बॉर्डर पार से ड्रोन डिलीवरी और ब्रिज पर बारूद, जगलानू ब्रिज ब्लास्ट में लश्कर आतंकी तालिब हुसैन समेत 4 पर चार्जशीट

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जगलानू ब्लास्ट में लश्कर आतंकी तालिब समेत 4 पर चार्जशीट, ड्रोन साजिश का खुलासा
Last Updated:September 24, 2026, 21:53 IST
राजौरी पुलिस ने साल 2022 के चर्चित जगलानू ब्रिज आईईडी ब्लास्ट मामले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी तालिब हुसैन शाह समेत चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस धमाके में दो गैर-स्थानीय मजदूर बुरी तरह घायल हुए थे. जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान में बैठा लश्कर हैंडलर मोहम्मद कासिम ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भेजता था, जिसे तालिब अपने साथियों के साथ मिलकर ठिकाने लगाता था.लश्कर आतंकी तालिब हुसैन का पाकिस्तान कनेक्शन बेनकाब, जगलानू ब्लास्ट केस में चार्जशीट दाखिल. (प्रतीकात्मक & सांकेतिक तस्वीर)
श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में साल 2022 में हुए सनसनीखेज जगलानू ब्रिज आईईडी ब्लास्ट केस में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है. कांडी थाने की पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के दुर्दांत आतंकी तालिब हुसैन शाह समेत चार साजिशकर्ताओं के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है. इस आतंकी हमले में पुल के नीचे जोरदार धमाका हुआ था, जिसकी चपेट में आकर दो बेकसूर गैर-स्थानीय मजदूर लहूलुहान हो गए थे. जांच पड़ताल के दौरान सामने आया कि सीमा पार पाकिस्तान और पीओजेके में बैठे लश्कर हैंडलर मोहम्मद कासिम के इशारे पर ही घाटी को दहलाने की यह पूरी खौफनाक स्क्रिप्ट तैयार की गई थी. तालिब हुसैन शाह एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लगातार सीमा पार संपर्क में बना हुआ था.
जगलानू ब्रिज पर किस तरह बिछाया गया था बारूद का जाल?
19 अप्रैल 2022 को राजौरी के जगलानू ब्रिज के नीचे अचानक हुए तेज धमाके से पूरा इलाका दहल उठा था. आतंकी वहां बड़ा नुकसान पहुंचाना चाहते थे. इस विस्फोट में काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूर जख्मी हुए थे. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कांडी थाने में एफआईआर नंबर 33/2022 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी. जांच अधिकारियों ने कड़ियां जोड़ते हुए साबित किया कि यह कोई स्थानीय वारदात नहीं थी, बल्कि सीमा पार से प्रायोजित एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी.
लांबेरी के घने जंगलों में ड्रोन से क्या-क्या गिराता था पाकिस्तान?
पुलिस इन्वेस्टिगेशन में बेहद चौंकाने वाले तथ्य खुलकर सामने आए हैं. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर लांबेरी के जंगलों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करके हथियारों और बारूद की खेप गिराते थे. तालिब हुसैन शाह अपने स्थानीय मददगारों मोहम्मद सादिक और मोहम्मद शबीर के साथ मिलकर इन ड्रोन ड्रॉप्स को रिसीव करता था. इन पार्सलों में खतरनाक असॉल्ट राइफलें, गोलियां, हैंड ग्रेनेड, आईईडी बनाने का सामान और भारी मात्रा में भारतीय नकदी शामिल होती थी. यह सारा असलाह द्राज इलाके में आतंकियों के बनाए गुप्त ठिकानों पर जमा किया जाता था.
ग्रामीणों ने कैसे तोड़ा था लश्कर कमांडर तालिब का घमंड?
तालिब हुसैन शाह को लश्कर का खूंखार कमांडर माना जाता था, लेकिन उसका अंत बेहद नाटकीय अंदाज में हुआ. 3 जुलाई 2022 को रियासी के तुक्सन ढोक गांव में निडर ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए तालिब और उसके साथी फैसल अहमद डार को रंगे हाथों दबोच लिया था. ग्रामीणों ने दोनों आतंकियों को घेरकर बांध दिया और सुरक्षाबलों के हवाले कर दिया. उनके पास से भारी मात्रा में एके-47 और ग्रेनेड बरामद किए गए थे.
लश्कर आतंकी तालिब हुसैन. (File Photo)
राजौरी पुलिस ने गिरफ्तार तालिब हुसैन शाह, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद शबीर के अलावा सीमा पार बैठे भगोड़े हैंडलर मोहम्मद कासिम उर्फ सुलेमान पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा है. आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत आरोप तय किए गए हैं.
About the Authorदीपक वर्माDeputy News Editor
दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
Srinagar,Jammu and Kashmir
First Published :
September 24, 2026, 21:53 IST



