दौसा की सेंट्रल जेल में मिला गांजा और मोबाइल मिला, बाथरूम में जमीन खोदकर दबाया था नशे का सामान

Last Updated:October 04, 2026, 23:47 IST
Dausa Jail News: दौसा की हाई-सिक्योरिटी मानी जाने वाली सेंट्रल जेल श्यालावास एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है. दौसा पुलिस के अचानक मारे गए छापे में जेल के बाथरूम के अंदर जमीन में गाड़कर छुपाया गया करीब 650 ग्राम गांजा, एक मोबाइल फोन और स्मोकिंग रोल बरामद हुआ है. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पापड़दा थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. एएसपी विनोद सीपा के नेतृत्व में करीब 150 पुलिसकर्मियों के भारी दल ने जब श्यालावास जेल में अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया, तो हड़कंप मच गया.
दौसा. राजस्थान के दौसा जिले की सेंट्रल जेल श्यालावास एक बार फिर सवालों के घेरे में है. जेल के अंदर अचानक किए गए सर्च ऑपरेशन में करीब 650 ग्राम गांजा, मोबाइल फोन और स्मोकिंग रोल बरामद हुए हैं. यह सामान जेल के बाथरूम में जमीन खोदकर एक डिब्बे में दबाया गया था.
दौसा पुलिस ने अचानक सेंट्रल जेल श्यालावास में सर्च ऑपरेशन चलाया. एएसपी विनोद सीपा के नेतृत्व में करीब 150 पुलिसकर्मियों की टीम जेल पहुंची और अलग-अलग बैरकों में तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जेल के बाथरूम में जमीन के अंदर एक डिब्बा मिला. इसमें करीब 650 ग्राम गांजा रखा हुआ था. इसके साथ मोबाइल फोन और स्मोकिंग रोल भी एक थैली में रखकर जमीन में दबाए गए थे.
जेल आईजी विक्रम सिंह ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जेल के अंदर गांजा और मोबाइल कैसे पहुंचा, इसकी भी पड़ताल होगी. अगर किसी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, एएसपी विनोद सीपा ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि नशे की सप्लाई किसने की और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं.
गांजा और मोबाइल मिलने के बाद FIR
जेल के अंदर नशे की खेप और मोबाइल मिलने के बाद पापड़दा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान आखिर कैसे पहुंचा और इसे किसने यहां छिपाया था. इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा और मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा? मामले में जेल प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, इस संबंध में जांच पूरी होने से पहले किसी पर आरोप तय नहीं किए जा सकते.
इधर जेल प्रशासन भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच करा रहा है. बताया जा रहा है कि श्यालावास जेल में इससे पहले भी नशे की खेप और मोबाइल मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ऐसे में ताजा बरामदगी के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
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Dausa,Rajasthan
First Published :
October 04, 2026, 23:40 IST



