3 खिलाड़ी…जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया पर दिलाई जीत, 2 ने बल्ले से तो एक ने गेंद से फूंका मंतर

नई दिल्ली. डरबन के ऐतिहासिक किंग्स मैदान पर गुरुवार को खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 67 रनों से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. दक्षिण अफ्रीका की इस शानदार जीत के हीरो तीन खिलाड़ी रहे. जिसमें सलामी बल्लेबाज मैथ्यू ब्रिट्जके, मार्को यानसेन और स्पिनर केशव महाराज रहे.ब्रिट्जके ने जहां सेंचुरी जड़ी वहीं यानसेन ने हाफ सेंचुरी लगाई. महाराज ने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से कंगारू टीम के बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट झटके और मेजबान टीम को दबाव में डाल दिया. एक समय दक्षिण अफ्रीका ने 34वें ओवर तक महज 168 रन के स्कोर पर अपने 5 अहम विकेट गंवा दिए थे. क्रीज पर टिककर खेलना बेहद जरूरी था, और इस नाजुक मोड़ पर मैथ्यू ब्रिट्जके ने एक छोर मजबूती से संभाले रखा. ब्रिट्जके ने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का संयम और आक्रामकता के साथ सामना करते हुए 112 रनों की यादगार पारी खेली. अपनी इस शतकीय पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए और 14 चौके तथा 2 गगनचुंबी छक्के जड़े. ब्रिट्जके को दूसरे छोर से ऑलराउंडर मार्को यानसेन का जबरदस्त साथ मिला.
यानसेन ने क्रीज पर आते ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. उन्होंने महज 59 गेंदों में 75 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे. ब्रिट्जके और यानसेन के बीच छठे विकेट के लिए 107 रनों की बहुमूल्य और शतकीय साझेदारी हुई. इस विस्फोटक साझेदारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 297 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही.
मिचेल मार्श का तूफान298 रनों के मजबूत लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श अलग ही मूड में नजर आ रहे थे. उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों को निशाने पर लेते हुए चौकों और छक्कों की बारिश कर दी. मार्श ने महज 36 गेंदों में 60 रन ठोक डाले, जिसमें 5 चौके और 6 शानदार छक्के शामिल थे. कप्तान की इस तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने केवल 9.2 ओवरों में ही 90 रन बोर्ड पर टांग दिए थे. उस समय ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलियाई टीम इस लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लेगी और दक्षिण अफ्रीका के हाथ से मैच फिसल रहा है.
केशव महाराज का फिरकी जाल और ऑस्ट्रेलिया का पतनजब मिचेल मार्श मैच को दक्षिण अफ्रीका से दूर ले जा रहे थे, तब कप्तान ने गेंद अपने स्टार बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज को सौंपी. महाराज ने क्रीज पर आते ही कमाल दिखाया और विस्फोटक बल्लेबाजी कर रहे मिचेल मार्श को कैच आउट करवाकर पवेलियन का रास्ता दिखाया. मार्श का यह विकेट मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ.
मार्श के आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई. दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने मैच में जोरदार वापसी की और कंगारू बल्लेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया. ट्रैविस हेड और कूपर कॉनोली ने क्रीज पर टिकने की कोशिश की और उन्हें शुरुआत भी मिली, लेकिन वे अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके. इसके बाद जोश इंगलिस, कैमरन ग्रीन और जैक एडवर्ड्स जैसे धाकड़ बल्लेबाज सस्ते में निपट गए. केशव महाराज ने अपनी फिरकी का ऐसा जाल बुना कि ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह ढह गया. महाराज ने कैमरन ग्रीन और जैक एडवर्ड्स को भी अपना शिकार बनाया और रन गति पर पूरी तरह अंकुश लगा दिया.
यानसेन का जादुई कैच और दक्षिण अफ्रीका की जीतएक तरफ से विकेट गिर रहे थे, तो दूसरी तरफ मैट रेनशॉ ने अकेले संघर्ष जारी रखा. रेनशॉ ने 44 रन बनाए और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला. रेनशॉ की इस जुझारू पारी का अंत मार्को यानसेन ने किया. यानसेन ने बाउंड्री लाइन पर एक हाथ से अद्भुत और अविश्वसनीय कैच लपककर रेनशॉ को आउट किया. इस कैच ने ऑस्ट्रेलिया की बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया. रेनशॉ के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी को सिमटने में ज्यादा वक्त नहीं लगा. केशव महाराज ने 42वें ओवर में एडम जम्पा को आउट करके ऑस्ट्रेलिया की पारी को 230 रनों पर समेट दिया.
केशव महाराज दक्षिण अफ्रीका के सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने अपने 9.2 ओवरों के स्पेल में केवल 20 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए. मैथ्यू ब्रिट्जके का संयम भरा शतक, यानसेन का ऑलराउंड प्रदर्शन और केशव महाराज की किफायती व घातक गेंदबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने यह मुकाबला 67 रनों से अपने नाम किया. इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाकर ऑस्ट्रेलिया पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना लिया है.



