Russia Election Result: दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा…रूस में फिर चला पुतिन का सिक्का, संसदीय चुनाव में पार्टी ने रचा इतिहास

Last Updated:September 22, 2026, 06:21 IST
Russia Election Result 2026: रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया ने 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा में रिकॉर्ड 355 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा है. पार्टी को 57.83% वोट मिले. वहीं, युद्ध विरोधी याब्लोको पार्टी संघीय संसद में तो सीट नहीं जीत सकी, लेकिन नोवगोरोड की क्षेत्रीय विधानसभा में 6% से ज्यादा वोट हासिल कर 5% की सीमा पार कर गई. चुनाव प्रक्रिया को लेकर रूस के विपक्ष और कई पश्चिमी देशों ने सवाल भी उठाए हैं.पुतिन की पार्टी को संसदीय चुनाव में भारी बहुमत, युद्ध-विरोधी पार्टी को भी मिली थोड़ी कामयाबी
Russia Election Result 2026: रूस के राष्ट्रपति पुतिन का एक बार फिर डंका बजा है. ससंदीय चुनाव में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दबदबा अब भी बरकरार है. जी हां, पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने संसदीय चुनाव में जीत का परचम लहरा दिया है. पुतिन की पार्टी यूनाइटेड ने 450 सदस्यों वाली स्टेट ड्यूमा यानी संसद में रिकॉर्ड 355 सीटें जीत ली हैं. तीन दिन तक चले कड़े नियंत्रण वाले संसदीय चुनाव के बाद जारी शुरुआती आधिकारिक नतीजों में यह जानकारी सामने आई है.
रूस की चुनाव प्रमुख एला पामफिलोवा ने बताया कि यूनाइटेड रशिया को 57.83% वोट मिले. इसके साथ ही सत्ताधारी पार्टी ने ड्यूमा यानी संसद में अब तक का अपना सबसे बड़ा सीट शेयर हासिल कर लिया और संविधान में संशोधन के लिए जरूरी बहुमत भी बरकरार रखा. इससे साबित होता है कि पुतिन अब भी कितने लोकप्रिय हैं.
क्यों अहम है यह रिजल्ट
यह संसदीय चुनाव फरवरी 2022 में रूस की ओर से यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद पहला संसदीय चुनाव था. क्रेमलिन ने चुनाव नतीजों को पुतिन और उनकी नीतियों के प्रति जनता की एकजुटता का सबूत बताया. संसदीय चुनाव में 59% से ज्यादा मतदान होने की जानकारी दी गई है. अंतिम दिन मॉस्को पर यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले के बावजूद पामफिलोवा ने चुनाव को सुरक्षित बताया.
संसद में ‘यूनाइटेड रशिया’ का दबदबा
कम्युनिस्ट पार्टी 40 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही. इसके बाद राष्ट्रवादी LDPR को 25 सीटें और न्यू पीपल्स पार्टी को 20 सीटें मिलीं. बाकी सीटें जस्ट रशिया के खाते में गईं. इन चारों पार्टियों ने आम तौर पर यूक्रेन युद्ध समेत बड़े मुद्दों पर क्रेमलिन का समर्थन किया है. यूनाइटेड रशिया की 355 सीटें उसके पिछले रिकॉर्ड 343 सीटों से भी ज्यादा हैं. इतनी सीटों के साथ पार्टी के पास दूसरी पार्टियों के समर्थन के बिना संविधान में संशोधन शुरू करने की पर्याप्त ताकत होगी.
पुतिन का जलवार अब भी कायम
इन नतीजों से पता चलता है कि पुतिन का जलवा अब भी कायम है. क्रेमलिन ने कहा कि नतीजों से पुतिन के समर्थन में लोगों की भारी एकजुटता का पता चलता है. पार्टी के अनुसार, यूक्रेन युद्ध में शामिल रहे रूस के 49 पूर्व सैनिक भी ‘यूनाइटेड रशिया’ के सांसद के तौर पर ड्यूमा में शामिल हो सकते हैं. चेचन्या में पुतिन के करीबी सहयोगी रमजान कादिरोव भी क्षेत्रीय नेता के तौर पर दोबारा चुने गए. चुनाव अधिकारियों के मुताबिक उन्हें 99.85% वोट मिले.
‘याब्लोको’ को क्षेत्रीय स्तर पर कामयाबीयुद्ध-विरोधी ‘याब्लोको’ पार्टी संघीय संसद में कोई सीट नहीं जीत पाई, लेकिन नोवगोरोड की क्षेत्रीय विधानसभा में उसे थोड़ी कामयाबी मिली. लगभग सभी वोटों की गिनती के बाद ‘याब्लोको’ को उस क्षेत्र में 6% से कुछ अधिक वोट मिले, जिससे वह पांच प्रतिशत की जरूरी सीमा को पार कर गई. पार्टी ने बताया कि 12,000 से अधिक लोगों ने उसे वोट दिया. ‘याब्लोको’ को संघीय संसदीय चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था, जबकि उसके कई उम्मीदवारों को क्षेत्रीय चुनावों से भी बाहर कर दिया गया था. बहरहाल, रूस के विपक्ष और कई पश्चिमी सरकारों ने चुनाव के तरीके पर सवाल उठाए हैं.
About the Authorशंकर पंडित
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
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September 22, 2026, 06:16 IST



