Rajasthan

चुनाव आयोग पर बरसे सचिन पायलट, बोले- ‘नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी’, CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

Last Updated:October 04, 2026, 16:58 IST

Sachin Pilot On ECI: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए. पायलट ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए और आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार ने अन्य चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर फैसले लिए. उन्होंने इसे ‘वोटबंदी’ बताते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों पर चिंता जताई.

ख़बरें फटाफट

चुनाव आयोग पर बरसे सचिन पायलट, बोले- ‘नोटबंदी के बाद अब वोटबंदी’Zoomचुनाव आयोग पर बरसे सचिन पायलट

जयपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश के चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तानाशाही रवैया अपनाने और संस्था की निष्पक्षता को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है. इसके अलावा, पायलट ने राजस्थान में अकाल के संकट और पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था तथा नशे के हालात को लेकर राज्य और केंद्र सरकारों पर तीखा हमला बोला है.

सचिन पायलट ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग में अहम फैसले सभी सदस्यों की आपसी सहमति या बहुमत से होने चाहिए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी से प्रक्रिया चलाई है.

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप: ‘नोटबंदी के बाद अब हो रही है वोटबंदी’पायलट ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने की शक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों यानी ईआरओ से छीनकर अपने पास रख ली और दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय से यह काम किया गया. पायलट ने सनसनीखेज दावा किया कि देश भर में एसआईआर और अन्य प्रक्रियाओं के तहत करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं. उन्होंने कहा कि देश की आबादी बढ़ने के बावजूद पहली बार मतदाताओं की संख्या घट रही है, जो कि बेहद संदिग्ध है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि नोटबंदी के बाद अब ये लोग वोटबंदी कर रहे हैं. पायलट ने आरोप लगाया कि हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में टारगेटेड तरीके से वोट काटे गए हैं और चुनाव आयोग के जिम्मेदार लोग सत्ताधारी पार्टी के हित में काम कर रहे हैं.

राजस्थान में अकाल और शहरी निकाय चुनावों में सरकार की विफलताराजस्थान के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए सचिन पायलट ने कहा कि राज्य के कई इलाके मानसून की भारी कमी के कारण गंभीर अकाल और सूखे की चपेट में हैं. सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मानसून की कमी साफ दिखने के बावजूद सरकार ने समय रहते संकट से निपटने की कोई योजना नहीं बनाई. सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं के बजाय केवल सत्ता में बने रहने और चुनाव मैनेजमेंट पर केंद्रित रहा. शहरी निकाय चुनावों में देरी करने और मतदान व मतगणना के बीच का समय बढ़ाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का भारी दुरुपयोग किया गया. सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में पार्षदों को लाने के लिए दबाव बनाया गया, और हरियाणा बॉर्डर पर कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों तक को रोका गया.

पंजाब के हालात और नशामुक्त यात्रा पर सवालपंजाब के गंभीर मुद्दों पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि चिट्टा और केमिकल ड्रग्स आज पंजाब के नौजवानों के लिए जानलेवा खतरा बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जेलों से खुलेआम फिरौती मांगी जा रही है और पुलिस नागरिकों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है. भाजपा की नशामुक्त यात्रा पर सवाल उठाते हुए पायलट ने पूछा कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए होने वाली अवैध ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए पिछले 12 सालों में केंद्र सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं. अंत में, कांग्रेस की एकजुटता और भविष्य की राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान में पार्टी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और आगामी समय में जनता कांग्रेस को पुनः सेवा करने का अवसर देगी.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंLocation :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 04, 2026, 16:58 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj