Rajasthan Cyber Crime Fraud Report

Last Updated:October 15, 2026, 09:49 IST
Rajasthan Cyber Crime Fraud Report: राजस्थान में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच साइबर ठगों ने 1.48 लाख से ज्यादा लोगों से 574 करोड़ रुपये ठग लिए. पुलिस ने 162.59 करोड़ रुपये होल्ड जरूर कराए, लेकिन पीड़ितों को केवल 9.93 करोड़ रुपये ही वापस मिल सके हैं. अकेले जयपुर में 28 हजार लोग ठगी के शिकार हुए. शहर में हाल ही में एक ही दिन में 6 लोगों से 13.88 लाख रुपये ऐंठने के मामले मुरलीपुरा, करणी विहार, वैशाली नगर और करधनी थानों में दर्ज किए गए हैं.
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Rajasthan Cyber Crime News : 9 महीने में 574 करोड़ की ठगी, पुलिस लौटा सकी सिर्फ 9.93 करोड़
Jaipur: राजस्थान में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है. राज्य में जनवरी 2026 से सितंबर 2026 तक के 9 महीनों में साइबर ठगों ने 1,48,820 बेकसूर लोगों को अपना शिकार बनाते हुए कुल 574 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत 162.59 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में होल्ड (फ्रीज) कराए जाने में सफलता मिली, लेकिन पीड़ितों के खातों में पुलिस अब तक केवल 9.93 करोड़ रुपये ही वापस लौटा पाई है. अकेले जयपुर कमिश्नरेट में ही इस अवधि के दौरान लगभग 28 हजार नागरिक साइबर फ्रॉड का शिकार बन चुके हैं.
साइबर अपराध का गढ़ बनती जा रही राजधानी जयपुर में हाल ही में एक ही दिन में 6 अलग-अलग लोगों से 13.88 लाख रुपये ठगे जाने के मामले सामने आए हैं. साइबर हेल्पलाइन 1930 पर पीड़ितों द्वारा शिकायत दर्ज कराने और ई-एफआईआर (e-FIR) जनरेट होने के बाद संबंधित थानों की पुलिस कॉल डिटेल और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर
मामलों की जांच कर रही है:
मुरलीपुरा थाना: आर्य नगर निवासी ताराचंद सोनी से साइबर ठगों ने 1,49,998 रुपये ठग लिए.
करणी विहार थाना (मामला 1): केस दर्ज कराते हुए करणी विहार के दीपक मिश्रा ने 2,64,162 रुपये की ठगी का खुलासा किया.
वैशाली नगर थाना: बिहार के मुंगेर निवासी संजीव कुमार सिंह से 1,72,396 रुपये एंठ लिए गए.
करणी विहार थाना (मामला 2): विनायक एन्क्लेव निवासी जयदेव सिंह के साथ 3,06,925 रुपये का फ्रॉड हुआ.
करणी विहार थाना (मामला 3): गोकुल नगर के गौरी शंकर ने 1,99,905 रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई.
करधनी थाना: प्रकाश नगर 9 दुकान निवासी विकास अग्रवाल के साथ 2,95,000 रुपये का फ्रॉड हुआ.
हेल्पलाइन 1930 और पुलिस की कार्रवाईसाइबर ठगी की शिकार जनता की मदद के लिए पुलिस हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर त्वरित वित्तीय होल्ड लगाने का प्रयास करती है. इसके बाद मामलों को जांच के लिए मुरलीपुरा, करणी विहार, वैशाली नगर और करधनी जैसे संबंधित पुलिस थानों में ट्रांसफर किया जाता है. ट्रांजैक्शन ट्रेल और कॉल रिकॉर्ड्स खंगालकर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, लेकिन रिकवरी दर काफी कम होने की वजह से पीड़ितों की चिंता लगातार बढ़ रही है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 15, 2026, 09:49 IST



