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Russell Viper Rescue in Rajsamand

Last Updated:September 30, 2026, 11:47 IST

Russell Viper Rescue in Rajsamand: राजसमंद जिले के मौकाड़ा गांव में एक घर की दीवार से दुर्लभ और बेहद जहरीले ‘रसल वाइपर’ सांप का रेस्क्यू किया गया है. स्थानीय भाषा में ‘चित्ती’ कहलाने वाले इस सांप को वन्यजीव प्रेमी नवीन गहलोत ने सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा. राजसमंद में पिछले 8 साल में इस सांप का यह केवल तीसरा रेस्क्यू है. अजगर जैसा दिखने वाला यह सांप भारत के सबसे खतरनाक सांपों में से एक है. इसके हीमोटॉक्सिक जहर से खून के थक्के जमने लगते हैं.

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अजगर जैसा भारी शरीर, तीन कतारों में चित्तियां... राजसमंद में मिला रसल वाइपरZoomRussell Viper Rescue Rajsamand: मौकाड़ा गांव में दीवार में छिपा मिला दुर्लभ रसल वाइपर, रेस्क्यू टीम ने पकड़ा

राजसमंद. जिले के गांवगुड़ा के पास स्थित मौकाड़ा गांव में उस वक्त लोगों में दहशत फैल गई, जब एक घर के पास बनी दीवार में एक बेहद दुर्लभ और खतरनाक सांप छिपा हुआ मिला. यह सांप कोई आम सांप नहीं, बल्कि अपनी आक्रामकता और घातक जहर के लिए कुख्यात ‘रसल वाइपर’ था. स्थानीय भाषा में इसे ‘चित्ती’ के नाम से जाना जाता है. दीवार में सांप के छिपे होने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के वन्यजीव प्रेमी नवीन गहलोत तत्काल मौके पर पहुंचे और भारी सावधानी बरतते हुए इस जहरीले सांप का रेस्क्यू किया.

वन्यजीव प्रेमी नवीन गहलोत ने बताया कि राजसमंद जिले की भौगोलिक परिस्थितियों में रसल वाइपर बहुत ही कम देखने को मिलता है. जानकारी के अनुसार, पिछले करीब 8 वर्षों के दौरान राजसमंद जिले में इस दुर्लभ प्रजाति के सांप का यह केवल तीसरा रेस्क्यू है. आबादी वाले इलाके में इसके मिलने से हर कोई हैरान था. सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इस जहरीले सांप को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि इंसानों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

कैसा होता है रसल वाइपर और क्यों है यह इतना खतरनाक?भारत में पाए जाने वाले चार सबसे जहरीले सांपों (Big Four) में रसल वाइपर प्रमुख है. इसकी शारीरिक बनावट काफी मजबूत होती है और यह कुछ हद तक अजगर (Python) जैसा दिखाई देता है. इसी समानता के कारण अक्सर लोग इसे अजगर का बच्चा समझकर इसके पास जाने की भारी गलती कर बैठते हैं.

पहचान: रसल वाइपर के शरीर पर गहरे भूरे रंग के गोल या अंडाकार धब्बों की तीन कतारें (चेन जैसा डिजाइन) होती हैं. शरीर पर मौजूद इन्हीं चितकबरे धब्बों के कारण इसे ग्रामीण अंचल में ‘चित्ती’ (धब्बेदार) सांप कहा जाता है. इसका सिर तिकोने आकार का होता है.
हीमोटॉक्सिक जहर: इस सांप का जहर हीमोटॉक्सिक (Hemotoxic) प्रकृति का होता है. इसका जहर सीधे खून पर असर करता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं. काटने के बाद शरीर में खून जमने लगता है, इंटरनल ब्लीडिंग होती है और गुर्दे (Kidney) फेल होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.
आक्रामकता: जब यह सांप खतरे में होता है, तो यह कुंडली मारकर बैठ जाता है और प्रेशर कुकर की सीटी जैसी बेहद तेज आवाज में फुफकार (Hiss) मारता है. यह बिजली की तेजी से छलांग लगाकर हमला करने में सक्षम होता है.
About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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First Published :

September 30, 2026, 11:47 IST

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