‘कांग्रेस का टिकट चाहिए तो कामरेड से मिलो’, बैठक में फूटा गुस्सा, टिकट बंटवारे पर उठे सवाल

Last Updated:October 05, 2026, 21:56 IST
Rajasthan Panchayat Chunav : हनुमानगढ़ में पंचायतीराज चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में पूर्व विधायक डॉ. सुरेश चौधरी ने टिकट बंटवारे को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि भादरा में कांग्रेस के टिकट कामरेड और जेजेपी तय कर रही थी. उन्होंने टिकट वितरण को लेकर पार्टी के अंदर चल रही व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इन आरोपों के सामने आने के बाद पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में विवाद बढ़ने के संकेत मिले हैं.
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हनुमानगढ़: कांग्रेस बैठक में फूटा गुस्सा, टिकट बंटवारे पर उठे सवाल.
हनुमानगढ़. पंचायतीराज चुनाव को लेकर कांग्रेस की बैठक में ही पार्टी के अंदर का विवाद सामने आ गया. भादरा के पूर्व विधायक डॉ. सुरेश चौधरी ने बैठक में कांग्रेस के टिकट बंटवारे को लेकर खुलकर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि भादरा में कांग्रेस के टिकट कामरेड और जननायक जनता पार्टी से जुड़े लोगों ने बांटे. चौधरी ने कहा कि नगर पालिका चुनाव में भी कांग्रेस के टिकट बंटवारे को लेकर इसी तरह की स्थिति रही. उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की टिकटें दी गईं. अब पंचायत चुनाव को लेकर भी उन्होंने पार्टी के सामने सवाल खड़े किए हैं.
पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस की बैठक चल रही थी. इसी दौरान भादरा के पूर्व विधायक डॉ. सुरेश चौधरी ने पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि भादरा में कांग्रेस के टिकट बांटने में पार्टी के नेताओं के बजाय कामरेड और जननायक जनता पार्टी से जुड़े लोगों की भूमिका रही. चौधरी ने कहा कि यह स्थिति नगर पालिका चुनाव के दौरान भी देखने को मिली थी. उनका कहना था कि माकपा के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की टिकटें तक दी गईं. ऐसे में अब पंचायत चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है.
‘टिकट चाहिए तो कामरेड से मिलो’पूर्व विधायक डॉ. सुरेश चौधरी ने बैठक में एक और गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने टिकट को लेकर बात की तो एक बड़े नेता की तरफ से उन्हें कहा गया कि कामरेड से मिलो. चौधरी ने इस दौरान किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को भादरा के पूर्व विधायक और माकपा नेता बलवान पूनिया से जोड़कर देखा जा रहा है. चौधरी ने सवाल उठाया कि अब क्या कांग्रेस के टिकट भी कामरेड बांटेंगे. उनके इस बयान से बैठक में पार्टी के अंदर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई.
प्रदेश नेताओं पर भी लगाए आरोपपूर्व विधायक ने सिर्फ स्थानीय स्तर के नेताओं पर ही सवाल नहीं उठाए. उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेताओं पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए. चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेताओं की सहमति या मिलीभगत से पार्टी को कामरेड के हाथों बेचने जैसी स्थिति बन रही है. उन्होंने टिकट वितरण को लेकर पार्टी के अंदर चल रही व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. इन आरोपों के सामने आने के बाद पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में विवाद बढ़ने के संकेत मिले हैं. हालांकि चौधरी के आरोपों पर पार्टी के दूसरे नेताओं की ओर से तत्काल कोई जवाब सामने नहीं आया है.
भादरा में पहले भी दिखा है अलग राजनीतिक समीकरणभादरा की राजनीति में कांग्रेस, भाजपा और माकपा के बीच मुकाबला लंबे समय से अलग तरह का रहा है. 2018 के विधानसभा चुनाव में माकपा के बलवान पूनिया ने भादरा सीट से जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस के डॉ. सुरेश चौधरी चुनाव मैदान में थे. हालिया विधानसभा चुनाव में भी भादरा में कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा था. उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार 2023 में कांग्रेस के डॉ. सुरेश चौधरी तीसरे स्थान पर रहे थे.
नगरपालिका चुनाव का जिक्र भी उठाचौधरी ने अपने आरोपों में भादरा नगरपालिका चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस के टिकट वितरण में कामरेड और जननायक जनता पार्टी से जुड़े लोगों की भूमिका रही. 2026 के भादरा नगरपालिका चुनाव के उपलब्ध नतीजों में 40 वार्डों में भाजपा के 16 और कांग्रेस के 3 उम्मीदवार विजयी हुए, जबकि बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी जीते. इसके बाद भादरा नगरपालिका में पहली बार भाजपा का बोर्ड बनने की बात भी सामने आई. यही वजह है कि पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस की बैठक में पुराने चुनाव के प्रदर्शन और टिकट बंटवारे को लेकर सवाल फिर उठ रहे हैं.
अब पंचायत चुनाव में टिकट को लेकर सवालकांग्रेस के सामने अब पंचायत चुनाव की तैयारी है. ऐसे में टिकट वितरण सबसे अहम मुद्दों में से एक रहने वाला है. भादरा के पूर्व विधायक के आरोपों ने पार्टी की स्थानीय राजनीति को बैठक के बीच ही चर्चा में ला दिया. चौधरी के बयान का सीधा असर अब टिकट वितरण की प्रक्रिया पर कितना पड़ेगा, यह आगे साफ होगा. फिलहाल इतना जरूर है कि पंचायत चुनाव की तैयारी के लिए हुई बैठक में ही कांग्रेस के अंदर टिकट को लेकर नाराजगी सामने आ गई. पार्टी के सामने अब कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच तालमेल बनाने के साथ टिकट वितरण को लेकर उठे सवालों का जवाब देने की चुनौती भी रहेगी. वहीं चौधरी के आरोपों पर कांग्रेस के प्रदेश और स्थानीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया का भी इंतजार है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Hanumangarh,Hanumangarh,Rajasthan
First Published :
October 05, 2026, 21:56 IST



