LIVE: राहुल गांधी बस में बैठे, लंच के बाद राजघाट रवाना हुए इंडिया ब्लॉक के सांसद, खरगे बोले- सद्बुद्धि मिले

नई दिल्ली: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन आज (08 अक्टूबर 2026) भी जारी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित लंच मीटिंग के बाद इंडिया ब्लॉक के सांसद बसों में सवार होकर राजघाट के लिए रवाना हुए. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी सांसदों के साथ बस में बैठे नजर आए. खरगे ने कहा कि विपक्षी सांसद महात्मा गांधी के स्मारक पर जाकर प्रार्थना करेंगे और सरकार को सद्बुद्धि मिलने की कामना करेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है.
राजघाट के लिए रवाना होने से पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सदस्य गांधी स्मारक पर जाकर शांतिपूर्ण धरना देंगे और प्रार्थना करेंगे. खरगे ने कहा, ‘हम यही प्रार्थना करते हैं कि बीजेपी सरकार, मोदी और शाह को सद्बुद्धि दे. बढ़ती महंगाई और यूथ के विरोध में जो भी समस्या है वो खत्म हो.’ उन्होंने कहा कि विपक्ष महात्मा गांधी के स्मारक पर जाकर सरकार को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना करेगा. उनके मुताबिक विपक्ष का मुद्दा सिर्फ एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है. वह इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और वोट के अधिकार से जोड़ रहे हैं.
खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार उन अधिकारों को कमजोर कर रही है जिन्हें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं के संघर्ष से हासिल किया गया था. उन्होंने वोट के अधिकार और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई. राजघाट पहुंचने का फैसला ऐसे समय में हुआ है जब दिल्ली पुलिस ने पहले ही इलाके में किसी तरह की भीड़ और प्रदर्शन को लेकर प्रतिबंध लागू कर दिए हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं. उनका आरोप है कि उन्हें प्रदर्शन करने नहीं दिया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष का आंदोलन शांतिपूर्ण है और उसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को सामने रखना है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है उनके खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने भरोसा जताया कि समय लग सकता है लेकिन कार्रवाई जरूर होगी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात को लेकर कांग्रेस ने क्या बताया?
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है. वेणुगोपाल के मुताबिक पहला अनुरोध 2 अक्टूबर को भेजा गया था. इसके बाद राष्ट्रपति भवन की ओर से बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे गए थे. कांग्रेस ने 5 अक्टूबर को नेताओं के नाम के साथ दोबारा अनुरोध भेजा और 7, 8 या 9 अक्टूबर को मुलाकात का समय देने का आग्रह किया.
कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति के सामने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े अपने सवाल रखना चाहता है. गुरुवार की रिपोर्टों में राष्ट्रपति से मिलने के लिए विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है. वेणुगोपाल ने बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था में ‘अराजकता पैदा करने’ का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ रहा है.
बुधवार को भी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने जंतर-मंतर जाने की कोशिश की थी. दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था. यह दो दिनों में राहुल गांधी की दूसरी हिरासत थी.
इससे पहले मंगलवार को भी विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था. पुलिस ने उस मार्च को भी रोक दिया था. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बाद में आकाशवाणी भवन के पास धरने पर बैठ गए थे. यह धरना कई घंटे चला था.
विपक्ष का कहना है कि जंतर-मंतर देश में प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगहों में शामिल है. इसलिए सांसदों को वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से नहीं रोका जाना चाहिए. पुलिस की ओर से बताया गया कि नई दिल्ली इलाके में लागू प्रतिबंधों के कारण बिना अनुमति मार्च और प्रदर्शन की इजाजत नहीं थी. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए भी पूर्व अनुमति की जरूरत बताई गई.
एसआईआर और वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष की आपत्ति क्या है?
इंडिया ब्लॉक के मौजूदा आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन है. विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और मतदाता अधिकार प्रभावित होने का खतरा है.
राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़कर देख रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची में बदलाव को लेकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और राजनीतिक दलों के सवालों का समाधान करना चाहिए.
दूसरी तरफ चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं. सरकार और चुनावी तंत्र का पक्ष यह है कि मतदाता सूची को अपडेट करने का उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है. इसी मुद्दे पर दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक टकराव बढ़ा है.
विपक्ष के प्रदर्शन पर बीजेपी ने क्या कहा?
कांग्रेस के राजघाट मार्च को लेकर बीजेपी ने भी हमला तेज कर दिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस के आंदोलन पर तंज कसते हुए इसे राजनीतिक ड्रामा बताया. नकवी ने कहा, ‘इनकी जो स्ट्रीट फसाद से स्ट्रीट फाइटर बनने की सनक है, वह फटाफट गड़बड़ी और खटाखट हड़बड़ी के रूप में दिख रही है.’ उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने एसआईआर को संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि विपक्ष चुनावी हार की स्थिति में पहले से ही चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने की रणनीति बना रहा है.
क्या राजघाट पर भी पुलिस और विपक्ष के बीच टकराव हो सकता है?
राजघाट और आसपास के इलाके में भी पुलिस ने भीड़ और प्रदर्शन को लेकर प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों को राजघाट और आसपास की कुछ सड़कों से बचने की सलाह दी है. राजघाट के आसपास पहले से ही प्रतिबंध लागू होने के कारण गुरुवार का घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो गया है. कांग्रेस और उसके सहयोगी दल शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कर रहे हैं. पुलिस कानून-व्यवस्था और प्रतिबंधों के आधार पर कार्रवाई की तैयारी में है.



