‘मुझे कहा गया मर जा…’ जैसलमेर में आबूरोड सदर थाने के कॉन्स्टेबल ने दी जान, ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. आबूरोड के सदर थाने में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध सिंह ने मोहनगढ़ थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा गांधी नहर में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. इस घटना ने पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों में सनसनी फैला दी है. यह खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले अनिरुद्ध ने एक वीडियो बनाकर अपने परिजनों को भेजा था, जिसमें उन्होंने अपने ससुराल पक्ष पर पिछले लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है.
जानकारी के अनुसार, बाड़मेर की इंद्रा कॉलोनी के रहने वाले कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध सिंह आबूरोड सदर पुलिस थाने में कार्यरत थे. वह बीते 3 अक्टूबर को 6 दिन की छुट्टी लेकर अपने घर से निकले थे. उनका अवकाश 8 अक्टूबर तक स्वीकृत था. लेकिन मंगलवार की सुबह उनकी कार जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में नहर के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली. कार के पास अनिरुद्ध का पुलिस आईडी कार्ड, उनके जूते और मोबाइल फोन पड़े हुए थे.
वीडियो में ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोपअपनी जान देने से कुछ मिनट पहले कॉन्स्टेबल ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया था. इस वीडियो में वह स्पष्ट रूप से अपने ससुराल वालों पर उन्हें कई सालों से परेशान और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में अनिरुद्ध ने अपनी पत्नी राजलक्ष्मी, ससुर नरपत सिंह, साले खुशाल सिंह और लक्ष्मण सिंह, सासु विनोद कंवर, और साले लक्ष्मण सिंह के ससुर महेंद्र सिंह झाला सीसवी और उनके लड़के का नाम लिया है. अनिरुद्ध ने आरोप लगाया कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और मरने के लिए कहा गया. उन्होंने यह भी कहा कि महेंद्र सिंह झाला सीसवी ने उन्हें नाथद्वारा होटल में बुलाकर उनके साथ बदतमीजी की और उन्हें जान से मारने की कोशिश की. अनिरुद्ध ने यह भी बताया कि उनके ससुराल वालों ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर वह नहीं मरे, तो वे उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवाएंगे. बताया जा रहा है कि अनिरुद्ध का एक 11 साल का बेटा भी है. कुछ साल पहले उनकी पत्नी उनके साथ आबूरोड में ही रहती थी, लेकिन वहां भी पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. पुलिस अब इस वीडियो को अहम सुराग मानकर मामले की गहनता से जांच कर रही है. परिजनों का धरना और गिरफ्तारी की मांगइस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है.
अनिरुद्ध सिंह के परिजनों ने पुलिस थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है. परिवार वालों का स्पष्ट कहना है कि जब तक पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे. परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव के साथ धरने पर बैठ गए हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी परिजनों से समझाइश करने का प्रयास कर रहे हैं.पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांचपोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन गतिरोध अभी भी जारी है. पुलिस अधिकारी अब मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और मैसेज की भी जांच कर रहे हैं, ताकि पता चल सके कि घटना से पहले उनकी किन लोगों से बातचीत हुई थी. इसके साथ ही आबूरोड में उनके सहकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या अनिरुद्ध ने कभी अपने तनाव या पारिवारिक समस्या के बारे में किसी से जिक्र किया था. पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच की जाएगी. धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे.
पुलिस ने शव को नहर से निकालालावारिस कार और सामान को देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची मोहनगढ़ थाना पुलिस ने जब आईडी कार्ड देखा, तो तुरंत आबूरोड सदर पुलिस थाने के सीआई प्रदीप डांगा से संपर्क किया. इसके बाद गोताखोरों की मदद से नहर में तलाशी अभियान चलाया गया और कड़ी मशक्कत के बाद अनिरुद्ध सिंह का शव पानी से बाहर निकाला गया. पुलिस ने तुरंत इस दुखद घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी.
परिजनों का धरना और गिरफ्तारी की मांगइस मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. अनिरुद्ध सिंह के परिजनों ने पुलिस थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है. परिवार वालों का स्पष्ट कहना है कि जब तक पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे. परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव के साथ धरने पर बैठ गए हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी परिजनों से समझाइश करने का प्रयास कर रहे हैं.
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांचपोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन गतिरोध अभी भी जारी है. पुलिस अधिकारी अब मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और मैसेज की भी जांच कर रहे हैं, ताकि पता चल सके कि घटना से पहले उनकी किन लोगों से बातचीत हुई थी. इसके साथ ही आबूरोड में उनके सहकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या अनिरुद्ध ने कभी अपने तनाव या पारिवारिक समस्या के बारे में किसी से जिक्र किया था. पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच की जाएगी. धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे.



