राजस्थान के टाइगर रिजर्व में लौटी रौनक, 3 महीने बाद खुले रणथंभौर के द्वार, पहले दिन उमड़े पर्यटक

सवाई माधोपुर. तीन महीने के अंतराल के बाद राजस्थान के प्रमुख टाइगर रिजर्व रणथंभौर नेशनल पार्क के द्वार आज पर्यटकों के लिए खोल दिए गए. पर्यटन सत्र के पहले दिन सवाई माधोपुर के गणेश धाम स्थित मुख्य प्रवेश द्वार पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. देसी-विदेशी पर्यटकों का वन विभाग की ओर से राजस्थानी परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर और स्वागत किया गया. रंगोली, लोक नृत्य और लोक संगीत के बीच पर्यटक वाहनों को जंगल सफारी के लिए रवाना किया गया. पहले ही दिन बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से रणथंभौर में पर्यटन सीजन की शुरुआत उत्साह के साथ हुई.
रणथंभौर ही नहीं, राजस्थान के टाइगर रिजर्व और वन्यजीव पर्यटन के लिए भी यह समय खास माना जाता है. रणथंभौर के साथ अलवर का सरिस्का टाइगर रिजर्व भी देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. दोनों अभयारण्य राजस्थान में बाघों और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश में देखने का अवसर देते हैं. मानसून के दौरान निर्धारित अवधि के लिए पर्यटन गतिविधियां सीमित रहने के बाद अब रणथंभौर में फिर से सफारी का सिलसिला शुरू हो गया है.
रंगोली और लोक नृत्य से हुआ स्वागत
पर्यटन सत्र के शुभारंभ के मौके पर गणेश धाम मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक रंगोली से सजाया गया. लोक कलाकारों ने राजस्थानी लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दीं. गाजे-बाजे और लोक संगीत के बीच पर्यटक वाहनों को जंगल भ्रमण के लिए रवाना किया गया. जिला कलेक्टर कानाराम, मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप सिंह, उपवन संरक्षक मानस सिंह और उपवन संरक्षक पर्यटन संजीव शर्मा ने पर्यटक वाहनों को हरी झंडी दिखाई. अधिकारियों ने देशी-विदेशी पर्यटकों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया और उन्हें रणथंभौर भ्रमण के लिए शुभकामनाएं दीं. पहली पारी में ही सैकड़ों पर्यटक पार्क पहुंचे. इनमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल रहे. जिला कलेक्टर कानाराम ने भी सपत्नीक पहली पारी में पार्क भ्रमण किया.
पर्यटकों को बाघों के दीदार की उम्मीद
तीन महीने के अंतराल के बाद खुले रणथंभौर को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह दिखाई दिया. पर्यटक जंगल की हरियाली, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों को करीब से देखने की उम्मीद लेकर पहुंचे. रणथंभौर देश के उन प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां बाघों के अलावा तेंदुआ, सांभर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर और मगरमच्छ समेत कई वन्यजीवों को देखा जा सकता है. वन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्क के भीतर व्यवस्थाएं की हैं. अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन सत्र के दौरान पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ वन क्षेत्र में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा. जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में किसी तरह का व्यवधान न हो, इस पर भी जोर दिया जा रहा है.
सरिस्का भी वन्यजीव पर्यटन का बड़ा केंद्र
राजस्थान में रणथंभौर के अलावा सरिस्का टाइगर रिजर्व भी वन्यजीव पर्यटन का प्रमुख केंद्र है. अलवर जिले में स्थित सरिस्का अपने बाघों के साथ अरावली की पहाड़ियों, जंगल और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है. राजस्थान के ये दोनों टाइगर रिजर्व देशी पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हैं. रणथंभौर का नया पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ सवाई माधोपुर में होटल, रिसॉर्ट, सफारी वाहन और स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है. पहले दिन पर्यटकों की मौजूदगी ने पर्यटन कारोबार के लिए भी नई उम्मीद जगाई है. वन विभाग और प्रशासन का फोकस अब पूरे पर्यटन सत्र के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और पर्यटकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित जंगल सफारी उपलब्ध कराने पर है. गणेश धाम पर हुए स्वागत समारोह के साथ रणथंभौर का नया पर्यटन सत्र शुरू हो गया. जंगल की हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और बाघ सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार की उम्मीद लेकर पहुंचे पर्यटकों ने पहले ही दिन रणथंभौर में पर्यटन की रौनक लौटा दी.



