) होने के कारण यह भारी वाहनों, सुगम और सुरक्षित सफर के लिहाज से अच्छा रहने वाला है.
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September 22, 2026, 09:58 IST



