राजस्थान में संतों की मौत के मामलों पर उबाल, सिरोही में संत त्रिवेणीगिरी की मौत पर थाने के बाहर धरना

Last Updated:October 10, 2026, 16:30 IST
Anger over death of Saint Trivenigiri: राजस्थान के सिरोही जिले के शिवगंज में संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध मौत के मामले में संत समाज का गुस्सा फूट पड़ा है. निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर संत शिवगंज थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं. धरने के दौरान संत हर-हर महादेव और सनातन बचाओ के नारे लगाते हुए लोगों को संबोधित कर रहे हैं. उनका कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो और दूसरे सभी साक्ष्यों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए.
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सिरोही में संत त्रिवेणीगिरी की मौत पर उबाल, थाने के बाहर धरना.
सिरोही. राजस्थान में संतों की मौत के मामलों को लेकर संत समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है. सिरोही जिले के शिवगंज में संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध मौत के मामले ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है. साधु-संत शिवगंज थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उनकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी साक्ष्यों को देखा जाए और जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
संत समाज पुलिस की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है. इसी नाराजगी के चलते शनिवार सुबह 11 बजे थाने का घेराव कर धरने पर बैठने का आह्वान किया गया था. संतों ने 36 कौम के लोगों और सनातन धर्म में आस्था रखने वालों से भी एकजुट होकर साथ देने की अपील की है.
थाने के बाहर संतों का पड़ाव, एसपी और कलेक्टर को बुलाने की मांगशिवगंज में साधु-संत थाने के बाहर पड़ाव डालकर बैठे हैं. वे मौके पर सिरोही पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर को बुलाने की मांग कर रहे हैं. संतों का कहना है कि उन्हें इस मामले में सिर्फ न्याय चाहिए. जब तक मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनकी नाराजगी दूर नहीं होगी. धरने के दौरान संत हर-हर महादेव और सनातन बचाओ के नारे लगाते हुए लोगों को संबोधित कर रहे हैं. उनका कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो और दूसरे सभी साक्ष्यों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए. संत समाज चाहता है कि पुलिस किसी दबाव में आए बिना पूरे मामले की जांच करे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो.
संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत को लेकर उठ रहे सवालसंत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत को लेकर संत समाज ने सवाल उठाए हैं. संत इस मामले को हत्या की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं. हालांकि, मौत के मामले में अंतिम सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी. पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट संतों ने अब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है. उनका कहना है कि वीडियो समेत हर सबूत को गंभीरता से देखा जाना चाहिए. संतों की मांग है कि पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मामले की जांच को लेकर स्थिति साफ की जाए.
धरने में पहुंचे पूर्व सीएम के सलाहकार संयम लोढ़ाशिवगंज में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा भी मौके पर पहुंचे. यहां साधु-संत सिरोही पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने भाजपा को लेकर भी नाराजगी जताई. संतों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का मामला नहीं, बल्कि न्याय का सवाल है. उनकी मांग है कि मौत के मामले में पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कार्रवाई हो. फिलहाल धरने के बीच संत समाज की नजर पुलिस और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है.
झुंझुनूं में संत सूरजदास महाराज की मौत से भी भड़का था आक्रोशसंत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले झुंझुनूं जिले के लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास महाराज की मौत को लेकर भी इलाके में भारी नाराजगी देखने को मिली थी. संत सूरजदास महाराज का शव पहाड़ी की गहरी खाई में झाड़ियों के बीच मिला था. शुरुआती दौर में मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे और संत समाज ने हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की थी. उस समय संतों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी थी कि महाराज की पार्थिव देह को ससम्मान नीचे नहीं लाया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है. संतों के गुस्से को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए थे. लोहार्गल में संतों और स्थानीय लोगों का जमावड़ा लगा था.
संतों की सुरक्षा और मौत के मामलों की जांच पर उठे सवालशिवगंज और लोहार्गल के मामलों ने संतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. धार्मिक स्थलों और मंदिरों में रहने वाले साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर अब आवाज उठ रही है. संत समाज चाहता है कि ऐसी घटनाओं की जांच में किसी तरह की लापरवाही न हो और हर मामले में सच्चाई सामने लाई जाए. शिवगंज में संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत के मामले में भी संतों की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है. अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन संत समाज की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Sirohi,Sirohi,Rajasthan
First Published :
October 10, 2026, 16:30 IST



