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क्या खत्म हो गया रविंद्र जडेजा का वनडे करियर? स्पिन कोच के बयान ने बदल दिया पूरा समीकरण

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुट गई है. भविष्य की टीम तैयार करने के इस मिशन में सबसे बड़ा सवाल रविंद्र जडेजा के सीमित ओवरों के करियर को लेकर उठ रहा था. हालांकि, भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने साफ कर दिया है कि 37 वर्षीय अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की वनडे विश्व कप खेलने की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं.

भारतीय टीम प्रबंधन 2027 के महाकुंभ से पहले अपने स्पिन गेंदबाजी विकल्पों को मजबूत करने और एक संतुलित प्लेइंग इलेवन तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा है. इस दौरान रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) के अपार अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता के साथ-साथ अक्षर पटेल की बहुमुखी उपयोगिता का भी गहन आकलन किया जा रहा है.

कमबैक मैच में जडेजा का प्रदर्शन और बहुतुले का भरोसाअफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज और इंग्लैंड दौरे से बाहर रहने के बाद जडेजा ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में वापसी की. वापसी मुकाबले में भले ही उन्हें कोई सफलता न मिली हो और उन्होंने 10 ओवर में 54 रन खर्च किए हों, लेकिन टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव को बेहद अहम मान रहा है.

दूसरे वनडे से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए साईराज बहुतुले ने स्पष्ट किया कि जड्डू की ऑलराउंड क्षमताएं टीम के लिए आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितनी पहले थीं. बहुतुले ने कहा, ‘जड्डू अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी क्षमता और सालों के अनुभव के साथ निश्चित रूप से बहुत अच्छा कर रहे हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में 2027 की योजनाओं के तहत उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. मेरे लिए वह हमेशा से एक मैच-विनर और उपयोगी खिलाड़ी रहे हैं जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं. पिछले छह महीनों में एक गेंदबाज के रूप में भी उन्होंने अपने खेल में काफी सुधार किया है.’

न्यूजीलैंड सीरीज के बाद बदली थी राह, अब फिर खुला मौकाइस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज के बाद ऐसा लगने लगा था कि जडेजा सीमित ओवरों की योजनाओं से धीरे-धीरे बाहर हो रहे हैं. उस समय चयनकर्ताओं और प्रबंधन ने अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और वाशिंगटन सुंदर को अपने प्राथमिक स्पिन विकल्पों के रूप में प्राथमिकता दी थी.

हालांकि, वर्तमान में अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर एशियाई खेलों में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इस वजह से जडेजा के लिए एक बार फिर वनडे टीम के दरवाजे खुले और उन्होंने न्यूजीलैंड सीरीज के बाद पहली बार टीम में वापसी की. अब आने वाले समय में जब सभी खिलाड़ी उपलब्ध होंगे, तब प्रदर्शन के आधार पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा.

अक्षर पटेल और जडेजा के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धाटीम इंडिया आगामी द्विपक्षीय सीरीज में अपने स्पिन कॉम्बिनेशन को लेकर कई प्रयोग करने जा रही है. साईराज बहुतुले के मुताबिक, अक्षर पटेल के टीम में होने से प्रबंधन को विभिन्न परिस्थितियों में खिलाड़ियों को परखने का मौका मिलेगा.

बहुतुले ने कहा, ‘अक्षर के टीम में होने से आने वाले समय में जो भी टूर्नामेंट या सीरीज हम खेलेंगे, उनमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन का निष्पक्ष आकलन किया जा सकेगा. इससे यह साफ हो सकेगा कि दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछालभरी परिस्थितियों में कौन सा खिलाड़ी सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है.’

भारत के ट्रंप कार्ड और मैच विनर कुलदीप यादवएक तरफ जहां ऑलराउंडर के स्थान के लिए जडेजा और अक्षर के बीच होड़ जारी है, वहीं दूसरी तरफ चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव टीम के मुख्य स्पिनर के रूप में अपनी जगह मजबूत कर चुके हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में कुलदीप ने एक बार फिर साबित किया कि वे भारत के सबसे बड़े मैच-विनर क्यों हैं. वेस्टइंडीज की टीम 20वें ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 135 रन बनाकर बेहद मजबूत स्थिति में थी. इसके बाद कुलदीप ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 40 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके. उनकी इस जादुई स्पेल की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को 7 विकेट पर 295 रन पर रोक दिया.

कुलदीप की तारीफ करते हुए बहुतुले ने कहा, ‘कुलदीप हमेशा से भारत के लिए मुख्य मैच विजेता रहे हैं. वह अपनी गेंदबाजी को लेकर बहुत गंभीर रहते हैं. अगर उन्हें लगता है कि किसी क्षेत्र में सुधार की जरूरत है, तो वे सीधे नेट्स में जाकर उस पर कड़ी मेहनत करते हैं. सालों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के कारण उनका आत्मविश्वास काफी मजबूत है.’

नए संयोजनों की तलाश में भारतीय टीमस्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या के चोटिल होने और कई प्रमुख खिलाड़ियों के एशियाई खेलों में व्यस्त रहने के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय टीम प्रबंधन नए संयोजनों को आजमा रहा है. इस सीरीज के जरिए नए चेहरों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तराशा जा रहा है. पहले वनडे मुकाबले में युवा नमन धीर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला, जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को कार्यभार प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट) के तहत आराम दिया गया. इसके अलावा, हार्दिक पंड्या के बैकअप तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में तैयार किए जा रहे युवा नितीश कुमार रेड्डी को नई गेंद से गेंदबाजी की शुरुआत कराने का जिम्मेदारी भरा काम सौंपा गया. भारतीय टीम प्रबंधन 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले एक ऐसा मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना चाहता है जो हर परिस्थिति में टीम को जीत दिलाने में सक्षम हो.

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