बच्चों को सर्दी-खांसी से है बचाना, तो खानपान से लेकर कपड़ों तक इन बातों का रखें ध्यान

अंबाला: अक्टूबर के आखिरी दिनों में बदलते मौसम और बढ़ती ठंड ने बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, सुबह-शाम की ठंड और दिन के तापमान में बदलाव के बीच बच्चों को सर्दी-खांसी, वायरल बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाना माताओं के लिए चुनौती बन रहा है. ऐसे में अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने बच्चों के खानपान, कपड़ों और साफ-सफाई को लेकर जरूरी सुझाव दिए हैं. बता दें कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों की दिनचर्या और सेहत पर भी पड़ सकता है.
बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान
लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इस दौरान वायरल बुखार और बैक्टीरियल संक्रमण जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. ऐसे में माता-पिता को बच्चों की सेहत के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है. खासकर छोटे बच्चों के कपड़ों, खानपान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
बच्चों को पहनाएं फुल बाजू के कपड़े, त्वचा पर लगाएं मॉइश्चराइजर
डॉ. रजिता ने बताया कि मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ बच्चों को फुल बाजू के कपड़े पहनाने चाहिए, ताकि वे ठंड से बच सकें. वहीं, त्वचा संबंधी परेशानियों से बचाने के लिए बच्चों को हल्के गुनगुने पानी से नहलाना चाहिए. नहाने के बाद उनकी त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगाने से रूखेपन और खुजली जैसी परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है.
उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों को आरामदायक कपड़े पहनाने के साथ उनके सोने की व्यवस्था का भी ध्यान रखना चाहिए. रात में ठंड महसूस होने पर बच्चों को उचित गर्म कपड़े और कंबल उपलब्ध कराएं.
बच्चों को जंक फूड और बाजार की मिठाइयों से रखें दूर
बच्चों को स्वस्थ रखने में खानपान की अहम भूमिका होती है. डॉ. रजिता ने सलाह दी कि बच्चों को बाहर के खाने, ज्यादा जंक फूड और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों से बचाना चाहिए. उनकी डाइट में घर का बना ताजा और पौष्टिक भोजन शामिल करें. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही बच्चों को खाने के लिए दें.
उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों और बाहर की चीजों का सेवन भी बढ़ जाता है. ऐसे में बच्चों को बाजार की मिठाइयों और अधिक मीठे खाद्य पदार्थों से दूर रखने की कोशिश करें. बेहतर होगा कि घर पर साफ-सफाई के साथ तैयार की गई मिठाइयां सीमित मात्रा में दी जाएं.
खाना खाने से पहले बच्चों को हाथ धोने की डालें आदत
डॉक्टर ने साफ-सफाई पर जोर देते हुए कहा कि बच्चे बाहर से खेलकर घर लौटें, तो उनके हाथ-पैर जरूर धुलवाएं. खाना खाने से पहले और किसी भी खाद्य पदार्थ को छूने से पहले हाथ धोने की आदत डालें. गंदे हाथों के जरिए कीटाणु शरीर में पहुंच सकते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
फ्रिज में रखे फल और सब्जियां बच्चों को देने से पहले उनकी उचित सफाई और भंडारण का ध्यान रखें. पका हुआ भोजन बच्चों को देने से पहले अच्छी तरह गर्म करें. उन्होंने कहा कि पीने के लिए साफ और सुरक्षित पानी दें. पानी का तापमान बच्चे की सुविधा के अनुसार रखें.
बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं, पर्याप्त आराम भी जरूरी
डॉ. रजिता ने बदलते मौसम में बच्चों को ठंडी हवा से बचाने और उनकी दिनचर्या व्यवस्थित रखने की सलाह दी. सुबह के समय हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें और बच्चों को पर्याप्त आराम दें. हालांकि, एसी या पंखे का इस्तेमाल कमरे के तापमान और बच्चे की सुविधा के अनुसार करना चाहिए.



