Success Story: एक परिवार के तीन भाई बने RAS अधिकारी, ऋषिराज की सफलता बनी मिसाल, फिर दोनों भाइयों ने भी गाड़े झंडे

Last Updated:September 26, 2026, 08:53 IST
Inspirational success story of Sambhar SDM Rishiraj Kapil : सफलता की यह कहानी जयपुर जिले के सांभर उपखंड में एसडीएम के पद पर तैनात ऋषिराज कपिल की है. बिना किसी प्रशासनिक पृष्ठभूमि के उन्होंने पहले ही प्रयास में वर्ष 2021 की आरएएस परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया. उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी से प्रेरित होकर उनके दोनों छोटे भाइयों ने भी कड़ा परिश्रम किया और आरएएस परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा. आज यह परिवार राजस्थान में एक अनूठी मिसाल बन चुका है, जहां एक ही घर से तीन सगे भाई प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं
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Jaipur: सफलता की कहानी तब और भी ज्यादा खास और यादगार बन जाती है, जब किसी एक व्यक्ति की कामयाबी उसके परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए भी एक मजबूत मिसाल बन जाए. कुछ ऐसी ही अनूठी और प्रेरणादायक कहानी जयपुर जिले के सांभर उपखंड में एसडीएम के पद पर कार्यरत ऋषिराज कपिल की है. बिना किसी प्रशासनिक या बड़े राजनीतिक पारिवारिक बैकग्राउंड के बावजूद, ऋषिराज ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर आरएएस (RAS 2021) परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा. अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद उन्हें सांभर उपखंड में एसडीएम के रूप में उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग मिली.
ऋषिराज कपिल की सफलता की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि उनकी यह कामयाबी सिर्फ उनके तक ही सीमित नहीं रही. उनके मार्गदर्शित करने वाले कदमों और सफलता के जुनून को देखकर उनके दोनों छोटे भाइयों ने भी प्रशासनिक सेवा में जाने का दृढ़ निश्चय किया. कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर दोनों छोटे भाइयों ने भी आरएएस परीक्षा पास कर ली और अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया. इस तरह बिना किसी पारंपरिक प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले एक साधारण परिवार से एक साथ तीन भाई प्रशासनिक अधिकारी बने. यह उपलब्धि दर्शाती है कि परिवार में यदि लक्ष्य के प्रति सही दिशा और मेहनत का माहौल हो, तो बड़ी से बड़ी बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकता है.
कार्यालय से कहीं अधिक फील्ड वर्क पर जोरसांभर जैसे महत्वपूर्ण और बड़े उपखंड में एसडीएम की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही ऋषिराज कपिल अपनी सक्रिय कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वे केवल अपने कार्यालय की चारदीवारी और फाइलों के निस्तारण तक सीमित नहीं रहते, बल्कि मैदानी स्तर पर उतरकर काम करने में विश्वास रखते हैं. राजस्व मामलों का त्वरित निस्तारण करना, जनसुनवाई के दौरान आम नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और मौके पर जाकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा है. उनका मानना है कि एक सच्चे प्रशासनिक अधिकारी को जनता के बीच जाकर उनकी जमीनी हकीकत को समझना चाहिए.
युवाओं के लिए बन रहे हैं एक आदर्शकम उम्र में इतनी बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बावजूद वे कानून-व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने के मामलों और विकास कार्यों को बेहद परिपक्वता से संभाल रहे हैं. स्थानीय स्तर पर उनकी कार्यशैली और जनता से सीधे जुड़ने के अंदाज की लोग काफी सराहना करते हैं. उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के उन युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्त्रोत है जो संसाधन के अभाव के बावजूद प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते हैं. ऋषिराज कपिल का यह सफर यह साबित करता है कि अटूट संकल्प और सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 26, 2026, 08:53 IST



