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माथे पर तेल की धीमी धार… क्या है शिरोधारा? तनाव और मानसिक थकान में कैसे देती है आराम, जानिए

Last Updated:October 06, 2026, 13:51 IST

आयुर्वेद में शरीर और मन को आराम देने के लिए कई पारंपरिक उपचार पद्धतियां बताई गई हैं. शिरोधारा भी इन्हीं में से एक है, जिसमें माथे पर तेल या अन्य उपयुक्त तरल की लगातार धीमी धार डाली जाती है. आयुर्वेद विशेषज्ञ के मुताबिक, इसे तनाव, मानसिक थकान और नींद से जुड़ी परेशानियों में आराम के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

गोंडा: आयुर्वेद में कई ऐसी पारंपरिक उपचार पद्धतियां हैं, जिनका इस्तेमाल शरीर और मन को आराम देने के लिए किया जाता है. इन्हीं में से एक शिरोधारा है. इसमें माथे के एक निश्चित हिस्से पर तेल या किसी अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ की लगातार धीमी धार डाली जाती है. आयुर्वेद में इसे तनाव और मानसिक थकान जैसी समस्याओं में आराम देने वाली प्रक्रिया माना जाता है.

लोकल18 से बातचीत में वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि शिरोधारा दो शब्दों से मिलकर बना है. ‘शिर’ का अर्थ सिर और ‘धारा’ का मतलब लगातार बहने वाली धार है. इस प्रक्रिया में व्यक्ति को आराम की स्थिति में लिटाया जाता है और माथे के बीच वाले हिस्से पर एक बर्तन की मदद से तेल या अन्य उपयुक्त तरल की धीमी और लगातार धार डाली जाती है. इस दौरान व्यक्ति को कुछ समय तक आराम की स्थिति में रखा जाता है. शिरोधारा में किस तरह के तरल का इस्तेमाल किया जाएगा, यह व्यक्ति की स्थिति और आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह पर निर्भर करता है.

डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि आयुर्वेद में शिरोधारा का इस्तेमाल मुख्य रूप से मानसिक तनाव, बेचैनी और नींद से जुड़ी परेशानियों में आराम देने के लिए किया जाता है. कुछ लोग इसे सिरदर्द और मानसिक थकान में भी करवाते हैं.

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दिनभर काम करने, मानसिक दबाव और लगातार तनाव के कारण शरीर और दिमाग थक सकता है. शिरोधारा के दौरान व्यक्ति को शांत वातावरण में कुछ समय आराम मिलता है. इससे कुछ लोगों को तनाव और मानसिक थकान में आराम महसूस हो सकता है.

आयुर्वेदिक चिकित्सा में शिरोधारा का इस्तेमाल नींद से जुड़ी परेशानियों में भी किया जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान मिलने वाला आराम कुछ लोगों को रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकता है. हालांकि, लंबे समय से अनिद्रा की समस्या होने पर इसके कारण की जांच कराना जरूरी है.

डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि हर व्यक्ति के लिए शिरोधारा उचित हो, यह जरूरी नहीं है. किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, गर्भवती महिला, त्वचा संबंधी समस्या वाले व्यक्ति या किसी विशेष दवा का सेवन करने वाले व्यक्ति को शिरोधारा कराने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि एक्सपर्ट की सलाह के बिना घर पर खुद से शिरोधारा करने के बजाय प्रशिक्षित आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में यह प्रक्रिया कराना बेहतर है. साथ ही, इसे किसी गंभीर बीमारी के इलाज के विकल्प के तौर पर नहीं लेना चाहिए.

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October 06, 2026, 13:51 IST

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